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सागर में कांग्रेस का कैंडल मार्च: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और छात्रों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस का कैंडल मार्च

सागर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में शहर कांग्रेस का कैंडल मार्च निकालते कांग्रेस कार्यकर्ता।

तीनबत्ती न्यूज:  24 जुलाई 2026

सागर: जिला शहर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर  आज राजीव गांधी भवन, कांग्रेस कार्यालय से तीन बत्ती होते हुए जय स्तंभ, कटरा बाजार तक कैंडल लाइट मार्च निकाला गया।शहर कांग्रेस के कार्यकर्ता हाथों में कैंडल लेकर सड़कों पर उतरे और नीट, सीबीएसई परीक्षा में हुई अनियमितताओं तथा छात्रों पर हुई बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के विरोध में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

इस अवसर पर पूर्व विधायक सुनील जैन ने कहा कि नई दिल्ली में हुई अभूतपूर्व घटनाओं और देशव्यापी आंदोलन के क्रम में मोदी सरकार के कार्यकाल में नीट एवं सीबीएसई परीक्षा में हुई भारी अनियमितताओं तथा उसके बाद राज्य तंत्र द्वारा की गई दमनात्मक कार्रवाई से पूरा देश चिंतित है। इस बर्बर कार्रवाई ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। 

संगठन महामंत्री रामकुमार पचौरी ने कहा कि मोदी सरकार को देश के युवाओं के भविष्य की कोई चिंता नहीं है। परीक्षा प्रणाली में पूरी तरह विफल रहने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए। पुरुषोत्तम मुन्ना चौबे ने कहा कि आज सरकार जरूरी मुद्दों से दूरी बनाए हुए है, क्योंकि वह सरकारों को लूटने, राजनीतिक दलों को तोड़ने, ईवीएम का दुरुपयोग करने, संस्थाओं का दुरुपयोग करने में लगी है। 

प्रवक्ता कमलेश तिवारी ने कहा कि ये छात्र जब विदेशों से गोल्ड मेडल जीतकर लाते हैं तो यही मंत्री उनके साथ सेल्फी लेते हैं और जब यही छात्र सरकार की अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हैं तो उन पर लाठियां बरसाई जाती हैं। यह कैसा न्याय है? इतनी बर्बरता तो अंग्रेजों के राज में भी नहीं थी।

ये रहे शामिल

इस अवसर पर राकेश राय, पप्पू गुप्ता, सेवादल अध्यक्ष सिंटू कटारे डॉक्टर संदीप सबलोक, ब्लॉक अध्यक्ष हेमराज रजक वीरेंद्र राजे , लीलाधर सूर्यवंशी, भैयन पटेल, जितेंद्र रोहण, राहुल चौबे दीनदयाल तिवारी,विजय साहू दिनेश पटैरिया, संजय व्यास, रोशनी वसीम खान, किरण लता सोनी, अर्चना कनौजिया डॉक्टर गीता कुशवाहा रेखा सोनी, ज्योति मलैया निलेश अहिरवार फिरदौस कुरैशी, शाहबाज कुरैशी, तज्जु ख़ान, अनिल दक्ष ,मयंक ठक्कर, गोपाल प्रजापति,प्रभात भंडारी ,सुनील ठाकुर, अजय राजपूत ओमप्रकाश पांडे युवा कांग्रेस नेता चक्रेश रोहित,भूरे खटीक, लल्ला यादव, कल्लू पटेल, कल्लू गुप्ता, संजय जैन अरविंद मछंदर,मोनू वर्मा, नरेश सनकत  , सुरेश रैकवार विनोद रैकवार मानसिंह चौधरी देवेंद्र वाल्मीकि कपिल वाल्मीकि संजय सिंघई, आनंद अहिरवार संजय पाराशर मयंक ठक्कर सहित भारी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे।



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सागर: गौर व्याख्यान माला में बोले प्रो. डी.पी. सिंह, आत्मज्ञान और आध्यात्मिकता से बनेगा नया भारत

आत्मज्ञान और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण विद्यार्थी ही नए भारत का निर्माण करेंगे : प्रो. डी.पी. सिंह

गौर व्याख्यान माला का शुभारंभ, एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर हुआ मंथन



तीनबत्ती न्यूज: 24 जुलाई, 2026

सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के अभिमंच सभागार में शुक्रवार को गौर व्याख्यान माला का शुभारंभ राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष तथा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. डी.पी. सिंह ने कहा कि आत्मज्ञान और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण विद्यार्थी ही नए भारत का निर्माण कर सकते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य भारतीय जड़ों से जुड़े ऐसे वैश्विक नागरिक तैयार करना है, जो देश को विश्व नेतृत्व की ओर ले जाएं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. वाय.एस. ठाकुर ने की। विशिष्ट अतिथि कुलसचिव डॉ. सत्यप्रकाश उपाध्याय तथा कार्यक्रम संयोजक प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत मंचासीन रहे।

शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री नहीं, अच्छे इंसान का निर्माण


'राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 : क्रियान्वयन के विविध आयाम – नए भारत हेतु शिक्षा का रूपांतरण' विषय पर व्याख्यान देते हुए प्रो. डी.पी. सिंह ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों, संस्कृति, सामाजिक उत्तरदायित्व और नेतृत्व क्षमता से युक्त अच्छे नागरिक तैयार करना है।

उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के पांच स्तंभ, कौशल विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, ग्लोबल सिटीजन की अवधारणा, "लाइट बट टाइट" शिक्षा मॉडल, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट, बहुविषयक शिक्षा और पाठ्यक्रम आधारित अधिगम जैसे नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की।



सागर विश्वविद्यालय से जुड़ी अपनी यात्रा साझा की

प्रो. सिंह ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनकी पहली कुलपति के रूप में नियुक्ति डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में हुई थी। इसके बाद उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय, यूजीसी और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) तक की अपनी यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में दुर्घटनाएं कम करने के लिए चलाए गए अपने साइकिल अभियान को भी याद किया।

विश्वविद्यालय में बनेंगे 2,000 सीटों के आधुनिक छात्रावास

कुलपति प्रो. वाय.एस. ठाकुर ने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार ठोस कदम उठा रहा है। उन्होंने बताया कि वैली कैंपस में छात्राओं और छात्रों के लिए 1,000-1,000 सीटों वाले अत्याधुनिक छात्रावासों का निर्माण शुरू किया जा रहा है, जो मध्य भारत के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में छात्रावास अवसंरचना के सबसे बड़े विस्तारों में से एक होगा।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सूचना प्रौद्योगिकी, उद्यमिता, स्टार्टअप और उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि विद्यार्थी रोजगार तलाशने वाले नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बन सकें।



एनईपी के अधिकांश प्रावधान ऑनलाइन उपलब्ध

आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ एवं शिक्षा शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार जैन ने बताया कि विश्वविद्यालय में एनईपी-2020 के विभिन्न आयामों पर परिसंवाद आयोजित किए जा रहे हैं, जिनकी रिकॉर्डिंग विश्वविद्यालय के ईएमएमआरसी यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है। विश्वविद्यालय ने एनईपी पर विभिन्न भाषाओं में पुस्तकें प्रकाशित की हैं तथा अनुसंधान आधारित चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम शुरू कर दिया है। साथ ही एक वर्षीय पीजी कार्यक्रम की तैयारी पूरी कर ली गई है और समर्थ पोर्टल पर एनईपी के अधिकांश प्रावधान ऑनलाइन उपलब्ध करा दिए गए हैं।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. किरण आर्या ने किया। संगीत विभाग के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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Sagar News: स्कूली वाहनों पर बड़ी कार्रवाई, एलपीजी गैस किट वाली वैन समेत 3 वाहन जब्त

सागर में स्कूली वाहनों पर सख्ती: एलपीजी गैस किट वाली वैन समेत 3 वाहन जब्त, स्कूल बसों की सघन जांच



तीनबत्ती न्यूज: 24 जुलाई, 2026

सागर, 24 जुलाई 2026। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर शुक्रवार को सागर जिले में स्कूली वाहनों और अन्य यात्री वाहनों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया गया। गढ़पहरा, देवरी और शहरी क्षेत्र में गठित दो जांच दलों ने कुल 27 स्कूली एवं अन्य वाहनों की जांच की। कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले एक स्कूल बस, एक टाटा मैजिक और एक मारुति ओमनी वैन को जब्त किया गया, जबकि एक अन्य वाहन से एलपीजी गैस किट जब्त की गई।

जांच के दौरान देवरी में एक ओमनी वाहन (MP49BB1464) में एलपीजी गैस किट लगी मिली। हालांकि वाहन उस समय गैस किट से संचालित नहीं हो रहा था और उसका कनेक्शन अलग था। भविष्य में गैस किट का उपयोग रोकने के उद्देश्य से अधिकारियों ने मौके पर ही एलपीजी गैस किट जब्त कर ली।



इसके अलावा ओमनी वैन (MP09V7389) एलपीजी गैस किट से सवारियां ले जाते हुए पकड़ी गई। जांच में वाहन का बीमा अमान्य पाया गया और उसका पंजीयन भी छह वर्ष पहले समाप्त हो चुका था। वहीं स्कूल बस (MP11P0391) बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के पारस स्कूल के बच्चों का परिवहन करती मिली तथा टाटा मैजिक (MP15T2981) बिना बीमा और फिटनेस के संचालित पाई गई। तीनों वाहनों को जब्त कर सुरक्षित रूप से परिवहन कार्यालय परिसर में खड़ा कराया गया।

अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान अधिकांश स्कूल बसें निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित होती मिलीं, जिससे लगातार चल रही चेकिंग का सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है। हालांकि कुछ वाहन चालकों ने जांच से बचने के लिए रास्ता बदलने का प्रयास किया, लेकिन जांच दल ने उन्हें भी रोककर जांच की और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की।

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को एलपीजी गैस किट से संचालित अथवा अनफिट वाहनों में स्कूल न भेजें। साथ ही सभी स्कूल प्रबंधन से ऐसे वाहनों का प्रवेश रोकने की भी अपील की गई।

आरटीओ ने सभी स्कूल बस संचालकों को निर्देश दिए कि वे सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए स्पीड गवर्नर, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, मोटरयान कर, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, वैध हेवी लाइसेंसधारी चालक तथा निर्धारित वर्दी सहित सभी सुरक्षा मानकों का पालन करें। बैठक क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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सड़क सुरक्षा पर सख्ती: सागर में हर सड़क हादसे का होगा 'डेथ रिव्यू', अवैध मीडियन कट बनाने वालों पर एफआईआर • सुप्रीम कोर्ट सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष जस्टिस अभय मनोहर सप्रे ने ली बैठक; दुर्घटनाओं में मौतों का आंकड़ा 'शून्य' करने दिए सख्त निर्देश

सड़क सुरक्षा पर सख्ती: सागर में हर सड़क हादसे का होगा 'डेथ रिव्यू', अवैध मीडियन कट बनाने वालों पर एफआईआर

• सुप्रीम कोर्ट सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष जस्टिस अभय मनोहर सप्रे ने ली बैठक; दुर्घटनाओं में मौतों का आंकड़ा 'शून्य' करने दिए सख्त निर्देश




तीनबत्ती न्यूज: 24 जुलाई, 2026

सागर। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्य तक लाने के लक्ष्य के साथ सागर जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़े और सख्त फैसले लिए गए हैं। उच्चतम न्यायालय की सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अभय मनोहर सप्रे ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि "सड़क दुर्घटनाएं ईश्वर की मर्जी नहीं, बल्कि मानवीय और तकनीकी चूक का परिणाम हैं।" उन्होंने जिले में प्रत्येक सड़क दुर्घटना का वैज्ञानिक विश्लेषण करने, एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम कम करने और दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का आंकड़ा शून्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनोज तेनगुरिया, लोक निर्माण विभाग सहित एनएचएआई, एमपीआरडीसी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सागर को बनाया जाएगा सड़क सुरक्षा का मॉडल

जस्टिस सप्रे ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि जनभागीदारी से चलने वाला अभियान होना चाहिए। उन्होंने सागर को प्रदेश और देश के लिए सड़क सुरक्षा का आदर्श मॉडल बनाने का आह्वान किया। समीक्षा में सामने आया कि जिले के कई ब्लैक स्पॉट्स पर किए गए सुधारों से दुर्घटनाओं और जनहानि में कमी आई है। शेष ब्लैक स्पॉट्स पर भी जल्द सुधार कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए।



हेलमेट और सीट बेल्ट को लेकर चलेगा विशेष अभियान

बैठक में हेलमेट और सीट बेल्ट के कम उपयोग पर चिंता व्यक्त की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि केवल चालानी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनजागरूकता अभियान चलाकर हेलमेट और सीट बेल्ट को लोगों की दैनिक आदत बनाया जाए।

गड्ढों की होगी तत्काल मरम्मत

सभी सड़क एजेंसियों को जिले की सड़कों का सर्वे कर गड्ढों की तत्काल मरम्मत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही भविष्य में बनने वाली सड़क परियोजनाओं में गुणवत्ता और सुरक्षित डिजाइन सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि नए ब्लैक स्पॉट्स न बनें।

152 दुर्घटना संभावित स्थलों पर होगा सुधार

सेवलाइफ फाउंडेशन द्वारा चिन्हित 152 दुर्घटना संभावित स्थलों और एनएच-44 के ब्लैक स्पॉट्स पर त्वरित इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार करने के निर्देश दिए गए। यह अभियान मध्यप्रदेश के छह संवेदनशील जिलों—सागर, धार, सतना, रीवा, जबलपुर और खरगोन—में संचालित किया जा रहा है।

'नो हेलमेट-नो अटेंडेंस' और 'नो हेलमेट-नो फ्यूल' पर चर्चा

बैठक में सुझाव दिया गया कि सभी शासकीय कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनकर कार्यालय आना अनिवार्य किया जाए। बिना हेलमेट आने पर उपस्थिति दर्ज न करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा अगले दो माह में जिले के पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने की व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू करने पर भी चर्चा हुई।

डेथ रिव्यू कमेटी करेगी हर हादसे की जांच

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि जिले में होने वाली प्रत्येक घातक सड़क दुर्घटना का वैज्ञानिक विश्लेषण करने के लिए डेथ रिव्यू कमेटी गठित की जाएगी। यह समिति दुर्घटना के कारण, समय, स्थान, वाहन के प्रकार, हेलमेट या सीट बेल्ट के उपयोग सहित सभी पहलुओं का अध्ययन करेगी।

अवैध मीडियन कट बनाने वालों पर होगी एफआईआर

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य सड़कों पर बिना अनुमति अवैध मीडियन कट बनाने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके अलावा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ ब्रेथ एनालाइजर से नियमित जांच, ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन आवर में इलाज उपलब्ध कराने के लिए एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम कम करने पर भी जोर दिया गया।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा ISI प्रमाणित हेलमेट पहनें, चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग करें, ओवरस्पीडिंग से बचें और सभी यातायात नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में सहयोग करें।


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Guru Purnima 2026: सागर में 1 करोड़ हरिद्रा-कुमकुम अर्चन, रावतपुरा सरकार का महाआयोजन

गुरु पूर्णिमा पर सागर में ऐतिहासिक महाआयोजन: माँ राजराजेश्वरी के चरणों में होगा 1 करोड़ हरिद्रा-कुमकुम अर्चन, जुटेंगे 1 लाख श्रद्धालु

• 20 एकड़ के विशाल परिसर में होगा दिव्य आयोजन, 1100 विद्वान पंडित करेंगे वैदिक मंत्रोच्चार

• विश्व शांति, समृद्धि और सनातन संस्कृति के संवर्धन का सामूहिक संकल्प

रावतपुरा सरकार मीडिया से चर्चा करते हुए)

तीनबत्ती न्यूज: 24 जुलाई, 2026

सागर। गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई) के पावन अवसर पर सागर के श्री बालाजी मंदिर परिसर में "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन लक्ष्मी प्राप्ति महाअनुष्ठान" का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर माँ राजराजेश्वरी एवं माँ ललिता त्रिपुरसुंदरी के श्रीचरणों में 1 करोड़ हरिद्रा (हल्दी) एवं कुमकुम अर्चन किया जाएगा। आयोजन को लेकर श्री रावतपुरा सरकार महाराज श्री रविशंकर जी महाराज ने मीडिया से विस्तार से चर्चा करते हुए गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक महत्व, समाज, युवाओं और पत्रकारिता की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।

महाराज श्री ने कहा कि पत्रकार जगत मानवता का चौथा स्तंभ है। समाज को सही दिशा देने और सत्य को सामने लाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सागर में डॉ. हरिसिंह गौर के सपनों को साकार करने का कार्य निरंतर आगे बढ़ रहा है और यह शहर शिक्षा, संस्कृति एवं आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड संतों की तपोभूमि है। यहां अनेक संतों, महात्माओं और ऋषियों ने तपस्या कर इस भूमि को पवित्र बनाया है। इसी कारण उन्होंने इस वर्ष सागर में चतुर्मास करने का निर्णय लिया है।

गुरु पूर्णिमा की आराधना से बढ़ती है सुख-समृद्धि

महाराज श्री ने कहा कि पूर्णिमा अत्यंत शक्तिशाली और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण तिथि होती है। विशेष रूप से गुरु पूर्णिमा पर की गई आराधना, साधना और जप से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष गुरु पूर्णिमा पर विशेष ग्रह योग का संयोग भी बन रहा है, जिससे यह तिथि साधना और देवी उपासना के लिए अत्यंत फलदायी मानी जा रही है।

युवाओं को दिया सफलता का मंत्र

महाराज श्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि "युवा भविष्य के सूरज हैं।" उन्होंने कहा कि जीवन में निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। यदि असफलता मिले तो निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र की अपनी मर्यादाएं और सीमाएं होती हैं, जिनका पालन करना आवश्यक है। जीवन में यदि कोई समस्या आती है तो उसका समाधान भी अवश्य होता है। धैर्य, संयम, प्रतीक्षा और निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी हैं। अच्छी सलाह और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करता है।

गुरु, संत, वैद्य और मंत्री की सलाह समाज के लिए महत्वपूर्ण

महाराज श्री ने कहा कि गुरु, संत, वैद्य और मंत्री का कर्तव्य है कि वे सदैव समाज को उचित और हितकारी सलाह दें, क्योंकि ये ऐसे व्यक्ति होते हैं जो बड़े समूह का मार्गदर्शन करते हैं। इसलिए उनका संयमित और उत्तरदायित्वपूर्ण होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उनकी दृष्टि में सभी श्रद्धालु समान हैं। कोई छोटा या बड़ा नहीं है। वे सदैव सभी के कल्याण की प्रार्थना करते हैं। ईश्वर की कृपा उसी पर होती है जिसकी सोच सकारात्मक हो और जो कर्मशील होकर समाज व स्वयं के उत्थान के लिए कार्य करता रहे।



29 जुलाई को होगा 1 करोड़ हरिद्रा-कुमकुम अर्चन


मीडिया को जानकारी देते हुए महाराज श्री ने बताया कि 29 जुलाई को श्री बालाजी मंदिर परिसर में "माँ राजराजेश्वरी हरिद्रा कोटि कुमकुमार्चन लक्ष्मी प्राप्ति महाअनुष्ठान" आयोजित किया जाएगा। इस महाअनुष्ठान में माँ राजराजेश्वरी एवं माँ ललिता त्रिपुरसुंदरी के श्रीचरणों में 1 करोड़ हरिद्रा (हल्दी) एवं कुमकुम अर्चन किया जाएगा। यह आयोजन विश्व शांति, सुख-समृद्धि, आध्यात्मिक उन्नति तथा सनातन संस्कृति के संवर्धन के उद्देश्य से किया जा रहा है।

20 एकड़ में तैयारियां, 1 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना

आयोजन समिति के अनुसार देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 1 लाख श्रद्धालुओं के इस महाअनुष्ठान में शामिल होने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में विशाल आयोजन स्थल तैयार किया गया है। पूरे अनुष्ठान के दौरान 1100 विद्वान पंडित वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन एवं अर्चन संपन्न कराएंगे।



महाराज श्री ने कहा कि माँ राजराजेश्वरी की इस दिव्य आराधना के दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं के मन में शांति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है तथा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है।

विशाल स्तर पर पूजन सामग्री की व्यवस्था

इस ऐतिहासिक महाअनुष्ठान के लिए बड़े पैमाने पर पूजन सामग्री की व्यवस्था की गई है—


हल्दी – 100 क्विंटल

चांदी के सिक्के – 1,100

सोने के सिक्के – 1,100

बूंदी के लड्डू – सवा लाख

आम – 11 टन

केले – 11 टन

चुनरी – 11,000

नारियल – 15,000

बताशा – 11 क्विंटल

बीड़ा पान – 1 लाख

खुला पान – 1 लाख

कमल पुष्प – 11,000

साड़ियां – 11,000

किशमिश – 11 क्विंटल

पेठा – 5 क्विंटल


धार्मिक दृष्टि से अत्यंत दुर्लभ अनुष्ठान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माँ राजराजेश्वरी ललिता त्रिपुरसुंदरी का हरिद्रा-कुमकुम अर्चन अत्यंत प्रभावशाली एवं कल्याणकारी महाविद्या साधना मानी जाती है। शास्त्रों में इसका उल्लेख भगवान शिव द्वारा प्रदत्त दिव्य साधना के रूप में मिलता है, जिसे प्राचीन काल से देवी-देवताओं, ऋषियों, सिद्ध योगियों और संत-महात्माओं द्वारा संपन्न किया जाता रहा है।

श्रद्धालुओं को मिलने वाले आध्यात्मिक लाभ

आयोजन समिति के अनुसार इस महाअनुष्ठान में श्रद्धापूर्वक सहभागी बनने से श्रद्धालुओं को अनेक आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होने की मान्यता है—

धन एवं वैभव की प्राप्ति

माँ लक्ष्मी की विशेष कृपा

व्यापार एवं रोजगार में उन्नति

पारिवारिक सुख-समृद्धि

आध्यात्मिक उन्नति एवं मानसिक शांति

नवग्रह एवं कालसर्प दोष की शांति

रोग, दुःख एवं मानसिक कष्टों से राहत

मनोकामनाओं की पूर्ति


सभी श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क रहेगा आयोजन

आयोजन समिति ने बताया कि यह पूरा महाअनुष्ठान पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। इसमें महिला, पुरुष, युवा, बच्चे एवं वरिष्ठ नागरिक सहित सभी श्रद्धालु बिना किसी शुल्क के सम्मिलित होकर माँ राजराजेश्वरी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित यह विराट धार्मिक आयोजन सागर ही नहीं, बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में शामिल होने जा रहा है। आयोजन समिति को विश्वास है कि यह महाअनुष्ठान विश्व कल्याण, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरण का सशक्त संदेश देगा।

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JNPA सागर में 43 आबकारी अधिकारियों का दीक्षांत समारोह संपन्न, राष्ट्र सेवा की दिलाई शपथ

जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी में गूंजा राष्ट्र सेवा का संकल्प, 43 आबकारी अधिकारियों का भव्य दीक्षांत समारोह संपन्न


तीनबत्ती न्यूज: 23 जुलाई, 2026

सागर। जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी (जेएनपीए), सागर में गुरुवार को अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र सेवा की भावना से ओतप्रोत जिला आबकारी अधिकारी एवं आबकारी उप-निरीक्षकों का भव्य दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। दो माह के कठोर बुनियादी प्रशिक्षण (18 मई से 23 जुलाई 2026) के सफल समापन पर 43 नव-प्रशिक्षित अधिकारियों ने राष्ट्र सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और कानून के शासन को बनाए रखने की शपथ ली।




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यह समारोह विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) श्री रवि कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन तथा जवाहरलाल नेहरू पुलिस अकादमी की पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रतिमा पटेल के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।

अनुशासित मार्च-पास्ट ने बांधा समां

समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि द्वारा परेड की सलामी लेने के साथ हुई। प्रशिक्षु अधिकारियों ने शानदार मार्च-पास्ट और अनुशासित कदमताल का प्रदर्शन करते हुए अपने प्रशिक्षण की उत्कृष्टता का परिचय दिया। पूरे परिसर में राष्ट्रभक्ति और गौरव का वातावरण देखने को मिला।


उत्कृष्ट प्रशिक्षुओं का हुआ सम्मान

मार्च-पास्ट के बाद सभी अधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। प्रशिक्षण अवधि के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

"कर्तव्यनिष्ठा से निभाएं राष्ट्र सेवा"

अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक जेएनपीए श्रीमती प्रतिमा पटेल ने कहा कि यह उपलब्धि केवल प्रशिक्षण पूरा करने का प्रमाण नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन और समर्पण की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सभी नव-प्रशिक्षित अधिकारी पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ कानून व्यवस्था को मजबूत करेंगे तथा राष्ट्र सेवा में उत्कृष्ट योगदान देंगे।



कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

समारोह में नव-प्रशिक्षित अधिकारियों के परिजनों के साथ अकादमी के अधिकारी-कर्मचारी एवं प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।

प्रमुख अतिथियों में शामिल रहे:

  • श्रीमती नीरजा श्रीवास्तव, उपायुक्त, आबकारी उड़न दस्ता, सागर
  • श्री रमेश चंद्र आर्य, केंद्रीय जेल अधीक्षक, सागर
  • श्रीमती कीर्ति दुबे, सहायक आबकारी आयुक्त, जिला सागर
  • श्री दुर्गेश राठौर, पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों, अधिकारियों एवं परिजनों का आभार व्यक्त किया गया। दीक्षांत परेड के बाद अकादमी परिसर उत्सव और गौरव के माहौल से गुंजायमान रहा।

— तीनबत्ती न्यूज.कॉम

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एमपी पुलिस में 9,662 पदों पर भर्ती को मंजूरी: सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर गृह विभाग ने जारी किए आदेश

सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर एमपी पुलिस में 9,662 पदों पर भर्ती को मंजूरी, जल्द भरे जाएंगे 18 हजार पद



तीनबत्ती न्यूज: 23 जुलाई, 2026

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 9,662 पदों पर भर्ती की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद गृह विभाग ने विभिन्न श्रेणियों के पदों पर सीधी भर्ती के आदेश जारी किए हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश पुलिस को देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बनाना और कुल 18 हजार रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरना है।

हाल ही में पुलिस मुख्यालय में आयोजित वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिक्त पदों को शीघ्र भरने और पदोन्नति की प्रक्रिया लगातार जारी रखने के निर्देश दिए थे। उन्होंने लगभग 25 हजार पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदोन्नति पर संतोष व्यक्त करते हुए शेष पात्र कर्मचारियों को भी सितंबर माह में चक्रीय क्रम से पदोन्नत करने के निर्देश दिए हैं।

इन पदों पर होगी भर्ती

गृह विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार भर्ती के लिए स्वीकृत प्रमुख पद इस प्रकार हैं—

  • आरक्षक (जीडी) – 7,500 पद
  • आरक्षक (चालक) – 1,000 पद
  • सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) – 520 पद
  • सूबेदार (शीघ्र लेखक) – 135 पद
  • अराजपत्रित सूबेदार – 81 पद
  • उपनिरीक्षक (जिला पुलिस बल) – 312 पद
  • उपनिरीक्षक (विशेष शाखा) – 69 पद
  • उपनिरीक्षक (क्यूडी) – 4 पद
  • उपनिरीक्षक (अंगुल चिन्ह) – 22 पद
  • उपनिरीक्षक (आयुध) – 10 पद
  • उपनिरीक्षक (फोटो) – 9 पद

इन सभी पदों को मिलाकर कुल 9,662 पदों पर भर्ती की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

18 हजार पदों पर होगी भर्ती

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान में स्वीकृत 9,662 पदों के अतिरिक्त शेष पदों की स्वीकृति भी जल्द जारी की जाएगी। सरकार का लक्ष्य इस वर्ष पुलिस विभाग में 18 हजार पदों पर भर्ती करना है।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 8,500 पदों की स्वीकृति के बाद इस वर्ष भी बड़े पैमाने पर भर्ती की जा रही है। नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित होने के बाद पुलिस बल की भूमिका विकास कार्यों में भी और अधिक प्रभावी होगी।

प्रदेश पुलिस को आधुनिक और मजबूत बनाने पर जोर

राज्य सरकार का मानना है कि पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध होने से कानून-व्यवस्था और बेहतर होगी, अपराध नियंत्रण को मजबूती मिलेगी तथा आम नागरिकों को अधिक प्रभावी पुलिस सेवाएं मिल सकेंगी। सरकार लगातार भर्ती, पदोन्नति और आधुनिकीकरण के माध्यम से मध्यप्रदेश पुलिस को देश की अग्रणी पुलिस बल बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

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सागर में पूज्य संत राजेंद्रदास महाराज का भव्य स्वागत, 200 से अधिक श्रद्धालुओं ने ली गुरु दीक्षा

गुरुदेव भगवान: संत राजेंद्रदास महाराज का पुष्प  वर्षा कर किया भक्तों ने स्वागत :200 से अधिक भक्तों ने ली गुरु दीक्षा

• गौ वंश की रक्षा करने की मांग को लेकर  27 जुलाई को हर जिले में प्रशासन को ज्ञापन


तीनबत्ती न्यूज: 23 जुलाई, 2026

सागर। झीलों की नगरी सागर  में गुरुवार का दिन भक्तों के लिए बहुत ही खास रहा। इस दिन  मलूक पीठाधीश्वर एवं अग्रपीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित श्रीमज्जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी डॉ. राजेंद्रदास देवाचार्य जी महाराज के एक दिवसीय आगमन को लेकर भक्तों  में खूब उत्साह  रहा । शहर के प्रमुख मार्गों से संत श्री की शोभा  यात्रा निकली।जिसमें भक्तों ने गुरुदेव का पूजन कर आरती उतारी और आशीर्वाद लिया।

सागर में संत राजेंद्रदास महाराज का पुष्पवर्षा से स्वागत

गुरुदेव भगवान का स्वागत ग्राम सानोंधा से  शुरू हुआ।अनेक स्थानों पर भक्तजनों ने गुरुदेव का पूजन कर आशीर्वाद लिया।गुरु पूजन महोत्सव के इस आयोजन के दौरान संत राजेंद्रदास देवाचार्य जी महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं शामिल हुए । श्रद्धालुओ ने संतों की पुष्पवर्षा  कर आगवानी की।

इस अवसर पर इच्छुक श्रद्धालुओं को गुरु दीक्षा भी प्रदान की गई। यह आयोजन  अजब श्री सेवा समिति, अजब धाम एवं मलूक पीठ परिवार, जिला दमोह एवं सागर के तत्वावधान में आयोजित किया गया ।जिसमें विशेष  रूप से महंत श्री राम अनुग्रह दास महाराज (छोटे सरकार) का भक्तों को  सानिध्य प्राप्त हुआ।



गाय की बताई महिमा

तिली रोड स्थित रायल पैलेस होटल सभागार में उपस्थित भक्तों के बीच अग्र श्री मलूक पीठाधीश्वर संत राजेंद्र दास देवाचार्य ने गाय की महिमा का खूब बखान किया। उन्होंने कहा कि यज्ञ की अधिकारी गाय है।गाय के बिना यज्ञ संभव नहीं है।संत श्री ने सृष्टि में भगवान से ऊपर गाय की महिमा का बखान करते हुए कहा कि  गाय और गव्य पदार्थ न हो तो वेद शास्त्र केवल प्रयोग बनकर रह जाएगा। उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि गाय सर्वोच्च सम्मान के पद पर प्रतिष्ठित है। भगवान के ऊपर दर्जा गाय का और ऋषियों से ऊंचा दर्जा गाय का है।




अग्र श्री मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य ने कहा कि आज देश में गौ वंश खतरे में हजारों गायों को प्रतिदिन मौत के घाट उतार दिया जाता है।इनका मांस देश और विदेश में भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि गौ वंश की रक्षा करने की मांग को लेकर  27 जुलाई को हर जिले मुख्यालय पर शांति पूर्ण तरीके से भगवान श्रीराम का भजन करते हुए ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा जाना है। उन्होंने कहा कि सागर को गौ रक्षा के संकल्प को लेकर 5 लाख हस्ताक्षर करने का लक्ष्य है लेकिन अभी 1 लाख हुए है। उन्होंने इस कार्य में बढ़ चढ़कर भाग लेने की अपील की । उन्होंने रघुवंश कुल में जन्मे महाराजा दिलीप का वृत्तांत सुनाते हुए गाय की महिमा बताई।

संत श्री गुरु दीक्षा  का वर्णन करते हुए कहा कि  चेला बनने हड़बड़ी में दीक्षा नहीं ले।आचार,विचार और व्यवहार को शुद्ध करने के बाद ही दीक्षा ले। उन्होंने कहा कि संत श्री भक्त माली भगवान का बुन्देलखंड क्षेत्र बहुत प्रिय था।इस कारण यहाँ के भक्तों को मलूक पीठ की दीक्षा आसानी से मिल जाती है। उन्होंने कहा कि 

महंत श्री राम अनुग्रह दास महाराज (छोटे सरकार) के आग्रह पर वह सागर आए है। कथा के बाद भक्तों ने संत श्री का गुरु पूजन कर आशीर्वाद लिया।

आयोजन में अजब श्रीसेवा समिति एवं मलूक पीठ परिवार के पं. प्रमोद उपाध्याय, पं. ऐश्वर्य पाठक, पं. सचिन शुक्ला, पं. हनुमान मिश्रा, पत्रकार पं. अनिल दुबे, सुमित अग्रवाल, पं. तोषु पाण्डेय, पं. सौरभ मिश्रा, पं. मुकेश तिवारी, पं. अंकित मिश्रा, प्रमोद पटेल सहित बड़ी संख्या में शिष्य मंडल सदस्य शामिल हुए।

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