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शाहपुर में मजबूत हो रही जल प्रदाय व्यवस्था, 15 वार्डों में शुरू हुआ ट्रायल रन

शाहपुर में मजबूत हो रही जल प्रदाय व्यवस्था, 15 वार्डों में शुरू हुआ ट्रायल रन

1.75 एमएलडी जल शोधन संयंत्र सहित परियोजना का 94 प्रतिशत काम पूरा, 2,700 घरों तक पहुंचे जल कनेक्शन



तीनबत्ती न्यूज: 07 अक्टूबर, 2026

सागर। शाहपुर नगर में नागरिकों को स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल प्रदाय परियोजना का काम तेजी से पूर्णता की ओर है। मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी द्वारा संचालित इस परियोजना का करीब 94 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो चुका है। संचालन एवं संधारण सहित परियोजना की लागत लगभग 17.47 करोड़ रुपये है।

परियोजना के तहत शाहपुर में 1.75 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन और अन्य जरूरी अधोसंरचना तैयार की गई है।

47 किलोमीटर वितरण नेटवर्क पूरा

परियोजना के अंतर्गत 7 किलोमीटर रॉ-वाटर राइजिंग मेन पाइपलाइन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। वहीं 47 किलोमीटर वितरण नेटवर्क भी पूरी तरह बिछाया जा चुका है।

5.17 किलोमीटर क्लियर वाटर राइजिंग मेन में से अब तक 3.80 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। दशहरा मैदान में 320 किलोलीटर क्षमता के ओवरहेड टैंक का निर्माण भी लगभग पूरा होने की स्थिति में है।

2,700 घरों को मिले जल कनेक्शन

नागरिकों को परियोजना का लाभ पहुंचाने के लिए घरेलू जल कनेक्शन का काम भी तेजी से किया गया है। कुल 2,738 कनेक्शन के लक्ष्य के मुकाबले 2,700 घरेलू जल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। यह लक्ष्य का लगभग 98.61 प्रतिशत है।

15 वार्डों में ट्रायल रन शुरू

शाहपुर के 15 वार्डों में जल प्रदाय व्यवस्था का ट्रायल रन शुरू कर दिया गया है। इसके माध्यम से नई व्यवस्था को वास्तविक परिस्थितियों में परखा जा रहा है। ट्रायल के दौरान सामने आने वाली तकनीकी कमियों और आवश्यक सुधारों को समय रहते दूर किया जा रहा है।

परियोजना के पूर्ण होने के बाद शाहपुर के नागरिकों को अधिक व्यवस्थित, गुणवत्तापूर्ण और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

निर्धारित समय-सीमा में पूरे हों शेष कार्य

नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल प्रदाय अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। शाहपुर में विकसित की जा रही आधुनिक जल प्रदाय व्यवस्था से नागरिकों को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि परियोजना के शेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के साथ ही संचालन एवं संधारण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

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वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में गूंजी चीतों की दहाड़, बुंदेलखंड बना प्रदेश का तीसरा चीता आवास • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो चीतों को किया विमुक्त, नर का नाम ‘व्योम’ और मादा का ‘नीरा’ रखा; अगले माह दो और चीते आएंगे

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में गूंजी चीतों की दहाड़, बुंदेलखंड बना प्रदेश का तीसरा चीता आवास


• मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो चीतों को किया विमुक्त, नर का नाम ‘व्योम’ और मादा का ‘नीरा’ रखा; अगले माह दो और चीते आएंगे


तीनबत्ती न्यूज: 7 अक्टूबर 2026

सागर।बुंदेलखंड की धरती पर बुधवार को करीब डेढ़ सदी बाद एक बार फिर चीतों की मौजूदगी दर्ज हुई। सागर जिले के नौरादेही क्षेत्र स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो चीतों को विमुक्त कर मध्यप्रदेश में चीता पुनर्स्थापना के एक नए अध्याय की शुरुआत की। इसके साथ ही कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर अभयारण्य के बाद वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व प्रदेश का तीसरा चीता आवास क्षेत्र बन गया।

मुख्यमंत्री ने विमुक्त किए गए दोनों चीतों का नामकरण भी किया। नर चीता, जिसका पूर्व नाम थोलो था, अब ‘व्योम’ और मादा चीता, जिसका पूर्व नाम सीसीबी-3 था, अब ‘नीरा’ के नाम से जानी जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ संकल्प से शुरू हुआ चीता पुनर्स्थापना अभियान मध्यप्रदेश में सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। कूनो और गांधीसागर के बाद अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों की मौजूदगी से बुंदेलखंड भी विश्व के वन्यजीव संरक्षण मानचित्र पर प्रमुखता से अंकित हो गया है।

लगभग 150 वर्ष बाद बुंदेलखंड में चीतों की वापसी

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस क्षेत्र में करीब 160 से 170 वर्ष पहले चीतों की मौजूदगी के प्रमाण मिलते हैं। इतने लंबे अंतराल के बाद बुंदेलखंड की धरती पर चीतों की वापसी ऐतिहासिक अवसर है। वर्ष 2022 में मध्यप्रदेश में चीता पुनर्स्थापना की शुरुआत हुई थी और इसके बाद चीतों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है।

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व की विशेषता यह है कि यहां टाइगर के साथ चीते भी प्राकृतिक आवास में रहेंगे। क्षेत्र में नीलगाय, चिंकारा, हिरण सहित अनेक वन्यप्राणी मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रजातियों के बीच प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

‘जियो और जीने दो’ की भावना से वन्यजीव संरक्षण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण के साथ वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के हितों और उनकी आजीविका की चिंता करना भी सरकार का दायित्व है। वन्यजीव और मानव के बीच संतुलन बनाते हुए ‘जियो और जीने दो’ की भावना से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि करीब 41 वर्ष पूर्व जब इस क्षेत्र को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था, तब स्थानीय लोगों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय लोगों के हितों के बीच संतुलन बनाकर ही संरक्षण को मजबूत किया जा सकता है।


पर्यटन और ग्रामीण रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभयारण्यों में पर्यटन, जंगल सफारी और अन्य गतिविधियों से होने वाली आय में स्थानीय ग्रामीणों और समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। पर्यटकों से प्राप्त राशि में समितियों को भी हिस्सा दिया जा रहा है, ताकि जंगल के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को वन्यजीव संरक्षण का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। बफर क्षेत्र के गांवों में होम स्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रामीण अपने घरों में एक से तीन कमरे तैयार कर पर्यटकों को सुविधा दे सकते हैं। इसके लिए सरकार की ओर से करीब दो से तीन लाख रुपये तक का अनुदान भी दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में खेती की जमीन सीमित होने के कारण पशुपालन और दूध उत्पादन ग्रामीणों की आय का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। किसान कल्याण वर्ष में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने और समितियों के माध्यम से किसानों से दूध खरीदकर उन्हें उचित मूल्य दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर साधा निशाना

चीता विमुक्ति के बाद आयोजित राज्य स्तरीय वन्य प्राणी सप्ताह के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस की पूर्व सरकारों पर वन्यजीव संरक्षण को लेकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों के समय चीता तो छोड़िए, टाइगर भी कम होते गए और जंगल खाली हो गए, जबकि भाजपा सरकार में जंगल आबाद हुए हैं। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना विपक्ष पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “एक पप्पू भी है जो मानता ही नहीं है” और सत्ता की चाह में वह जो कर रहा है, भगवान उसे सद्बुद्धि दे।

अगले माह दो और चीते आएंगे

मुख्यमंत्री ने बताया कि वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बुधवार को दो चीते विमुक्त किए गए हैं। अगले माह दो और चीते यहां लाए जाएंगे। इससे क्षेत्र में चीतों का कुनबा बढ़ेगा और यह उनके लिए स्थायी एवं अनुकूल आवास के रूप में विकसित होगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती वन्यप्राणियों के लिए अनुकूल है। प्रदेश में टाइगर की संख्या देश में सर्वाधिक है। गिद्ध संरक्षण, कछुआ संरक्षण, चंबल के घड़ियाल और नदियों के जलीय जीवों के संरक्षण की दिशा में भी लगातार कार्य किए जा रहे हैं। वन्यजीव संरक्षण केवल किसी एक प्रजाति तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण का विषय है

बुंदेलखंड में पर्यटन की नई संभावनाएं

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि लंबे समय से बुंदेलखंड में चीतों की पुनर्स्थापना की चर्चा होती रही है, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विशेष फोकस और प्रयासों से अब यह महत्वपूर्ण पहल साकार हुई है। उन्होंने कहा कि चीतों की वापसी से बुंदेलखंड के इतिहास में नया अध्याय जुड़ा है।

दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि चीतों की पुनर्स्थापना के बाद क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने स्थानीय युवाओं को विभिन्न भाषाओं का प्रशिक्षण देने और गाइड प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता बताई, ताकि युवाओं को पर्यटन से रोजगार मिल सके।


पूर्व मंत्री और रहली विधायक गोपाल भार्गव ने कहा कि इस क्षेत्र का इतिहास वन और पर्यावरण संरक्षण के संघर्ष से जुड़ा रहा है। उन्होंने क्षेत्र में बसाहट एवं पुनर्वास, आजीविका से जुड़े कार्यक्रम और रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं और बच्चों के लिए अंग्रेजी सहित अन्य भाषाओं के प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने की मांग भी रखी।


वन्यजीव संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार वर्ष 2026 के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले 12 अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया। इनमें उप संचालक पुनीत गोरेवाल, सहायक वन संरक्षक राजा खरे, वन क्षेत्रपाल कार्तिकेय शुक्ला, वनपाल दिलीप वाघमारे, वनपाल एवं डॉग हैंडलर पदम सिंह राजपूत, वनरक्षक एवं डॉग हैंडलर रामकृष्ण पराशरी, वनरक्षक गौतम शर्मा एवं आलोक प्रजापति सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। सम्मानित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पेंच, सतपुड़ा, वीरांगना दुर्गावती, कूनो और पन्ना सहित विभिन्न वन क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण, सुरक्षा, प्रबंधन, गौर पुनर्स्थापना और निगरानी में उल्लेखनीय योगदान दिया है।


पुस्तिकाओं का विमोचन और ‘चीता मित्र’ से संवाद

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान गिद्ध संख्या आकलन एवं वन्यजीव संरक्षण, ‘हमार वीडीटीआर’ और ‘बाघिन दीदी’ पुस्तिकाओं का विमोचन किया। उन्होंने ‘चीता मित्र’ और ‘बाघिन दीदी’ से संवाद कर उनके अनुभवों और कार्यों की जानकारी भी ली। कार्यक्रम के अंत में वन विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को स्मृति-चिह्न भेंट किया गया।

ये रहे शामिल

कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद राहुल सिंह लोधी, विधायक गोपाल भार्गव, विधायक शैलेन्द्र जैन, विधायक प्रदीप लारिया, विधायक बृज बिहारी पटेरिया, विधायक वीरेन्द्र सिंह लोधी, भाजपा नेता श्याम तिवारी, सागर ग्रामीण भाजपा जिलाध्यक्ष रानी कुशवाहा, संभागायुक्त दिलीप कुमार, आईजी इरशाद वली, डीआईजी एस.एस. चौहान, कलेक्टर प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मोहाली हेलीपेड आगमन, हुआ भव्य स्वागत

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीता विमुक्त कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज विधानसभा रेहली के मोहाली हेलीपेड पर आगमन हुआ। हेलीपेड पर जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्प गुच्छ देकर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।


इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, सांसद श्री राहुल लोधी, रेहली विधायक श्री गोपाल भार्गव, सागर विधायक श्री शैलेंद्र जैन, बंडा विधायक श्री वीरेंद्र सिंह, नरयावली विधायक श्री प्रदीप लारिया, देवरी विधायक श्री बृज बिहारी पटेरिया  श्री श्याम तिवारी, श्रीमती रानी कुशवाहा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अधिकारियों में आईजी श्री इरशाद वली, डीआईजी श्री एस.एस. चौहान, एसपी श्री अनुराग सुजानिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

439 हेक्टेयर में तैयार हुआ चीता आवास

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीतों के सुरक्षित और अनुकूल आवास के लिए करीब 439 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। चीतों के अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ सुरक्षित बाड़े, निगरानी, सुरक्षा और स्वास्थ्य जांच से जुड़ी सुविधाएं विकसित की गई हैं।

वन विभाग की टीम चीतों की नियमित निगरानी और स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। साथ ही क्षेत्र में मौजूद अन्य वन्यजीवों के लिए भी ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया गया है, जिससे चीता, टाइगर और अन्य वन्यजीवों के बीच प्राकृतिक संतुलन बना रहे।


2,339 वर्ग किलोमीटर में फैला है टाइगर रिजर्व

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों में करीब 2,339 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है और मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के आंकड़ों में भी इसका कुल



क्षेत्रफल करीब 2,339.12 वर्ग किलोमीटर दर्ज है। यहां बाघ, तेंदुआ, चीतल, सांभर, नीलगाय, भालू सहित अनेक वन्यजीव पाए जाते हैं। रिजर्व की आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह क्षेत्र ऊपरी विंध्य क्षेत्र का हिस्सा है और सागर, दमोह तथा नरसिंहपुर में विस्तृत है। 



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सागर में सेवा ज्योति यात्रा का भव्य आयोजन, सड़कों पर दिखा उत्सव सा नजारा

सागर में सेवा ज्योति यात्रा का भव्य आयोजन, सड़कों पर दिखा उत्सव सा नजारा

• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के लोकसेवा काल को समर्पित विकसित भारत संकल्प सभा में उमड़ा जनसैलाब

तीनबत्ती न्यूज:07 अक्टूबर, 2026

सागर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसेवक के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को सागर के पीटीसी मैदान में विकसित भारत संकल्प सभा एवं सेवा ज्योति कलश यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही सागर शहर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से हितग्राही, भाजपा कार्यकर्ता और आमजन समूहों में कार्यक्रम स्थल की ओर पहुंचे। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से शहर की सड़कों पर उत्सव जैसा माहौल नजर आया।

कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पीटीसी मैदान में बनाया गया विशाल पंडाल भर गया। मंच से लेकर दर्शक दीर्घा तक लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं और आमजन के कारण कार्यक्रम स्थल पर विहंगम दृश्य देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ। विकसित भारत संकल्प सभा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इसके अलावा मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सभा को संबोधित किया। विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन ने उपस्थित जनसमुदाय को विकसित भारत के निर्माण की शपथ दिलाई।


मोदी के 25 वर्षों की लोकसेवा विकसित भारत की आधारशिला : गोविंद सिंह राजपूत


सभा को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की लोकसेवा विकसित भारत की आधारशिला बनी है। वर्ष 2001 में गुजरात से शुरू हुई उनकी सार्वजनिक जीवन की यात्रा आज राष्ट्रसेवा, गरीब कल्याण, सुशासन और भारत के पुनर्निर्माण की व्यापक यात्रा बन चुकी है।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा और समर्पण को राजनीति के केंद्र में रखते हुए देश के विकास को नई दिशा दी है। उनके नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।


राजपूत ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प अब केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि जनभागीदारी से आगे बढ़ रहा राष्ट्रीय अभियान है। प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के लोकसेवा अनुभव और संकल्प ने विकसित भारत-2047 की नींव को मजबूत किया है। सेवा ज्योति कलश यात्रा इसी सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है।

सेवा ज्योति प्रज्वलित कर रथों को किया रवाना

कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, भाजपा प्रदेश मंत्री एवं सागर जिला प्रभारी लोकेन्द्र पाराशर सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने सेवा ज्योति प्रज्वलित की। इसके बाद जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए तैयार किए गए रथों को सेवा संकल्प यात्रा के लिए रवाना किया गया।

आयोजन के दौरान कार्यकर्ताओं और आमजन में खासा उत्साह दिखाई दिया। विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे समूहों ने यात्रा में सहभागिता की।


ये जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश मंत्री एवं जिला प्रभारी लोकेंद्र पाराशर, पूर्व मंत्री एवं रहली विधायक गोपाल भार्गव, विधायक शैलेन्द्र कुमार जैन, विधायक प्रदीप लारिया, विधायक वीरेंद्र सिंह लंबरदार, देवरी विधायक बृज बिहारी पटेरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी, कुश कल्याण बोर्ड अध्यक्ष प्रभुदयाल कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, जिला ग्रामीण अध्यक्ष रानी कुशवाहा, महापौर संगीता तिवारी, निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुधा जैन, डॉ. विनोद पंथी, सेवा संकल्प अभियान जिला संयोजक जगन्नाथ गुरैया सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।


जिलाध्यक्ष ने जताया आभार

भाजपा जिला मीडिया प्रभारी श्रीकांत जैन ने बताया कि कार्यक्रम में जिलेभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आमजन शामिल हुए। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी ने सभी जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम प्रभारी यश अग्रवाल ने किया। सभा के बाद सेवा ज्योति कलश यात्रा को जिले की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया।

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ऑटो रिक्शा के खिलाफ सघन चेकिंग, 30 वाहनों से 1.41 लाख जुर्माना वसूला

ऑटो रिक्शा के खिलाफ सघन चेकिंग, 30 वाहनों से 1.41 लाख जुर्माना वसूला

• बिना परमिट, फिटनेस और लाइसेंस के चल रहे 5 ऑटो रिक्शा जब्त



तीनबत्ती न्यूज: 6 अक्टूबर 2026

सागर। परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर एवं कलेक्टर सागर के निर्देश पर यात्री बसों, स्कूल बसों और ऑटो रिक्शा के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में परिवहन विभाग की टीम ने शहरी क्षेत्र में ऑटो रिक्शा वाहनों की जांच की।

पूर्व में की गई कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए 30 यात्री बस, स्कूल बस एवं अन्य वाहनों से 1 लाख 41 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। जुर्माना जमा होने के बाद इन वाहनों को मुक्त कर दिया गया।

जांच के दौरान यात्री एवं स्कूल बसों में सुरक्षा संबंधी कई कमियां भी सामने आई थीं। इनमें पीछे के कांच पर लोहे की जाली लगी होना, फर्स्ट एड बॉक्स का उपलब्ध नहीं होना, निर्धारित मानक के अग्निशमन यंत्र नहीं होना, वाहन के आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होना, आपातकालीन द्वार पर सीट लगी होना, आपातकालीन द्वार का ठीक से नहीं खुलना तथा रिमोल्ड टायर लगे होना जैसी अनियमितताएं शामिल थीं।

बिना परमिट और फिटनेस के चल रहे 5 ऑटो जब्त

6 अक्टूबर को शहरी क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान 5 ऑटो रिक्शा नियम विरुद्ध संचालित पाए गए। जांच में इन वाहनों के पास परमिट और फिटनेस नहीं पाए गए, जबकि वाहन चालकों के पास आवश्यक ड्राइविंग लाइसेंस भी उपलब्ध नहीं था। सभी 5 ऑटो रिक्शा को जब्त कर परिवहन कार्यालय परिसर में सुरक्षार्थ रखा गया है।

चेकिंग के दौरान कुछ वाहन चालकों ने रास्ता बदलकर जांच से बचने का प्रयास भी किया, लेकिन जांच दल ने उन्हें जांच के दायरे में लिया। नियमों में कमी पाए जाने पर संबंधित वाहनों के खिलाफ जब्ती की कार्रवाई की गई।

दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने वाहन स्वामियों एवं चालकों को निर्देश दिए हैं कि वाहन संचालन के दौरान बीमा, फिटनेस, परमिट, पंजीयन कार्ड, हैवी ड्राइविंग लाइसेंस, टैक्स प्रमाण पत्र और प्रदूषण प्रमाण पत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य रूप से साथ रखें।

दस्तावेजों में कमी पाए जाने पर मोटरयान अधिनियम, 1988 एवं मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1991 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्री वाहनों और ऑटो रिक्शा की यह चेकिंग कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

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मेयर ने सागर कमिश्नर से भेंट कर निगमायुक्त के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की • निगमायुक्त ने महापौर परिषद के जनहितैषी निर्णयों को लंबित रखते हुए समय-सीमा में पालन नहीं किया महापौर

मेयर ने सागर कमिश्नर से भेंट कर निगमायुक्त के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की

• निगमायुक्त ने महापौर परिषद के जनहितैषी निर्णयों को लंबित रखते हुए समय-सीमा में पालन नहीं किया:  महापौर


तीनबत्ती न्यूज: 06 सितम्बर, 2026

सागर: महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने मंगलवार को संभागायुक्त  दिलीप कुमार से भेंट कर नगर निगम सागर के निगमायुक्त राजकुमार खत्री की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। महापौर ने संभागायुक्त को पत्र सौंपते हुए महापौर परिषद (मेयर-इन-काउंसिल) द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण एवं जनहितैषी निर्णयों को लंबित रखने, निर्धारित समय-सीमा में उनका अनुपालन नहीं किए जाने तथा निगम हित एवं जनहित के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने का आरोप लगाते हुए निगमायुक्त के विरुद्ध शासन स्तर पर कार्रवाई की मांग की।

यह भी पढ़ें: पूर्व निर्णयों पर कार्रवाई नहीं होने से निगमायुक्त की कार्यप्रणाली पर महापौर परिषद नाराज : शासन को भेजा जाएगा पत्र : मेयर संगीता तिवारी • महापौर परिषद के निर्णयों की लगातार हो रही अवहेलना, जनचौपाल में भी नहीं पहुंचे निगमायुक्त

महापौर द्वारा सौंपे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि श्री राजकुमार खत्री नगर पालिक निगम सागर में लगभग ढाई वर्ष से निगमायुक्त के पद पर पदस्थ हैं। पत्र के अनुसार, उनके कार्यकाल के दौरान महापौर परिषद द्वारा जनहित एवं निगम हित में लिए गए महत्वपूर्ण प्रस्तावों को लंबित रखा जा रहा है। बैठकों में लिए गए निर्णयों के संबंध में भी निर्धारित समय-सीमा में अपेक्षित प्रतिवेदन एवं अनुपालन की जानकारी महापौर परिषद को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। महापौर ने कहा कि इससे शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं, जनहित एवं विकास कार्यों की प्रगति, वित्तीय अनुशासन तथा नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

महापौर परिषद द्वारा पूर्व की बैठकों में लिए गए लंबित निर्णयों की समीक्षा के लिए 30 सितंबर 2026 को बैठक आयोजित की गई थी। महापौर के अनुसार, बैठक में लंबित विषयों पर बिंदुवार विस्तृत चर्चा की गई, लेकिन कई प्रकरणों में निगमायुक्त द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि महापौर परिषद द्वारा समय-समय पर पारित निर्णयों एवं दिए गए निर्देशों के बावजूद निर्धारित समय-सीमा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। अनेक महत्वपूर्ण प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने तथा समीक्षा के बाद भी निर्णयों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित नहीं किए जाने पर महापौर एवं महापौर परिषद ने गंभीर असंतोष व्यक्त किया है।

महापौर परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 4, दिनांक 30 सितंबर 2026 में निगमायुक्त की कार्यप्रणाली के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध प्रस्ताव पारित किए जाने का भी पत्र में उल्लेख किया गया है।

कार्यवाई की रखी मांग

महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने संभागायुक्त से अनुरोध किया है कि नगर पालिक निगम सागर में जनहित एवं निगम हित से जुड़े कार्यों की गति बनाए रखने तथा महापौर परिषद के निर्णयों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के लिए निगमायुक्त श्री राजकुमार खत्री की कार्यप्रणाली को दृष्टिगत रखते हुए उनके विरुद्ध शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कराई जाए तथा उनका तत्काल प्रभाव से अन्यत्र स्थानांतरण किए जाने की कार्रवाई की जाए। 

ये रहे शामिल

इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं महापौर प्रतिनिधि डॉ सुशील तिवारी,एम आई सी सदस्य अनूप उर्मिल, रुपेश यादव, राजकुमार पटेल, धमेंद्र खटीक,पार्षद प्रतिनिधि नरेश यादव, सोमेश जड़िया, शैलेष जैन, प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट रिशांक तिवारी उपस्थित थे।

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Sagar News: उपस्थिति लगाकर विद्यालय से गायब मिले शिक्षक: नोटिस के साथ अतिथि शिक्षक का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश

उपस्थिति लगाकर विद्यालय से गायब मिले शिक्षक: नोटिस के साथ अतिथि शिक्षक का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश


तीनबत्ती न्यूज: 6 अक्टूबर 2026

सागर। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद जैन ने मंगलवार को मालथौन विकासखंड के विभिन्न शासकीय विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति दर्ज करने के बाद विद्यालय से अनुपस्थित मिले शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा बिना सूचना अनुपस्थित अतिथि शिक्षक का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।



जिला शिक्षा अधिकारी ने पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोंगर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रजवास, शासकीय एकीकृत हाईस्कूल पाली, शासकीय प्राथमिक शाला पाली, शासकीय प्राथमिक-माध्यमिक शाला परसोन, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रोड़ा, शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला रोड़ा और शासकीय माध्यमिक विद्यालय पथरिया बामन का निरीक्षण किया।


उपस्थिति दर्ज कर विद्यालय से अनुपस्थित मिले शिक्षक


निरीक्षण के दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रजवास के प्राथमिक शिक्षक मुकेश तिवारी तथा शासकीय माध्यमिक विद्यालय पथरिया बामन के अनिल जैन उपस्थिति दर्ज करने के बाद विद्यालय में अनुपस्थित पाए गए। दोनों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

इसी प्रकार शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला रोड़ा के प्राथमिक शिक्षक रामेश्वर प्रसाद कुर्मी और अविनाश कुमार दुबे भी हस्ताक्षर करने के बाद विद्यालय में अनुपस्थित मिले। दोनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।


शासकीय माध्यमिक विद्यालय पथरिया बामन की अतिथि शिक्षक कीर्ति नामदेव भी बिना सूचना के अनुपस्थित पाई गईं। जिला शिक्षा अधिकारी ने उनका एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।


समय पर खुलें और बंद हों विद्यालय


जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि सभी विद्यालय निर्धारित समय पर खुलें और बंद हों। शिक्षक समय पर विद्यालय पहुंचें और ई-अटेंडेंस दर्ज करने के बाद विद्यालय में ही मौजूद रहें। उपस्थिति दर्ज करने के बाद विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कोई भी विद्यार्थी शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। विद्यालयों में उपलब्ध नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें और साइकिलें पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाई जाएं। यदि पाठ्य पुस्तकें अथवा साइकिलें अतिरिक्त बची हैं तो उन्हें तत्काल विकासखंड शिक्षा अधिकारी के समक्ष वापस करने की कार्रवाई की जाए।


निर्माणाधीन भवन का भी किया निरीक्षण


शासकीय हाईस्कूल पाली के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को भवन का निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को असुविधा का सामना न करना पड़े।


पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोंगर के निरीक्षण के दौरान विद्यालय भवन निर्माण में आ रही हाईटेंशन लाइन और अतिक्रमण से संबंधित जानकारी ली गई। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र के माध्यम से जानकारी भेजी गई है।


रोड़ा स्कूल परिसर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई


शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रोड़ा के निरीक्षण के दौरान प्राचार्य द्वारा विद्यालय परिसर में अतिक्रमण की जानकारी दी गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने राजस्व अधिकारियों से चर्चा कर अतिक्रमण हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया।

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सीएम डॉ.मोहन यादव 7 अक्टूबर को सागर में : वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को करेंगे विमुक्त

सीएम डॉ.मोहन यादव 7 अक्टूबर को सागर में : वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को करेंगे विमुक्त

तीनबत्ती न्यूज:  6 अक्टूबर 2026।

सागर : वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन अवसर पर सागर और बुंदेलखंड के लिए वन्यजीव संरक्षण का एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अक्टूबर को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में कूनो राष्ट्रीय उद्यान से लाए गए दो चीतों को विमुक्त करेंगे। इसके साथ ही वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश में चीतों का तीसरा आवास बन जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अक्टूबर को सागर जिले के प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे दोपहर 12 बजे भोपाल स्थित स्टेट हैंगर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर दोपहर 12:55 बजे रहली विधानसभा क्षेत्र के मोहली हेलीपैड पहुंचेंगे। यहां से दोपहर 1:20 बजे कार द्वारा वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री यहां चीतों को विमुक्त करने के साथ स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। स्थानीय कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 2:45 बजे कार से मोहली हेलीपैड पहुंचेंगे और दोपहर 2:50 बजे हेलीकॉप्टर से भोपाल के लिए रवाना होंगे।

439 हेक्टेयर क्षेत्र में चीतों के लिए विशेष व्यवस्थाएं

कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य के बाद वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व को मध्यप्रदेश में चीतों के तीसरे आवास के रूप में विकसित किया गया है। चीतों की सुरक्षा और अनुकूलन के लिए लगभग 439 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। आधुनिक बाड़ों (बोमा) और अन्य सुविधाओं से युक्त सुरक्षित आवास तैयार किया गया है।

वन विभाग द्वारा चीतों की सुरक्षा, नियमित निगरानी और स्वास्थ्य देखभाल की समुचित व्यवस्था की गई है। साथ ही क्षेत्र में मौजूद अन्य वन्यजीवों के लिए भी सुरक्षित और अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया गया है।


सागर और बुंदेलखंड में बढ़ेगा वन्यजीव पर्यटन

चीतों की मौजूदगी से सागर और बुंदेलखंड में वन्यजीव पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटकों के पहुंचने से होटल, रिसॉर्ट, होम-स्टे, परिवहन, गाइड, वाहन चालक, छोटे व्यवसाय और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व


वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, जिसे नौरादेही टाइगर रिजर्व के नाम से भी जाना जाता है, सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों में लगभग 2,339 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है।


वर्ष 1997 में स्थापित इस क्षेत्र को नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य के साथ एकीकृत करने के बाद 20 सितंबर 2023 को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया। यह क्षेत्र बाघ, तेंदुआ, चीतल, सांभर, नीलगाय और भालू सहित अनेक वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। संकटग्रस्त भारतीय गिद्ध प्रजातियों के संरक्षण की दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व है।


चीता पुनर्स्थापना अभियान को मिला नया विस्तार


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से लाए गए चीतों को विमुक्त कर भारत में चीता पुनर्स्थापना अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका से भी चीते भारत लाए गए। अब इस अभियान का विस्तार मध्यप्रदेश के अन्य उपयुक्त वन क्षेत्रों तक किया जा रहा है।

वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों की विमुक्ति इसी व्यापक संरक्षण अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है।


देश में चीतों की संख्या बढ़कर 60


5 अक्टूबर 2026 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में जन्मी मादा चीता KJP21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया। इसके साथ देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 60 हो गई है, जिनमें 41 भारत में जन्मे चीते शामिल हैं।

7 अक्टूबर को कूनो से नर चीता थोलो और मादा चीता CCB-3 को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व लाया जाएगा। इनके स्थानांतरण के बाद कूनो में 54 चीते रहेंगे।

वर्तमान में गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में दक्षिण अफ्रीकी मूल के नर चीते प्रभास और पावक तथा मादा चीते धीरा और सितंबर 2026 में बोत्सवाना से लाकर विमुक्त की गई मादा राधा मौजूद हैं।

दो चीतों की विमुक्ति के साथ वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश में चीता पुनर्स्थापना अभियान का नया केंद्र बनेगा। इससे न केवल वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी, बल्कि सागर और पूरे बुंदेलखंड में पर्यटन एवं स्थानीय रोजगार की संभावनाओं को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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सागर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. प्रदीप पाण्डेय 'हरिश्वती' बने अंतरराष्ट्रीय सर्वधर्म परिषद के राष्ट्रीय सलाहकार

सागर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. प्रदीप पाण्डेय 'हरिश्वती' बने अंतरराष्ट्रीय सर्वधर्म परिषद के राष्ट्रीय सलाहकार 


तीनबत्ती न्यूज: 6 अक्टूबर 2026

सागर। सागर के वरिष्ठ साहित्यकार एवं समाजसेवी डॉ. प्रदीप पाण्डेय 'हरिश्वती' को अंतरराष्ट्रीय सर्वधर्म परिषद (International Council of Religions) का राष्ट्रीय सलाहकार मनोनीत किया गया है। परिषद के शासी निकाय एवं केंद्रीय कार्यकारी बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के बाद केंद्रीय सचिवालय, नई दिल्ली से उनकी नियुक्ति का विधिवत आदेश जारी किया गया है।

परिषद द्वारा जारी आदेश में डॉ. पाण्डेय को समाज सेवा, लोक कल्याण, सांप्रदायिक सौहार्द और उनके दीर्घ अनुभव को देखते हुए यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने का उल्लेख किया गया है। नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष के लिए प्रभावी रहेगी।

शांति और सद्भाव अभियानों का करेंगे नेतृत्व

डॉ. पाण्डेय को संबंधित राज्यों के संभागों, मंडलों और जनपदों में परिषद की गतिविधियों, शांति अभियानों तथा संस्थागत कार्यक्रमों के नेतृत्व और पर्यवेक्षण के व्यापक कार्यकारी अधिकार दिए गए हैं। उनके मार्गदर्शन में राष्ट्र, प्रदेश और जिला स्तर पर सर्वधर्म शांति एवं सद्भाव समितियों के गठन के साथ सामाजिक सुरक्षा, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, युवा एवं महिला सहभागिता तथा प्रशासनिक समन्वय से जुड़े विभिन्न मानवीय अभियानों को गति देने की योजना है।


साहित्यिक और सामाजिक क्षेत्र में हर्ष

डॉ. प्रदीप पाण्डेय की नियुक्ति पर सागर सहित देश-प्रदेश के साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

बधाई देने वालों में श्यामलम के अध्यक्ष उमाकांत मिश्र, श्रुतिमुद्रा की डॉ. कविता शुक्ला, साहित्य सरस्वती मंच के संयोजक राधाकृष्ण व्यास, मध्यप्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन सागर से पुष्पेंद्र दुबे, डॉ. श्याम मनोहर सिरोठिया, देववाणी संस्था के अध्यक्ष पूरन सिंह राजपूत, हिंदी उर्दू साहित्यकार मंच के अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण चौरसिया, तुलसी साहित्य संघ के अध्यक्ष अरुण दुबे, मध्यप्रदेश प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष वृंदावन राय 'सरल', मध्यप्रदेश लेखक संघ के अध्यक्ष पी.आर. मलैया, बज्मे अजार से एम. शरीफ, मणिदेव ठाकुर, अमित आठ्या, कसक फाउंडेशन से सुरजीत सिंह, श्यामलम से आर.के. तिवारी, महबूब खान, शाहजाद, हेमंत दुबे लम्बरदार, एन. पुरुषोत्तम सेन, मनोज सोनी 'रहवर', सरस्वती वाचनालय एवं पुस्तकालय से जी.एल. छत्रसाल सहित शेखर आहूजा, राहुल पाठक, शोयेब कुरैशी, राजा ठाकुर, हर्षित जैन, राधिका साहू, निमित बलैया, सौम्या आहूजा, पंकज वर्मा, विशाल रजक, अमन पवार, गौरव सोनी और बिपिन पटेल शामिल हैं। नियुक्ति संबंधी जानकारी वरिष्ठ साहित्यकार अमित आठ्या ने दी।

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