Sagar : बर्तन खरीदी घोटाला : राहतगढ़ बीआरसी के खिलाफ कार्रवाई हो : देवेंद्र फुसकेले , जिला मंत्री भाजपा
पीएम पोषण योजना अंतर्गत जिले की शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में मध्यान्ह भोजन के क्रियान्वयन हेतु भोजन बनाने, परोसने एवं भंडारण के बर्तन रिप्लेसमेंट करने हेतु जिला पंचायत द्वारा शासन से प्राप्त राशि सभी विकासखण्ड के विकास खंड स्रोत समन्वयक के खातों में राशि भेजी गई थी लेकिन अधिकांश विकासखण्ड में यह राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है । राहतगढ़ बीआरसीसी ने नियमों को ताक पर रखकर स्वयं ही बर्तनों की खरीदी कर ली। बेहद घटिया क्वालिटी के एवं बिना डिमांड के बर्तन भेजे जाने से शिक्षकों में नाराजगी है।गौरतलब है कि पीएम पोषण योजना अंतर्गत जिले के विकासखंडो को मध्यान्ह भोजन के क्रियान्वयन हेतु बर्तन खरीदने राशि जारी की गई थी।यह राशि शाला में दर्ज बच्चों की मान से स्वीकृत की गई थी। इसी योजना के तहत राहतगढ़ विकासखंड की 312 स्कूलों में बर्तन खरीदने के लिए जिला पंचायत द्वारा शासन से प्राप्त 50 लाख 45 हजार रुपए की राशि बीआरसीसी राहतगढ़ के खाते में माह नवंबर 2024 में डाली गई थी। इस राशि की बंदर बांट करके बीआरसीसी ने बर्तनों की खरीदी स्वयं कर स्कूलों में घटिया किस्म के बर्तन भिजवा कर स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से पावती ले ली।
खातों में ट्रांसफर होना थी राशि
मध्यान्ह भोजन के लिए शालाओं में बर्तन खरीदे जाने के लिए नियमों के तहत शाला प्रबंधन समिति एवं शाला के लिए नियुक्त महिला स्व सहायता समूह का पीएफएस वेंडर बनाकर शालाओं के लिए राशि जारी की जाना थी फिर खरीदे गए बर्तनों का स्पेसिफिकेशन जिला स्तर पर किया जाना था लेकिन राहतगढ़ बीआरसी जेपी पटेल ने इन नियमों को ताक पर रखकर स्वयं बर्तनों की खरीदी कर ली।
शाला प्रबंधन समितियां से नहीं मंगाई डिमांड-
शिक्षा विभाग के नियम अनुसार शाला में गणवेश, साइकिल, पुस्तक, मध्यान्ह भोजन बर्तन आदि सामग्री की आवश्यकता अनुसार पहले शाला प्रबंधन समिति से डिमांड पत्र मंगाया जाता है फिर उसके बाद राशि या फिर सामग्री शालाओं को उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन राहतगढ़ बीआरसीसी ने बर्तन खरीदी के मामले में ऐसे किसी भी नियम का पालन नहीं किया और लगभग 50 लाख से अधिक की राशि के बर्तनों की खरीदी कर ली और बर्तन स्कूलों में भेज दिए गए । इतनी बड़ी राशि खर्च करने में किसी भी प्रकार की क्रय समिति भी नहीं बनाई गई।
बीआरसीसी ने तीन फार्मो से खरीदे बर्तन
गौर करने लायक बात यह है एक ही व्यक्ति बीआरसीसी राहतगढ़ जेपी पटेल ने बगैर पारदर्शिता के एक ही परिवार की तीन अलग-अलग फर्मो से संबंधित शालाओं के प्रधानाध्यापकों के नाम पर अलग-अलग तारीखों में बिल बनवाकर बर्तन खरीदकर इस साबित करने का प्रयास किया है कि बर्तन शालाओं के प्रभारी द्वारा ही खरीदे गए हैं। विकासखण्ड की शालाओं के लिए जिन दुकानों से बर्तन खरीदे गए हैं उनमें अहर्र श्री लिंक रोड सागर, राजश्री पात्र हाउस फननूसा कुंआ के पास तीन बत्ती सागर एवं सिद्धम श्री सरस्वती वाचनालय के बाजू में गौर मूर्ति सागर शामिल है। गौरतलब है कि इन तीनों दुकानों के मालिक एक ही परिवार के सदस्य हैं। इस फर्म पर पूर्व कर चोरी के मामले में इनकम टैक्स का छापा भी पड़ चुका है।
खरीददार एक, विक्रेता एक, लेकिन रेट अलग-अलग-
राहतगढ़ विकासखंड अंतर्गत मध्यान्ह भोजन के लिए सभी स्कूलों के लिए की खरीददारी बीआरसीसी राहतगढ़ जेपी पटेल द्वारा की गई और एक ही फर्म की तीन अलग-अलग दुकानों से शाला प्रधानाध्यापकों के नाम पर बिलिंग कराई गई लेकिन फिर भी बर्तनों के रेट अलग-अलग हो गए। शासकीय प्राथमिक शाला जरारा को प्रदाय दो स्टील टंकी का रेट 1490 रुपया है, तो माध्यमिक शाला जरारा को प्रदाय टंकी का रेट ₹1120 रुपया है। माध्यमिक शाला जरारा के लिए इन्हीं दो टंकियों की कीमत 3080 रूपए हो गई है। जरारा स्कूल में प्रदाय कुकर की कीमत 18 सो रुपए है तो जेरई स्कूल के लिए यह कीमत 1850 रुपया हो गई है। इसी तरह किसी स्कूल के लिए दो गंज अल्युमिनियम की कीमत 1740 ₹ तो किसी में 1525 रूपए, किसी स्कूल में 3028 रूपए हो गई है। इसी तरह तसला, बाल्टी, कढ़ाई आदि के रेट भी भिन्न है।
सभी बिल फिक्स रेट के बने
राहतगढ़ बीआरसी जेपी पटेल द्वारा यह खरीदे गए बर्तनों के बिलों में खास बात यह है की सभी बिल दस हजार, पन्द्रह हजार एवं बीस हजार के है । किसी भी बिल में राशि उक्त से कम या बढ़ नहीं है। बिलों में जीएसटी का कोई उल्लेख भी नहीं है।
घटिया क्वालिटी के बर्तन-
बीआरसीसी राहतगढ़ द्वारा जो एक तरफा बर्तनों की खरीदारी की गई है वे बेहद घटिया क्वालिटी के हैं। छोटी टंकी को बड़ी दर्शाया गया है। गिलास, चम्मच, थाली बेहद घटिया क्वालिटी के हैं। सूत्रों ने बताया कि बीआरसीसी अब स्वयं को बचाने के लिए स्वयं एवं अपने चहेतों से दबाव बनाकर शालाओं के प्रभारियों से डिमांड पत्र लेने प्रयास में लगे है । जिन शिक्षकों ने बिलों की पावती पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं उन्हें किसी न किसी रूप में प्रताड़ित कर वेतन काटने या सस्पेंड करने की धमकी दी जा रही है। राहतगढ़ ब्लॉक में बर्तनों खरीदी में हुई गड़बड़ी के मामले में एक प्रश्न नरयावली विधायक प्रदीप लारिया द्वारा भी विधानसभा में लगाया गया है।
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