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क्षत्रिय समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन 20 अप्रैल को रुद्राक्षधाम में : 51 सदस्यीय आयोजन समिति का गठन

क्षत्रिय समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन 20 अप्रैल को रुद्राक्षधाम में : 51 सदस्यीय आयोजन समिति का गठन


तीनबत्ती न्यूज:19 मार्च, 2026

सागर। क्षत्रिय महासभा जिला सागर द्वारा आगामी 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर्व पर रुद्राक्षधाम मंदिर प्रांगण में आयोजित क्षत्रिय समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन की 51 सदस्यीय आयोजन समिति गठित की गई है। सम्मेलन की तैयारियों के विषय में 21 मार्च की शाम 4 बजे होटल दीपाली के सभाकक्ष में आयोजन समिति की बैठक आयोजित की गई है।

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क्षत्रिय महासभा जिला सागर के अध्यक्ष श्री लखन सिंह ने बताया है कि क्षत्रिय समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में समाज के आर्थिक रूप से कमजोर बीपीएल कार्डधारी परिवारों की ही बेटियों का विवाह समाज द्वारा किया जाएगा। इस सम्मेलन में विवाह करने वाली प्रत्येक बेटी को 51000 रु की नकद राशि तथा समाजजनों द्वारा दी जाने वाली विभिन्न प्रकार की उपहार सामग्री दी जाएगी। इस सम्मेलन में सभी के भोज, टेंट पंडाल  आदि सभी व्यवस्थाएं निशुल्क की जाएंगी। जितनी अधिक राशि एवं खाद्यान्न आदि सामग्री समाज जनों के सहयोग एकत्रित होगी उसके अनुसार समाज की बेटियों का विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विवाह हेतु पंजीयन आवेदन क्षत्रिय महासभा के सागर (बामोरा) स्थित कार्यालय में जमा किए जाएंगे और पहले पंजीकृत होने वाले आवेदकों को सम्मेलन में विवाह हेतु प्राथमिकता से शामिल किया जाएगा।

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महासभा के अध्यक्ष लखन सिंह ने जानकारी दी कि गत 17 मार्च को ठाकुर बाबा मंदिर जरुआखेड़ा प्रांगण में आयोजित क्षत्रिय महासभा के मिलन समारोह में वरिष्ठ संरक्षक, पूर्व गृहमंत्री खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह के प्रस्ताव पर क्षत्रिय महासभा जिला सागर द्वारा समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। बैठप्रस्ताव पर सहमति के आधे घंटे के भीतर इस पुण्य कार्य हेतु क्षत्रिय समाज जनों द्वारा 21लाख की राशि तथा बड़ी मात्रा में खाद्यान्न व अन्य सामग्री देने की घोषणा की गई थी। उन्होंने आग्रह किया कि इस कन्यादान महादान के सम्मेलन में सभी समाज जन अपनी क्षमता अनुसार सहयोग दें व सभी स्वजातीय बंधुओं को इसके लिए प्रेरित करें। सहयोगकर्ताओं की पूरी सूची सामूहिक विवाह सम्मेलन स्थल रुद्राक्ष धाम मंदिर प्रांगण में सभी को वितरित की जाएगी।

यह रही आयोजन समिति

क्षत्रिय समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन हेतु गठित की गई 51 सदस्यीय समिति में शामिल सदस्यों में सौदान सिंह राठौर रहली, राजबहादुर सिंह पूर्व सांसद सागर, साहब सिंह सागौनी, राजकुमार सिंह सुमरेरी, जगत सिंह उदयपुरा, राजेन्द्र सिंह दरी, वीरेन्द्र बहादुर सिंह रिछावर, बलवंत सिंह कर्रापुर, भूपत सिंह सेमरा दौलत, शिवराज सिंह ठाकुर छापरी, जयंत सिंह बुंदेला मालथौन, कुवंर सिंह किर्रावदा बीना, नरेन्द्र सिंह पीपरा, इंदर सिंह बीना, राजकुमार सिंह ढाना नरयावली, डॉ. पीएस ठाकुर सागर, एड. जितेन्द्र सिंह ठाकुर गंभीरिया, रणधीर सिंह मासाब पटना, रंजोर सिंह बुंदेला शाहगढ़, डॉ. शैलेन्द्र सिंह सागर, राजकुमार सिंह धनौरा सुरखी, शिवराज सिंह बरेखेड़ी, विजय सिंह नयाखेड़ा आपचंद, राहुल राजपूत चौरा (रहली), अजब सिंह ठाकुर जरूआखेड़ा, जितेन्द्र सिंह धनौरा खुरई, देवप्रशांत सिंह बंडा, अजीत सिंह परिहार चीलपहाड़ी, मदन राजपूत बीना, लोकेन्द्र सिंह देहरी, चित्तर सिंह बसाहारी, शिवराज सिंह देहरी, बलभद्र सिंह बुंदेला बीना, एड. वीरेन्द्र सिंह राजपूत दादपुर राहतगढ, इंद्राज सिंह केरबना, मंगल सिंह सागौनी, शैलेन्द्र सिंह राजपूत कर्रापुर, अभिजीत सिंह गोल्डी रहली, भूपेन्द्र सिंह सिंगदोनी बंडा, धर्मेन्द्र सिंह निर्ताला खुरई, राजू राजपूत जैसीनगर, राजा राज सिंह करैया, चंद्रप्रताप सिंह ईसरवारा खुरई, जगदीश सिंह मासाब पाटई रहली, नरेन्द्र सिंह ठाकुर पप्पू बामोरा सागर, नत्थू सिंह साब सिमरिया बंडा, लोकेन्द्र सिंह लुहारी नरयावली, कैलाश सिंह राजपूत देवरी, प्रीतम सिंह राजपूत देवरी, बलवीर सिंह राजपूत लोंगर, राघवेन्द्र भापेल शामिल हैं।



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डॉ गौर विश्वविद्यालय : भूविज्ञान विभाग के 16 छात्र सीएसआईआर–नेट 2025 में सफल

डॉ गौर विश्वविद्यालय : भूविज्ञान विभाग के 16 छात्र सीएसआईआर–नेट 2025 में सफल


तीनबत्ती न्यूज: 19 मार्च , 2026

सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर अनुप्रयुक्त भूविज्ञान विभाग के 16 छात्रों ने सीएसआईआर–यूजीसी नेट दिसंबर 2025 (CSIR UGC NET 2025 ) परीक्षा में सफलता प्राप्त कर भारत में भूविज्ञान के एक प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है। इनमें से 6 छात्रों, अनुरूपा मिश्रा (AIR 15), अभिश्रुति हांडिक (AIR 39), शाश्वत सिन्हा (AIR 46), आकाश चौबे (AIR 68), अंशकिता सेजल (AIR 69) और रोहित वर्मा (AIR 105) ने प्रतिष्ठित जूनियर रिसर्च फेलोशिप प्राप्त की। इसके अतिरिक्त, साक्षी पंजवानी और अनूप के. ने लेक्चरशिप के लिए योग्यता प्राप्त की। वहीं 8 अन्य छात्र, यश कुमार रजक, राकेश काले, निशांत सिन्हा, संस्कृति झा, अनंदु वीएस, हर्षवर्धन ठाकुर, हर्षित मिश्रा और अभिषेक दास पीएचडी श्रेणी में सफल रहे। यह उल्लेखनीय उपलब्धि विभाग और विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किए गए सशक्त शैक्षणिक वातावरण और समर्पित मार्गदर्शन को दर्शाती है। 

विभागाध्यक्ष संकाय सदस्यों तथा विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी सफल छात्रों को बधाई दी और कहा कि ऐसी उपलब्धियां संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता को रेखांकित करती हैं तथा भविष्य में छात्रों को प्रेरित करती रहेंगी।

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Sagar News: बीड़ी कॉलोनी : आशियानों के चार दशक..: बदलती तस्वीर ▪️रिपोर्ट : डॉ नवनीत धगट

Sagar News: बीड़ी कॉलोनी : आशियानों के चार दशक..: बदलती तस्वीर

▪️रिपोर्ट : डॉ नवनीत धगट


तीनबत्ती न्यूज: 19 मार्च ,2026

सागर: सागर शहर के तिली चौराहे  से धर्म श्री होकर मोती नगर मार्ग, राज मार्ग 14, और वार्ड है- ‘बाधराज’ । यहाँ  से गुज़रते हुए आप की नज़र सड़क के किनारे लगातार जमे पुराने टायरों के ढेरों पर पड़ती है । जगह कनेरा देव- संजय ड्राइव क्रॉस रोड पुल पास, जीपीएस लोकेशन ‘बीड़ी अस्पताल’ दिखाई देगी । पूछने पर जगह बताई जाएगी - ‘बीड़ी कॉलोनी ‘। 

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बुंदेलखंड को मिले सागर से पुणे व नागपुर के लिए सीधा रेल संपर्क : सांसद डॉ. लता वानखेड़े की लोकसभा में बड़ी मांग

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स्थान के इतिहास तलाशने जाऐंगे तो आप को बताया जाएगा : यह जगह पहले पिपरिया नाका कहलाती थी । तब यहाँ  वन विभाग की एक चौकी  होती थी, जिस में कोई 'ग्रंटी ' (गार्ड का अपभ्रंश ) ड्यूटी पर होता था, जो वनोपज लाते ले जाते राहगीरों से इकन्नी -दुअन्नी वसूलता । नगर पालिका,सागर  का एक कांजी हाउस भी यहीं हुआ करता था । 


बीड़ी उद्योग का सुपर दौर

सन् अस्सी के दशक  में (1980-1988) सागर का बीड़ी कुटीर गृह उद्योग अपने उच्चतम स्तर पर था ।  सागर जिले में लगभग ढाई लाख से अधिक बीड़ी मजदूर थे और सागर का बीड़ी उद्योग प्रदेश  में अव्वल नंबर पर था। देश  में समाजवादी आंदोलन मुखर था । सागर के स्व.नारायण शंकर त्रिवेदी, रधु ठाकुर और जवाहर अग्निहोत्री जैसे समाजवादी नेता असंगठित क्षेत्रों के मजदूरों को संगठित कर उनके यूनियन तैयार करा रहे थे । अगरबत्ती,प्रेस, सफाई, पल्लेदार, बीड़ी सट्टेदार और सिविल डिफेंस जैसे,पच्चीसों श्रम संगठन अपने अधिकारों के लिए सक्रिय थे और संघर्ष कर रहे थे । रोटी,कपड़ा और मकान का नारा उस जमाने में प्रासंगिक था ।

बीड़ी कामगार सभा के मुहम्मद इकबाल की जुबानी



उस दौरा में इन्हीं यूनियनों में से एक थी ‘बीड़ी कामगार सभा’ । बीड़ी कॉलोनी  में रहने वाले 76 साल के बजुर्ग मुहम्मद इकबाल बताते हैं कि वे बीड़ी कामगार सभा के मंत्री थे । समाजवादी पार्टी के प्रदेश  अध्यक्ष स्व.नारायण शंकर त्रिवेदी , बीड़ी कामगार सभा के संरक्षक और एडवोकेट जवाहर अग्निहोत्री इसके अध्यक्ष थे । मुहम्मद इकबाल त्रिवेदी जी का नाम बेहद इज्जत से लेते हुए जज्बाती हो जाते हैं  ।  बताते हैं कि अस्सी के दशक में मध्य प्रदेश  के तत्कालीन मुख्य मंत्री अर्जुन सिंह जी का बीड़ी कामगार सभा ने सागर सर्किट हाउस में अपनी मांगों को लेकर घेराव किया था । 1980 के दशक में अर्जुन सिंह जी ने सागर के बीड़ी मजदूरों के लिए आवासीय कॉलोनी  के निर्माण की घोषणा  की । श्रम कल्याण  विभाग और हाउसिंग बोर्ड  ने 20 X30 फुट की प्लाट साइज़ में कुल 152 आवास  बना कर बीड़ी श्रमिकों को आवंटित किए गए थे । प्रत्येक आवास की कीमत 8000 रुपये रखी गई थी   इसमें  शासन का अनुदान 1500 रुपये था । 500 रुपयों की राशि  जमा करा के आवासों  का  सन 19 84 में अधिपत्य हितग्राही श्रमिकों को सौंपा गया था। शेष राशि  किस्तों में अदा की जानी थी । 


चार दशकों में आ गया बदलाव

सागर शहर की घनी आबादी से श्रमिक परिवार यहाँ आ कर बस गए । गुज़रे चालीस सालों में जहाँ  बहुत कुछ बदला, जिले का बीड़ी उद्योग ढलान पर आता चला गया । बीड़ी कॉलोनी का स्वरूप भी बदला । ज्यादातार आवंटियों ने  एक कमरे के छोटे मकान को नए सिरे से बनवा लिया ।  परिवारों ने अपनी आजीविका का क्षेत्र बदला, बहुत से श्रमिक पुराने टायरों को खरीदने बेचने का काम करने लगे हैं । ये पुराने टायर, आगे जाकर  क्रम्ब रबर, डामर (एस्फाल्ट), खेल के मैदानों की सतह, रबर मैट,जिम फ्लोरिंग, बच्चों के प्ले ग्राउण्ड और-रि ट्रेडिंग आदि के काम में लिए जाते हैं । 


विधायक शैलेन्द्र जैन ने की मदद

अनेक आवंटियों की हाउसिंग बोर्ड द्वारा तय राशि भुगतान नहीं हो सकी । लगातार बकाया भुगतान पर ब्याज के कारण यह राशि अधिक हो गई । मोहम्मद इकबाल आगे बताते हैं कि नगर विधायक शैलेंद्र जैन ने मध्यस्थता और पहल कर के बकाया  राशियों का सेटलमेंट कराया है । आवंटियों ने शहरी आवासों के लिए दी जाने  वाली वर्तमान प्रधानमंत्री आवास योजना सहायता स्वीकृत करा के मकानों के पुनर्निर्माण करा लिए हैं ।  आज  बीड़ी कॉलोनी के इन आशियानों में आ कर बसने वाले लगभग डेढ़ सौ रहवासी परिवार अपने घरों की छतों के नीचे राहत की सांस लेते हैं । 

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ग्राउंड रिपोर्ट: डॉ.नवनीत धगट 

(नवनीत धगट एक रिटायर्ड अधिकारी है: कला संस्कृति और सामाजिक सरोकारों पर गहरी समझ रखते है : 9827012124 )

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सागर शहर में छोटी झील की सफाई कर "जल गंगा संवर्धन अभियान" का तीसरे चरण शुरू

सागर शहर में छोटी झील की सफाई कर "जल गंगा संवर्धन अभियान" का तीसरे चरण  शुरू


तीनबत्ती न्यूज: 19 मार्च 2026

सागर: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) के पावन दिन “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तीसरे चरण का शुभारम्भ सागर शहर में करते हुए निगमायुक्त सह कार्यकारी निदेशक सागर स्मार्ट सिटी राजकुमार खत्री ने ऐतिहासिक लाखा बंजारा झील के भाग छोटी झील की सफाई की। माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशानुरूप शासन के निर्देशानुसार आज 19 मार्च से 30 जून तक यानि करीब साढ़े तीन महीने तक चलने वाले इस राज्य स्तरीय अभियान अंतर्गत सागर शहर के सभी जल स्रोतों के जल को साफ स्वच्छ बनाकर इन्हें संरक्षित करने का प्रयास किया जायेगा।

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सागर शहर में छोटी झील की सफाई कर "जल गंगा संवर्धन अभियान" का तीसरे चरण शुरू

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निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने छोटी झील किनारे संजय ड्राइव रोड की ओर निर्माणधीन घाट पर जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों और नगर निगम की टीम के साथ सामूहिक सफाई अभियान चलाकर धुलाई सफाई का कार्य किया। उन्होंने सभी के साथ मिलकर छोटी झील से जलकुम्भी व कचरा बाहर निकाला। नगर निगम की फायर लारियों और जैटिंग प्रेसर मशीनों की मदद से घाट और छतरियों की धुलाई की गई। घाट पर निर्मित मंदिरों में विराजमान 12 ज्योतिर्लिंग शिवलिंगों पर जलाभिषेक किया गया व मंदिरो की धुलाई की गई।

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जल, वायु, मृदा व अन्य सभी प्रदूषणों पर नियंत्रण पाकर सागर को नंबर-1 बनाने में नागरिक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं


निगमायुक्त ने कहा की जल, मिट्टी और वायु प्रदूषण सहित अन्य जो भी प्रदूषण हैं उन पर नागरिकों के महत्वपूर्ण सहयोग से हमें नियंत्रण पाते हुए सागर को नंबर-1 बनाना है। विभिन्न प्रदूषणो को कम कर नागरिकों की जीवन गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के निरंतर प्रयास निगम प्रशासन द्वारा किये जा रहे हैं। जल, वायु, मृदा व अन्य सभी प्रदूषणो पर नियंत्रण पाकर सागर को नंबर-1 बनाने में नागरिक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं और सकारात्मक सहयोग प्रदान करें। 


निगमायुक्त ने जल स्रोतों और जल के संरक्षण का दिलाया संकल्प


उन्होंने जल स्रोतों को साफ स्वच्छ रखकर जल संरक्षण में अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प दिलाते हुए कहा की प्रत्येक नागरिक को यह संकल्प लेना चाहिए की वह सभी प्रकार के प्रदूषणो को अपने स्तर पर कम करने में अपना शतप्रतिशत देगा। उन्होंने कहा की पूजन विसर्जन सामग्री आदि पॉलीथिन में भरकर जल स्रोतों में न डालें। जल स्रोत के आसपास बने निर्मल कुंड में विसर्जन करें। घरों से निकलने वाला गीला-सूखा कचरा डोर टू डोर कचरा कलेक्शन वाहनों में ही दें। खाद्य सामग्री या पेकिंग के रेपर आदि सड़क पर न फेकें ये उड़कर या बहकर जल स्रोतों तक पहुंचकर जल प्रदूषित करते हैं, सड़क किनारे लगे डस्टबिनों का उपयोग करें। उन्होंने कहा की सभी सागरवासी भाग्यशाली हैं की पूर्वजों ने शहर के बीच लाखा बंजारा झील जैसा लगभग 400 एकड़ में फैला विशाल जल स्रोत हमें विरासत में दिया है। इस ऐतिहासिक विरासत को भविष्य के लिए संरक्षित रखना हम सब का नैतिक दायित्व है जिम्मेदारी है। 



लाखा बंजारा झील के कायाकल्प से झील को भविष्य के लिए संरक्षित करने में मिला अभूतपूर्व सहयोग


 लाखा बंजारा झील के आकर्षक कायाकल्प ने झील के अस्तित्व को भविष्य के लिए सुरक्षित बनाया है। छोटी झील में एकत्र जल को भी झील का कायाकल्प कर संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा की तिली मार्ग व संजयड्राइव रोड की ओर लगे छोटी झील के किनारों पर लाल पत्थर से निर्मित रॉयल छतरीयों को स्थापित कर इसके स्वरूप को आकर्षक बनाया जा रहा है। छोटी झील किनारे बने ब्लैक स्पॉट को समाप्त कर नागरिकों हेतु आंनद स्थल के रूप में घाट विकसित किया गया है। इस घाट को आध्यात्मिक सांस्कृतिक ऊर्जा से परिपूर्ण बनाने के लिए 12 ज्योतिर्लिंग सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रतिमाओं की स्थपना की गई है। 


स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण में सागर को प्रथम रैंक  लाने हेतु स्वच्छता अभियान का हुआ शुभारम्भ


निगमायुक्त श्री राजकुमार खत्री ने छोटी झील किनारे नवनिर्मित घाट पर जनप्रतिनिधियों, नागरिकों व सफाईमित्रों के साथ झाडू लगाकर व घाट की धुलाई कर स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण में सागर को प्रथम रैंक पर लाने हेतु स्वच्छता अभियान का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा की विगत स्वच्छता सर्वेक्षण में सभी सफाईमित्रों, नगर निगम की टीम और नागरिकों के सयुक्त प्रयासों से सागर ने 77वीं राष्ट्रीय रैंक से ऊपर उठकर 10वीं नेशनल रैंक प्राप्त की थी। इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में हमारा लक्ष्य 10वीं रैंक से ऊपर उठकर प्रथम स्थान हासिल करना है और आप सभी के इसी जुनून और जज्बे से हमारा सागर स्वच्छता में नंबर-1 अवश्य बनेगा। स्वच्छता में अव्वल बनने हेतु आवश्य लगभग सभी आयामों पर गहनता से कार्य किया जा रहा है। नागरिकों में भी सागर को अव्वल बनाने का जज्बा दिखाई दे रहा है सागर के रहवासी अब आगे आकर शहर की सफाई में सहयोग कर रहे हैं। शहर को स्वच्छ सुंदर व सुरक्षित बनाने में नागरिकों की सहभागिता बढ़ रही है। कटरा सहित अन्य क्षेत्रों में लगे पौधों को हरा भरा बनाएं रखने के लिए निगम प्रशासन के साथ ही नागरिकों द्वारा भी पानी सींचने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। कचरा कलेक्शन बिलों का भुगतान भी नागरिकों द्वारा किया जा रहा है। इससे सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सकेगा और सागर स्वच्छता में प्रथम रैंक हासिक करेगा।

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अंधविश्वास की भेंट चढ़ते-चढ़ते बची महिला : बीएमसी के आईसीयू में मिला पुनर्जन्म ▪️15 दिन कोमा में रहने और 5 बार डायलिसिस के बाद महिला और बच्चा दोनों स्वस्थ

अंधविश्वास की भेंट चढ़ते-चढ़ते बची महिला : बीएमसी के आईसीयू में मिला पुनर्जन्म

▪️15 दिन कोमा में रहने और 5 बार डायलिसिस के बाद महिला और बच्चा दोनों स्वस्थ


तीनबत्ती न्यूज: 18 मार्च 2026 

सागर: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया और आईसीयू विभाग ने एक बार फिर चिकित्सा जगत में अपनी उत्कृष्टता सिद्ध की है। खुरई क्षेत्र के एक ग्रामीण गांव की गर्भवती महिला, जो गंभीर स्थिति और अंधविश्वास के कारण जीवन-मौत के बीच जूझ रही थी, उसे बीएमसी के डॉक्टरों ने चमत्कारिक रिकवरी देते हुए नई जिंदगी दी है।

अंधविश्वास ने बिगाड़ा था मामला

आईसीयू प्रभारी प्रो. डॉ. सर्वेश जैन ने बताया कि उक्त महिला गर्भावस्था के दौरान अचेत हो गई थी। परिजनों ने जागरूकता के अभाव में डॉक्टरी सलाह लेने के बजाय तंत्र-मंत्र का सहारा लिया, जिससे कीमती समय बर्बाद हुआ। स्थिति बिगड़ने पर मरीज को 20 फरवरी को अचेत अवस्था (कोमा) में बीएमसी अस्पताल लाया गया।

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बुंदेलखंड को मिले सागर से पुणे व नागपुर के लिए सीधा रेल संपर्क : सांसद डॉ. लता वानखेड़े की लोकसभा में बड़ी मांग

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कोमा की स्थिति में ही भर्ती होने के दो दिन बाद महिला ने आईसीयू में ही सामान्य प्रसव के माध्यम से बच्चे को जन्म दिया, जिसे तुरंत गहन चिकित्सा इकाई (नर्सरी) में शिफ्ट किया गया। डॉ. जैन ने बताया कि महिला लगातार 15 दिनों तक कोमा में रही। इस दौरान उसकी 5 बार डायलिसिस की गई और 5 एफएफपी (FFP) लगाए गए। डॉक्टरों के अथक प्रयासों से अब महिला पूरी तरह सामान्य है और जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी।

टीम वर्क से मिली सफलता

कंसल्टेंट इंचार्ज डॉ. अजय सिंह के मार्गदर्शन में डॉ. अजमल, डॉ. ट्विंकल और डॉ. हिमानी ने मरीज की निरंतर सेवा और निगरानी की, जिसके परिणामस्वरूप यह सफल रिकवरी संभव हो सकी।

इस उपलब्धि पर डीन डॉ. पी.एस. ठाकुर ने एनेस्थीसिया विभाग को बधाई दी। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों के प्रति नकारात्मकता फैलाने से आम आदमी का विश्वास डगमगाता है, जिससे वे आर्थिक तंगी के बावजूद निजी अस्पतालों की ओर रुख करते हैं। डॉ. ठाकुर ने कहा, सरकारी अस्पताल उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। यदि समाज में इनके प्रति सकारात्मक बदलाव को स्थान मिलेगा, तो चिकित्सकों और स्टाफ का मनोबल बढ़ेगा और अधिक से अधिक गरीब मरीज इन निःशुल्क सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।


मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान का लक्ष्य प्रत्येक मरीज को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है और यह मामला बीएमसी की कार्यकुशलता का जीवंत प्रमाण है।

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सागर में माह मार्च में बिजली विभाग की सख्ती : बकायादारों की तालाबंदी, 800 से अधिक कनेक्शन काटे

सागर में माह मार्च में बिजली विभाग की सख्ती : बकायादारों की तालाबंदी, 800 से अधिक कनेक्शन काटे 


तीनबत्ती न्यूज:  18 मार्च 2026

सागर: शहर संभाग सागर में विद्युत विभाग द्वारा माह मार्च के दौरान बकाया वसूली को लेकर सख्त एवं व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज बड़े बकायादारों के विरुद्ध डीआरए एक्ट के तहत तालाबंदी की प्रभावी कार्रवाई की गई।  विद्युत विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि मार्च माह में राजस्व वसूली को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने अपनी कार्रवाई को कई गुना बढ़ा दिया है। शहर के चारों उपसंभागों में 100 से अधिक टीमों का गठन कर लगातार फील्ड में उतारा गया है, जो बकायादार उपभोक्ताओं के विरुद्ध कनेक्शन विच्छेदन एवं वसूली की कार्रवाई कर रही हैं। इस दौरान होमगार्ड के जवानों एवं पुलिस की भी सहायता ली जा रही है।



विभाग द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन विच्छेदित किए जा चुके हैं, यदि वे पुनः अवैध रूप से बिजली जोड़ने का प्रयास करते हैं, तो उनके विरुद्ध विद्युत अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान स्थिति के अनुसार ₹5000 से अधिक बकाया राशि वाले लगभग 800 से अधिक उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा चुके हैं। कार्यपालन यंत्री ने बताया कि यह विशेष अभियान पूरे माह निरंतर जारी रहेगा और बकाया वसूली में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

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बुंदेलखंड को मिले सागर से पुणे व नागपुर के लिए सीधा रेल संपर्क : सांसद डॉ. लता वानखेड़े की लोकसभा में बड़ी मांग

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इसी कड़ी में आज पावर हाउस जोन के सहायक यंत्री  कृष्ण कुमार पटेल के नेतृत्व में कई पुराने एवं बड़े बकायादारों के परिसरों में, पूर्व में दिए गए कुर्की नोटिसों के बावजूद राशि जमा न करने पर, डीआरए एक्ट के तहत विधिवत तालाबंदी की कार्रवाई की गई। विद्युत विभाग ने समस्त बकायादार उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे तत्काल अपने बकाया विद्युत बिल का भुगतान करें,जिससे कनेक्शन विच्छेदन या असुविधा से बचा जा सके।


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Sagar News: गर्मियों में घर से पानी लाकर की सिंचाई, हराभरा हो गया स्कूल ▪️12 साल पहले शिक्षक ने की थी शुरुआत, जहां घास तक नहीं उगती थी, वहां पेड़ लगाकर सींचा, सुंदर बगीचा बना दिया

Sagar  News: गर्मियों में घर से पानी लाकर की सिंचाई, हराभरा हो गया स्कूल

▪️12 साल पहले शिक्षक ने की थी शुरुआत, जहां घास तक नहीं उगती थी, वहां पेड़ लगाकर सींचा, सुंदर बगीचा बना दिया


तीनबत्ती न्यूज:  18 मार्च 2026

सागर: धर्मश्री माध्यमिक स्कूल परिसर में वर्तमान में औषधीय पेड़-पौधों के साथ फूल व फलों के लगभग 35 पेड़ लगे हैं। स्कूल परिसर हरा-भरा है। स्कूल में बच्चे इन्हीं वृक्षों की छांव में बैठते एवं चहल-पहल करते हैं। सुबह-शाम पक्षियों का कलरव भी होता है,लेकिन यह स्कूल परिसर हमेशा से ऐसा नहीं था। इसे हरा भरा बनाने का काम स्कूल के शिक्षकों और बच्चों ने किया। 10-12 साल में ही शहर का सबसे सुंदर स्कूल बना लिया।


जहां यह स्कूल है वह कभी निगम का डंपिंग क्षेत्र हुआ करता था। स्कूल भवन बनाने के लिए जमीन ढूंढी गई तो यही मिली। भवन बन गया, उसमें स्कूल शुरू भी हो गया लेकिन घास तक नहीं थी। बाउंड्रीवॉल नहीं थी। यह निगम का डंपिंग स्थान था, इस कारण 2013-14 में निगम कर्मियों ने यहां कुछ पौधे डंप कर दिए। ये पड़े-पड़े खराब हो रहे थे। स्कूल के सहायक शिक्षक श्री राकेश श्रीवास्तव ने स्कूल परिसर में पौधे लगाने का विचार किया। स्कूल के अन्य शिक्षकों व बच्चों के साथ इन्हें लगाना शुरू किया। लगाने के बाद सभी पौधे पेड़ बनकर हरे भरे हो गए। लेकिन स्कूल की बाउंड्रीवॉल नहीं थी इसलिए अब इनकी सुरक्षा की चुनौती थी। सुरक्षा के लिए शिक्षकों व बच्चों ने मिलकर बबूल, जरिया आदि काटकर पेड़ों के चारों ओर लपेट दिए। पेड़ों की सुरक्षा हो गई व बढ़ने लगे। इसके बाद पेड़ों की स्थाई सुरक्षा के लिए तार फेन्सिंग कराई गई। सहायक शिक्षक राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि पौधे लगाने व बड़ा करने में सभी शिक्षकों व बच्चों का सहयोग रहा।  

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औषधीय व फल, फूल के पेड़-पौधे लगे

स्कूल परिसर में कचनार, नीम, पीपल, बरगद सहित अमरूद, शहतूत, आम, पैसे फल एवं छायादार पौधे लगाए गए थे जो ब बड़े वृक्ष बन गए हैं। जिस परिसर में कभी घास नहीं उगती थी वहां आज शानदार बगीचा है।



गर्मी में घर से पानी लाकर सींचा

सहायक शिक्षक राकेश श्रीवास्तव ने बताते हैं कि गर्मी में उन्हें जिंदा रखने के लिए पानी चाहिए था। स्कूल में पानी की व्यवस्था नहीं थी, आसपास भी आसानी से पानी उपलब्ध नहीं था। ऐसे में इन्हें जिंदा रखने के लिए उन्होंने ने घर से पानी लाना शुरू किया। हर रोज घर से स्कूल जाते समय प्लास्टिक पीपों में पानी भरकर ले जाते। सभी पौधों में पानी डालते। हर दो दिन में घर से पानी लेकर पेड़ों को सींचते रहे। पहली गर्मी निकल गई। सभी पेड़ सुरक्षित हैं और पेड़ बड़े हो गए। पूरा प्रांगण हरा भरा हो गया।


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अमायरा खान: सागर की नन्ही शतरंज खिलाड़ी ने रचा कीर्तिमान

अमायरा खान:  सागर की नन्ही शतरंज खिलाड़ी ने रचा कीर्तिमान


तीनबत्ती न्यूज:  18 मार्च 2026

सागर: कलेक्टर संदीप जी आर के प्रयास लगातार रंग ला रहे है इसी कड़ी में सागर मध्यप्रदेश की रहने वाली 6 वर्ष की बालिका अमायरा खान ने बहुत छोटी उम्र में शतरंज की दुनिया में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी है। अमायरा एक अंतरराष्ट्रीय रेटेड शतरंज खिलाड़ी हैं जिनकी Fédération Internationale des Échecs (FIDE) स्टैंडर्ड रेटिंग 1450 है। अमायरा के पिता का नाम आसिफ खान और माता का नाम साजिया खान है। उनके चाचा साजिद खान पूर्व रणजी क्रिकेट खिलाड़ी रह चुके हैं।


अमायरा पिछले 2 वर्षों से शतरंज खेल रही हैं और वर्तमान में स्वदेश चेस अकादमी, सागर में प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्हें अभिजीत अवस्थी  योगेश नामदेव  और राजा अहिरवार  के मार्गदर्शन में सिटी स्टेडियम में प्रशिक्षण मिल रहा है। इतनी कम उम्र में अमायरा कई बड़े टूर्नामेंट खेल चुकी हैं, जिनमें मदुरै इंटरनेशनल ग्रैंडमास्टर टूर्नामेंट, भोपाल इंटरनेशनल टूर्नामेंट, सागर टूर्नामेंट और भारत के अन्य कई राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं में अमायरा ने 1469 रेटेड खिलाड़ी प्रवीण चिट्टेट को हराकर शानदार प्रदर्शन किया है।



अब तक अमायरा पूरे भारत में 50 से अधिक शतरंज टूर्नामेंट खेल चुकी हैं और वर्तमान में अंडर-7 गर्ल्स नेशनल चैंपियनशिप में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इन प्रतियोगिताओं में अमायरा ने 1469 रेटेड खिलाड़ी प्रवीण चिट्टेट को हराकर शानदार प्रदर्शन किया है। जिला शतरंज संघ, सागर के अध्यक्ष श्री धर्मेंद्र शर्मा और सचिव श्री नितिन चौरसिया सागर जिले में शतरंज के प्रचार-प्रसार और नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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वर्तमान में सागर जिले के कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. द्वारा “मिशन चेस” चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत जिले के सभी सरकारी स्कूलों में शतरंज सेट वितरित किए जा रहे हैं और हर गांव तक शतरंज पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बच्चों का आईक्यू स्तर और मानसिक विकास बढ़ सके। अमायरा खान आज सागर जिले के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं और आने वाले समय में उनसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद की जा रही है। अमायरा खान, जो सेंट जोसेफ्स कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ती हैं।

 

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