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संत नामदेव जयंती पर सरकारी छुट्टी की मांग, नामदेव समाज ने विधायक शैलेंद्र जैन को सौंपा ज्ञापन

संत नामदेव जयंती पर शासकीय अवकाश घोषित करने की मांग, विधायक शैलेंद्र जैन को सौंपा ज्ञापन


तीनबत्ती न्यूज: 17 अक्टूबर, 2026

सागर। संत नामदेव जी महाराज की जयंती पर शासकीय अवकाश घोषित करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय नामदेव समाज संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन विधायक शैलेंद्र कुमार जैन को सौंपा। समाज के प्रतिनिधियों ने विधायक से आग्रह किया कि वे इस मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचाकर उचित पहल करें।

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सागर के इतवारा बाजार में ना सरस्वती के मंदिर में विराजी माँ दुर्गा: दर्शनों को उमड़े श्रद्धालु


प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि संत नामदेव जी महाराज ने अपने जीवन, वाणी और उपदेशों के माध्यम से प्रेम, सद्भाव, मानवता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। उनके विचार भारतीय संत परंपरा की अमूल्य धरोहर हैं और आज भी समाज को एकता, भाईचारे तथा सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।

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संत नामदेव जयंती पर शासकीय अवकाश घोषित करने की मांग,

समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि संत नामदेव जी महाराज के आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान को जन-जन तक पहुंचाने तथा नई पीढ़ी को उनकी शिक्षाओं से परिचित कराने के लिए उनकी जयंती पर शासकीय अवकाश घोषित किया जाना चाहिए। इससे संत नामदेव जी के विचारों और आदर्शों को सम्मान मिलेगा तथा उनके संदेशों के प्रचार-प्रसार को प्रोत्साहन मिलेगा।

ज्ञापन के माध्यम से समाज ने प्रदेश सरकार से मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई। साथ ही विधायक शैलेंद्र कुमार जैन से इस विषय को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने और आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया।

ये रहे उपस्थित

ज्ञापन सौंपने वालों में राहुल नामदेव, इंजीनियर राजकुमार नामदेव, रामेश्वर नामदेव, रामगोपाल नामदेव, हरिनारायण नामदेव, बिहारी नामदेव, तिलक नामदेव, पप्पू नामदेव, संतोष नामदेव, महेश नामदेव, रिंकू नामदेव, विपिन नामदेव, इंजीनियर अंकित नामदेव, प्रतीक नामदेव, अमित नामदेव, आकाश नामदेव सहित राजनगरिया समाज के वरिष्ठजन उपस्थित रहे।

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Sagar: स्थायी वारंटी निकला हथियारबंद, देवरी पुलिस ने देशी पिस्टल के साथ दबोचा

देवरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: स्थायी वारंटी के कब्जे से देशी पिस्टल बरामद

• स्थायी गिरफ्तारी वारंट की तामील के दौरान पुलिस ने आरोपी को पकड़ा, आर्म्स एक्ट के तहत नया मामला दर्ज


तीनबत्ती न्यूज:17 अक्टूबर, 2026

सागर। जिले में फरार आरोपियों और स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के साथ अवैध हथियार रखने वालों के विरुद्ध सागर पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में देवरी पुलिस ने स्थायी गिरफ्तारी वारंट की तामील के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से अवैध देशी पिस्टल बरामद की है। आरोपी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत पृथक अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार थाना देवरी में पदस्थ प्रधान आरक्षक महेन्द्र पुलिसकर्मियों अतुल, मयंक, कमलेश और मोहित के साथ स्थायी वारंटियों की तलाश में कस्बे में भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर सूचना और साइबर सहयोग से जानकारी मिली कि स्थायी वारंटी अतुल पटेल ग्राम लिंगा पिपरिया, थाना करेली, जिला नरसिंहपुर, वर्तमान में देवरी की कुसुम बिहार कॉलोनी में बायपास रोड स्थित राकेश साहू के मकान के सामने बैठा है।

सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के व्यक्ति को पकड़कर पूछताछ की। उसने अपना नाम अतुल पटेल पिता महेन्द्र पटेल, उम्र 28 वर्ष बताया।

आरोपी के विरुद्ध न्यायालय श्री दीपू शाक्य, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी), देवरी द्वारा प्रकरण क्रमांक RCT/426/21 में धारा 294, 323, 324, 506, 34 भादंवि के तहत स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया।

कमर में छिपाकर रखी थी देशी पिस्टल

स्थायी वारंटी की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसकी जामा तलाशी ली। तलाशी में उसकी कमर के पीछे दाहिनी ओर लोहे की देशी पिस्टल मिली। पिस्टल में धातु की खाली मैगजीन लगी थी और उसके हत्थे पर काले रंग का कवर लगा हुआ था।

अवैध रूप से बिना लाइसेंस देशी पिस्टल रखने के मामले में थाना देवरी में धारा 25(1)(बी) आर्म्स एक्ट के तहत पृथक अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।


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ढाई सौ साल पहले गुजरात से आए पूर्वज, सागर में आज भी गूंजते हैं उन्हीं के पारंपरिक गरबे • चकराघाट के मल्ली माता मंदिर में पीढ़ियों से दो ताली और तीन ताली के गरबों से हो रही देवी आराधना

ढाई सौ साल पहले गुजरात से आए पूर्वज, सागर में आज भी गूंजते हैं उन्हीं के पारंपरिक गरबे

• चकराघाट के मल्ली माता मंदिर में पीढ़ियों से दो ताली और तीन ताली के गरबों से हो रही देवी आराधना, आधुनिकता के बीच खेड़ावाल समाज ने सहेजी अपनी सांस्कृतिक पहचान


तीनबत्ती न्यूज:17 अक्टूबर, 2026

सागर: बदलते समय के साथ गरबा आयोजनों का स्वरूप भले ही आधुनिक संगीत, रोशनी और मनोरंजन के रंग में ढल गया हो, लेकिन सागर के चकराघाट स्थित श्री मल्ली माता मंदिर में नवरात्रि के दौरान आज भी गरबे का एक ऐसा पारंपरिक स्वरूप दिखाई देता है, जिसमें उत्सव से अधिक भक्ति और प्रदर्शन से अधिक आराधना का भाव है।

यहां गुजराती मूल के खेड़ावाल ब्राह्मण परिवारों के सदस्य अपनी आराध्य देवी की स्तुति में पारंपरिक गरबे गाते हैं और हथेलियों की दो ताली तथा तीन ताली की लय पर गरबा करते हैं। न तेज संगीत, न आधुनिक वाद्ययंत्र और न ही तड़क-भड़क—सिर्फ सामूहिक स्वर, तालियों की लय और माता की आराधना।


मंदिर के आसपास से गुजरने वाले लोग भी इस अनूठी परंपरा को देखकर कुछ क्षण ठहर जाते हैं। यहां गरबा केवल नृत्य नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही धार्मिक आस्था, पारिवारिक संस्कार और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत अभिव्यक्ति है।

छत्रसाल के समय से जुड़ी है बुंदेलखंड में खेड़ावाल समाज की विरासत

खेड़ावाल गुजराती ब्राह्मण समाज की स्थानीय पारिवारिक परंपराओं के अनुसार बुंदेलखंड में इन परिवारों के आगमन का इतिहास महाराजा छत्रसाल के शासनकाल से जुड़ा है।

परिवारों की मान्यता के अनुसार सन 1737 के आसपास गुजरात से कुछ खेड़ावाल ब्राह्मण परिवार पन्ना आए। लगभग दो दशक बाद, सन 1759 के आसपास सागर के मराठा शासक गोविन्द पंत के बुलावे पर ये परिवार सागर आए और यहां नगर के विकास एवं निर्माण कार्यों से जुड़े।

इसी कालखंड में कुछ परिवार हटा, दमोह सहित बुंदेलखंड के अन्य नगरों में भी बसे। समय के साथ इन परिवारों की अगली पीढ़ियां मध्यप्रदेश के दूसरे शहरों, देश के महानगरों और विदेशों तक पहुंचीं।

भट्ट, त्रिवेदी, मेहता, धगट, पंड्या, दवे, डनायक, व्यास, सेलट और ध्यानी आदि कुलनामों से पहचाने जाने वाले इन परिवारों के बीच भौगोलिक दूरियां भले बढ़ीं, लेकिन गुजराती जड़ों, कुल परंपराओं, धार्मिक मान्यताओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव बना रहा।


सागर का श्री मल्ली माता मंदिर इसी सांस्कृतिक निरंतरता का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। स्थानीय परंपरा के अनुसार यहां एक शताब्दी से भी अधिक समय से खेड़ावाल परिवार पारंपरिक शैली में गरबा करते आ रहे हैं।

आधुनिक दौर में भी सुरक्षित है गरबे का मूल स्वरूप

गुजरात सहित देश और दुनिया में गरबा आज एक बड़े सांस्कृतिक उत्सव का रूप ले चुका है। आधुनिक संगीत, आकर्षक परिधान, विशाल आयोजन और मनोरंजन के नए आयाम गरबे से जुड़ गए हैं।

इसके विपरीत सागर के खेड़ावाल परिवारों के गरबे में आज भी देवी स्तुति और सामूहिक आराधना की पारंपरिक लोकशैली प्रमुख है।

इन गरबों की खासियत सहज लय, सामूहिक गायन और हाथों की दो अथवा तीन तालियों से बनने वाली ताल है। यहां नृत्य कौशल दिखाने से ज्यादा महत्व माता की भक्ति और आराधना का है।


सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि परिवारों की नई पीढ़ियां भी अपने बुजुर्गों के साथ इन आयोजनों में शामिल होती हैं। वे पारंपरिक गीतों, उनकी धुनों और आराधना की विधियों को सीखती हैं। इस तरह यह परंपरा केवल स्मृतियों में नहीं, बल्कि आज भी व्यवहार में जीवित है।


लोकगीतों में समाई है देवी के प्रति गहरी आस्था

खेड़ावाल समाज में गाए जाने वाले पारंपरिक गुजराती गरबों में देवी के प्रति श्रद्धा, समर्पण और आत्मीयता के भाव दिखाई देते हैं।

परंपरागत रूप से गणेश वंदना से गरबों की शुरुआत होती है—

'गुरु गणपति ने प्रथमे पाएं लागूं रे, चंडी मां...'

इसके बाद देवी की स्तुति में अलग-अलग पारंपरिक गरबे गाए जाते हैं।

'मां तमारा छे हजार नाम, कया नामे लखिए कंकोत्री।'

अर्थात—हे मां! आपके तो हजारों नाम हैं, आपको किस नाम से निमंत्रण लिखूं?


इन पंक्तियों में भक्त और देवी के बीच के आत्मीय संबंध की सुंदर अभिव्यक्ति दिखाई देती है। देवी यहां किसी दूरस्थ शक्ति के रूप में नहीं, बल्कि परिवार की आराध्य और स्नेहमयी माता के रूप में उपस्थित हैं।


इसी तरह—

'आज मां नो गरबो घूमतो जाय...'

माता की आराधना में आनंदपूर्वक घूमते गरबे और भक्तों के बीच देवी की दिव्य उपस्थिति का भाव व्यक्त करता है।

'मां तारो गरबो झाकमझोल...'

में माता के गरबे की जगमगाती ज्योति और उससे उत्पन्न आध्यात्मिक आनंद का वर्णन मिलता है।

वहीं—

'तू तो काली ने कल्याणी मां...'


में देवी के दो स्वरूपों की आराधना है। एक ओर वे दुष्ट शक्तियों का संहार करने वाली महाकाली हैं तो दूसरी ओर भक्तों का कल्याण और संरक्षण करने वाली करुणामयी माता।

'पंखीडा तू ऊडीने जाजे पावागढ़ रे...'


जैसे लोकगीत में भक्त एक पक्षी से अपनी प्रार्थना और श्रद्धा पावागढ़ की महाकाली माता तक पहुंचाने का 8भावपूर्ण आग्रह करता है।इन गीतों की विशेषता यह है कि लोकजीवन की सहज भाषा में गहरे आध्यात्मिक भाव व्यक्त किए गए हैं।


गुजराती गरबा साहित्य को 17वीं से 19वीं शताब्दी के अनेक भक्त कवियों ने समृद्ध किया। इनमें देवीभक्त कवि वल्लभ भट्ट, जिन्हें वल्लभ मेवाड़ा के नाम से भी जाना जाता है, का विशेष उल्लेख मिलता है। उनकी रचनाओं में देवी की महिमा और शक्ति की उपासना का प्रभावशाली वर्णन मिलता है।

गरबा : नृत्य से अधिक मातृशक्ति की उपासना

गरबा शब्द का संबंध संस्कृत के 'गर्भ' शब्द से माना जाता है, जो जीवन की उत्पत्ति और सृजन का प्रतीक है।

गुजराती परंपरा में 'गरबो' उस मिट्टी के पात्र को भी कहा जाता है, जिसमें दीपक प्रज्वलित किया जाता है। यह दीपक देवी की शक्ति और जीवन-ज्योति का प्रतीक माना जाता है। इस दीप के चारों ओर गोलाकार घूमकर गरबा करना जीवन के निरंतर गतिशील चक्र की प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति माना जाता है। केंद्र में स्थित ज्योति आद्यशक्ति और दिव्य चेतना का प्रतिनिधित्व करती है।

इस दृष्टि से पारंपरिक गरबा केवल सामूहिक नृत्य नहीं, बल्कि जीवन, सृजन और जगदंबा की शक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का आध्यात्मिक माध्यम भी है।

विश्व सांस्कृतिक विरासत में गरबा को मिला सम्मान

गुजरात की इस लोकपरंपरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण मान्यता मिली है। वर्ष 2023 में यूनेस्को ने गुजरात के गरबा को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया।

यह सम्मान गरबा की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक महत्ता को रेखांकित करता है।

ऐसे में सागर के श्री मल्ली माता मंदिर में खेड़ावाल समाज द्वारा निभाई जा रही पारंपरिक गरबा आराधना इस विरासत के स्थानीय संरक्षण का उल्लेखनीय उदाहरण दिखाई देती है।

पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ रही है परंपरा

सागर में बसे गुजराती मूल के खेड़ावाल परिवारों के लिए शारदीय नवरात्रि का यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े रहने का अवसर भी है।

बुजुर्गों से सीखे गए गरबे अगली पीढ़ियों तक पहुंच रहे हैं। इनके साथ गुजराती भाषा के पुराने शब्द, लोकधुनें, पारिवारिक संस्कार और देवी आराधना की विशिष्ट परंपराएं भी सुरक्षित बनी हुई हैं।

आधुनिकता के बीच अपनी मौलिकता को बनाए रखने की यह साधना सागर की सांस्कृतिक विविधता को और समृद्ध करती है।

चकराघाट के मल्ली माता मंदिर में तालियों की सहज लय और सामूहिक स्वरों में गूंजती माता की स्तुति मानो यही संदेश देती है—सांस्कृतिक विरासत केवल इतिहास के पन्नों में नहीं होबती, वह उन पीढ़ियों में जीवित रहती है जो उसे श्रद्धा से जीती हैं।

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खुरई में कलेक्टर प्रतिभा पाल का आकस्मिक निरीक्षण, अस्पताल और कन्या स्कूल की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

खुरई में कलेक्टर प्रतिभा पाल का आकस्मिक निरीक्षण, अस्पताल और कन्या स्कूल की व्यवस्थाओं का लिया जायजा


तीनबत्ती न्यूज:16 अक्टूबर 2026

सागर। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने शुक्रवार को खुरई में सिविल अस्पताल और शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का लिया जायजा

कलेक्टर ने सिविल अस्पताल खुरई में ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम, किडनी केयर डायलिसिस यूनिट और मैटरनिटी विंग का निरीक्षण किया। उन्होंने सीएमएचओ डॉ. देवेश पटेरिया से अस्पताल भवन, स्टाफ की उपलब्धता और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान एसडीएम खुरई श्री सतीश वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।


कलेक्टर ने ऑपरेशन थिएटर को फंक्शनल करने तथा सर्जिकल केसेस, विशेषकर सी-सेक्शन डिलीवरी के लिए बीना के स्त्री रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए।

उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से चर्चा कर अस्पताल में मिल रहे उपचार, दवाओं की उपलब्धता और स्टाफ के व्यवहार के संबंध में फीडबैक लिया।

एएनसी कक्ष में कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं के पंजीयन रजिस्टर का अवलोकन किया। उन्होंने प्रथम एएनसी जांच के दौरान हीमोग्लोबिन, बीपी, वजन सहित अन्य आवश्यक जांचों एवं परामर्श की जानकारी चिकित्सक से ली। साथ ही आपातकालीन कक्ष की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि चिकित्सकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित हो तथा सभी वार्डों में स्वच्छता, आवश्यक दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता बनी रहे। डायलिसिस यूनिट की सभी मशीनों को क्रियाशील रखने, एएनसी में शत-प्रतिशत पंजीयन एवं समय पर जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने आपातकालीन सेवाएं 24 घंटे सक्रिय रखने, बायो-मेडिकल वेस्ट का नियमानुसार निपटान तथा अस्पताल परिसर में स्वच्छ पेयजल एवं साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश भी दिए।


कन्या विद्यालय में छात्राओं से किया संवाद

इसके बाद कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खुरई का भी आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद जैन, एसडीएम खुरई श्री सतीश वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने कक्षा 11वीं कला वर्ग में पहुंचकर छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने सामाजिक विज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे और छात्राओं द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए। उन्होंने छात्राओं को किताब पढ़ने का सही तरीका भी समझाया तथा विषय शिक्षक से अध्ययन-अध्यापन कार्य की जानकारी ली।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक विज्ञान, भूगोल सहित अन्य विषयों की पढ़ाई इंटरएक्टिव पैनल के माध्यम से कराई जाए। इसके लिए समय-सारणी के अनुसार रोस्टर तैयार किया जाए, ताकि सभी छात्राओं को इंटरएक्टिव पैनल की सुविधा मिल सके। उन्होंने रोस्टर तैयार कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।



कलेक्टर ने छात्राओं को मेहनत और लगन से पढ़ाई करने की सलाह देते हुए उनके भविष्य की कार्ययोजना के बारे में पूछा। छात्राओं ने पुलिस, डॉक्टर, आईएएस, आईपीएस सहित विभिन्न क्षेत्रों में करियर बनाने की इच्छा व्यक्त की।

स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर भी जोर

कलेक्टर ने विद्यालय परिसर, कक्षा-कक्ष और शौचालयों में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्राओं के लिए स्वच्छ पेयजल, पानी की टंकी की नियमित सफाई तथा बालिका शौचालयों में पानी और आवश्यक स्वच्छता सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने विद्यालय परिसर में बेहतर सफाई एवं कचरा प्रबंधन व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।

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Sagar News: आंगनबाड़ी केंद्र का कलेक्टर ने किया निरीक्षण: कम बच्चे मिलने पर जताई नाराजगी

Sagar News: आंगनबाड़ी केंद्र का कलेक्टर ने किया निरीक्षण: कम बच्चे मिलने पर जताई नाराजगी

• कम वजन वाले बच्चों का फॉलोअप कर एनआरसी में भर्ती कराएं : कलेक्टर प्रतिभा पाल



तीनबत्ती न्यूज :16 अक्टूबर 2026

सागर। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने परियोजना खुरई के सेक्टर शहरी क्रमांक-2 अंतर्गत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम खुरई श्री सतीश वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र के खुलने और बंद होने के समय की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र में दर्ज बच्चों की संख्या और उनकी उपस्थिति की जानकारी कार्यकर्ता से ली। बच्चों की कम उपस्थिति मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्रीमती पाल ने बच्चों का वजन कराया और वजन संबंधी रिकॉर्ड का अवलोकन किया। उन्होंने पोषण ट्रैकर पर दर्ज वजन की रीडिंग भी देखी तथा एसएएम/एमएएम श्रेणी के बच्चों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि कम वजन वाले एवं कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनका नियमित फॉलोअप किया जाए और आवश्यकता अनुसार उन्हें एनआरसी में भर्ती कराया जाए।

कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र में उपस्थित बच्चों से बातचीत की और उनसे कविता भी सुनी। उन्होंने कार्यकर्ता से केंद्र में संचालित गतिविधियों और बच्चों की पढ़ाई के संबंध में जानकारी ली।

पोषण आहार की गुणवत्ता जांची

कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को वितरित किए जाने वाले ताजा पके भोजन और टीएचआर की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने केंद्र पर मौजूद महिलाओं से भी संवाद किया और उन्हें मिलने वाली पोषण सामग्री के संबंध में जानकारी ली।

कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को निर्देश दिए कि सभी बच्चों के आधार पोर्टल पर अपडेट कराए जाएं, ताकि कोई भी बच्चा पोषण वितरण की सुविधा से वंचित न रहे।

उन्होंने जिला परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री भरत सिंह राजपूत को टीएचआर वितरण व्यवस्था को और अधिक सटीक एवं बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में पोषण वाटिका विकसित करने तथा मुनगा के पौधे लगाने के भी निर्देश दिए।


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Sagar News : अवैध रूप से भंडारित 7.81 लाख रुपए के 150 कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त

Sagar News : अवैध रूप से भंडारित 7.81 लाख रुपए के 150 कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त



तीनबत्ती न्यूज: 15 अक्टूबर, 2026

बीना। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने बीना में अवैध रूप से भंडारित कमर्शियल गैस सिलेंडरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 150 सिलेंडर जब्त किए हैं। जब्त सिलेंडरों की कुल कीमत 7 लाख 81 हजार 500 रुपए बताई गई है।

सहायक आपूर्ति अधिकारी राजेश पटेल ने 15 अक्टूबर 2026 को कृषि उपज मंडी बीना के समीप साहनी पेट्रोल पंप के सामने स्थित धर्मेंद्र अग्रवाल के गोदाम/मकान पर कार्रवाई की। यहां से बीपीसीएल कंपनी के 150 कमर्शियल गैस सिलेंडर बरामद किए गए। इनमें 19 किलोग्राम और 5 किलोग्राम क्षमता वाले सिलेंडर शामिल हैं।



जांच में सामने आया कि उक्त सिलेंडर सर्वश्रेष्ठ गैस एजेंसी, सागर से मेसर्स अग्रवाल ट्रेडर्स द्वारा मंगाए गए थे। इन सिलेंडरों को बीना रिफाइनरी में वितरित किया जाना बताया जा रहा था।

विभाग द्वारा मामले में द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2000 के तहत प्रकरण निर्मित किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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शाहगढ़ में वन विभाग की टीम पर हमला, तीन आरोपी गिरफ्तार; ट्रैक्टर जब्त

वन विभाग की टीम पर हमला करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए

• वन भूमि पर ट्रैक्टर चलाकर कब्जे का प्रयास रोकने पर किया था हमला, घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर जब्त



तीनबत्ती न्यूज:15 अक्टूबर 2026

सागर। वन भूमि पर अवैध रूप से ट्रैक्टर चलाकर कब्जा करने से रोकने पर वन विभाग की टीम के साथ मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में शाहगढ़ पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर भी जब्त किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 को वनरक्षक नारायण सिंह ने थाना शाहगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि ग्राम निवाही स्थित बीट बट्टवाहा के कक्ष क्रमांक आरएफ-477, छोटा बंधा के पास कुछ लोग ट्रैक्टर चलाकर वन भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे।

सूचना मिलने पर डिप्टी रेंजर शैलेन्द्र तिवारी वन विभाग के अन्य कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। वन भूमि पर ट्रैक्टर से जुताई करने से रोकने पर आरोपियों ने कथित तौर पर वन विभाग की टीम के साथ मारपीट की। इस घटना में डिप्टी रेंजर शैलेन्द्र तिवारी और वनरक्षक नारायण सिंह को चोटें आईं।

वनरक्षक की रिपोर्ट पर थाना शाहगढ़ में अपराध क्रमांक 315/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 296(बी), 115(2), 118(1), 132, 151(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

मुखबिर की सूचना पर तीनों गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देशन में शाहगढ़ पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र सोलंकी के निर्देशन तथा एसडीओपी बंडा रोहित लखारे के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर 15 अक्टूबर को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरिराम यादव पिता जनक यादव, अमित यादव पिता हरिराम यादव और हरेन्द्र यादव पिता हरिराम यादव, सभी निवासी ग्राम निवाही, थाना शाहगढ़, जिला सागर के रूप में हुई है।

पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर को भी जब्त कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्रवाई में थाना प्रभारी शाहगढ़ उप निरीक्षक संदीप खरे, उप निरीक्षक गणपत सिंह, सहायक उप निरीक्षक राजेश खरे, प्रधान आरक्षक अमित, जानकी, जय, हरिराम एवं संतोष राय तथा आरक्षक दिनेश, लखन, रवि, आर्यन और सुनील की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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सागर जिले में अवैध प्लॉटिंग करने वालों पर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, 12 अवैध कॉलोनाइजरों को नोटिस

सागर जिले में अवैध प्लॉटिंग करने वालों पर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, 12 अवैध कॉलोनाइजरों को नोटिस


तीनबत्ती न्यूज :15 अक्टूबर 2026

सागर । बिना सक्षम अनुमति के अवैध रूप से प्लॉटिंग कर कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ सागर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर न्यायालय से पारित आदेशों के तहत जिले के 12 अवैध कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर अवैध कॉलोनी के सभी चिन्हांकन और निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्धारित समय सीमा में आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित भूमि के खसरे के कॉलम नंबर 12 में ‘अहस्तांतरणीय’ दर्ज किया जाएगा और संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

बीना, रहली और राहतगढ़ में कार्रवाई

कलेक्टर न्यायालय की कार्रवाई में बीना तहसील के मौजा इटावा, रहली तहसील के ग्राम बमूराजैसिंह एवं रहलीखास तथा राहतगढ़ तहसील के मौजा मढ़ा की जमीनें शामिल हैं।

1. पटवारी हल्का नंबर 51, मौजा इटावा स्थित खसरा नंबर 512/1/9/2/1, रकबा 0.6360 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक जितेन्द्र कुमार पिता राजेन्द्र कुमार समैया, निवासी जवाहर वार्ड, बीना, तहसील बीना, जिला सागर 

2. पटवारी हल्का नंबर 51, मौजा इटावा स्थित खसरा नंबर 312/2/2, रकबा 0.20 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक रज्जन पिता मोतीलाल प्रजापति, निवासी कानूनगो वार्ड, बीना, तहसील बीना, जिला सागर 


3. पटवारी हल्का नंबर 51, मौजा इटावा स्थित खसरा नंबर 213/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1, रकबा 0.46 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक सतीश पिता मुन्नालाल साहू, निवासी कटरा वार्ड, बीना, तहसील बीना, जिला सागर 


4. पटवारी हल्का नंबर 51, मौजा इटावा स्थित खसरा नंबर 514/3/1/1/1, रकबा 0.78 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक प्रीति पिता देवेन्द्र ठाकुर, निवासी कानूनगो वार्ड, बीना, तहसील बीना, जिला सागर 


5. पटवारी हल्का नंबर 51, मौजा इटावा स्थित खसरा नंबर 441/2/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1, रकबा 0.92 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक राजेन्द्र सिंह पिता किशोर सिंह राजपूत, निवासी चन्द्रशेखर वार्ड, बीना, तहसील बीना, जिला सागर 


6. पटवारी हल्का नंबर 21, ग्राम बमूराजैसिंह, तहसील रहली स्थित खसरा नंबर 9/2/2/1/1/1, रकबा 0.2310 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक भरतसिंह पिता कोमलसिंह, निवासी ग्राम सेमरामाधों, तहसील रहली, जिला सागर


7. पटवारी हल्का नंबर 21, ग्राम बमूराजैसिंह, तहसील रहली स्थित खसरा नंबर 4/2/2/2/1/1/1, रकबा 0.4814 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक राकेश पिता हरिनारयण दुबे, निवासी वार्ड नंबर 09, रहली, तहसील रहली, जिला सागर


8. पटवारी हल्का नंबर 21, ग्राम बमूराजैसिंह, तहसील रहली स्थित खसरा नंबर 23/2/2/2, रकबा 0.30 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक गौरवसिंह एवं कृष्णकुमार पिता किशोर सिंह ठाकुर, दोनों निवासी वार्ड नंबर 01, रहली, तहसील रहली, जिला सागर 


9. पटवारी हल्का नंबर 20, ग्राम रहलीखास, तहसील रहली स्थित खसरा नंबर 252/81/1/1/1, रकबा 0.408 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक महादेव पिता श्यामलाल साहू, निवासी वार्ड नंबर 04, रहली, तहसील रहली, जिला सागर 


10. पटवारी हल्का नंबर 21, ग्राम बमूराजैसिंह, तहसील रहली स्थित खसरा नंबर 22/1/1/3/1/1/1/1/1/1/1, रकबा 0.1156 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक शैलेन्द्रसिंह पिता देवीसिंह ठाकुर, निवासी वार्ड नंबर 08, रहली, तहसील रहली, जिला सागर 


11. पटवारी हल्का नंबर 26, मौजा मढ़ा स्थित खसरा नंबर 8/6/1 एवं 8/6/2/2, रकबा क्रमशः 1.0115 हेक्टेयर एवं 0.6115 हेक्टेयर, कुल रकबा 1.6230 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक मोहम्मद इदरीश पिता अब्दुल हफीज एवं मोहम्मद इमदाद पिता अब्दुल हफीज, निवासी वार्ड क्रमांक 2, राहतगढ़, तहसील राहतगढ़, जिला सागर 


12. पटवारी हल्का नंबर 21, ग्राम बमूराजैसिंह, तहसील रहली स्थित खसरा नंबर 13/1/1/1/1/1/1, रकबा 2.76 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक महेशकुमार पिता अमृतलाल साहू, निवासी वार्ड नंबर 08, रहली, तहसील रहली, जिला सागर

जमीन की खरीद-बिक्री पर भी रोक

मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 के तहत संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि संबंधित भूमि के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के लिए उप-पंजीयक कार्यालय को सूची भेजी जाए। निर्धारित 15 दिवस की समय-सीमा में अनाधिकृत कॉलोनी के सभी चिन्हांकन और निर्माण नहीं हटाए जाने पर नियमानुसार निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित खसरे के कॉलम नंबर 12 में ‘अहस्तांतरणीय’ दर्ज करने तथा संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर की इस कार्रवाई से अवैध रूप से प्लॉटिंग और कॉलोनी विकसित करने वालों में हड़कंप की स्थिति है।

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