सारेगामा फेम प्रियांशी श्रीवास्तव के गीतों से सजा बांदरी गौरव दिवस संपन्न
तीनबत्ती न्यूज: 14 अप्रैल, 2026
बांदरी। उत्सवों के माध्यम से युवा राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ते हैं।’बांदरी गौरव दिवस’ की परंपरा आरंभ करके पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने बांदरी नगर की सांस्कृतिक आत्मा को जगा दिया है। श्रेष्ठ अंक और मेरिट में आकर हमारे नगर का नाम रोशन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करके, हमारे बांदरी नगर को सुरक्षा और स्वच्छता देने वाले नगर परिषद के परिश्रमी और समर्पित कर्मचारियों को सम्मानित करके हम सभी संगीतमय प्रस्तुतियों का आनंद लेते हैं। हमें इस कार्यक्रम में बालीवुड के ऐसे प्रसिद्ध कलाकारों को रूबरू देखने सुनने का अवसर मिलता है। यह बात बांदरी में आयोजित “बांदरी गौरव दिवस“ कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान अपने उद्बोधन में कही। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम में सारेगामापा फेम प्रियांशी श्रीवास्तव ने अपनी धमाकेदार प्रस्तुति से बांदरी को गुंजायमान कर दिया।
बांदरी गौरव दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवा भाजपा नेता अविराज सिंह ने कहा कि गौरव उत्सव हमारी प्राचीन विरासत और गौरवशाली संस्कृति के संवाहक होते हैं। ये हमारी जड़ों से हमें जोड़कर रखते हैं और भावी पीढ़ियों को परंपराओं के मूल मंत्रों से परिचित कराने का सशक्त माध्यम हैं। मेले और महोत्सव हमारी लुप्त होती लोक-कलाओं, हस्तशिल्प और क्षेत्रीय बोलियों के लिए एक ’संजीवनी’ का कार्य करते हैं। ये मंच कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और अपनी विरासत को जीवित रखने का अवसर प्रदान करते हैं। किसी भी महोत्सव का सफल आयोजन हमें सामूहिक अनुशासन और कुशल प्रबंधन की शिक्षा देता है। हज़ारों-लाखों की भीड़ में एक व्यवस्था के साथ उत्सव मनाना, समाज के संगठित स्वरूप का प्रमाण है। सार्वजनिक मेलों में राजा हो या रंक, सब एक ही कतार में खड़े होते हैं और एक ही आनंद साझा करते हैं। यह दृश्य समाज में समानता और बंधुत्व के लोकतांत्रिक मूल्यों को शब्दों से अधिक प्रभावी ढंग से स्थापित करता है। महोत्सव वह जीवंत पाठशाला है जहाँ बिना किसी पाठ्यपुस्तक के, भावी पीढ़ी अपने पूर्वजों के संघर्ष, उनके बलिदान और उनकी जीवन पद्धति को सहज ही आत्मसात कर लेती है।
अविराज सिंह ने कहा कि बांदरी गौरव दिवस बांदरी की पहचान बन चुका है। यह महोत्सव खुरई के विधायक श्री भूपेंद्र सिंह जी की उस दूरगामी सोच का नतीजा है। भूपेंद्र सिंह जी ने केवल सड़कों और भवनों का विकास ही नहीं किया, बल्कि बांदरी गौरव दिवस शुरू कराकर बांदरी की सांस्कृतिक आत्मा को भी एक नई पहचान और सम्मान दिलाया है। उन्होंने कहा कि श्री भूपेंद्र सिंह जी द्वारा शुरू की गई यह परंपरा जात-पात और राजनीति से ऊपर उठकर पूरे शहर को एक सूत्र में पिरोने का काम करती है, जहाँ हर नागरिक खुद को इस उत्सव का हिस्सा मानता है। भूपेंद्र सिंह जी की संकल्पना रही है कि यह उत्सव केवल सरकारी आयोजन न बने, बल्कि बांदरी के हर घर का अपना त्यौहार बन जाए, जिसमें गरीब-अमीर सभी एक साथ खुशियाँ बाँट सकें।अविराज सिंह ने कहा कि महोत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं। जब युवा इन मेलों में अपनी जड़ों से जुड़ते हैं, तो उनमें राष्ट्र के प्रति गौरव और रचनात्मकता का संचार होता है। उन्होंने बताया कि डॉ. अंबेडकर ने कहा था कि किसी भी समाज की प्रगति का आकलन इस बात से किया जा सकता है कि उसके त्योहार और सामाजिक आयोजन कितने समावेशी और समतावादी हैं।
प्रियांशी श्रीवास्तव के गीतों ने समां बांधा
कलाकार प्रियांशी श्रीवास्तव ने हौले हौले हो जाएगा प्यार....,मेरे नाम तू...झुमका गिरा रे बरेली के बाजार में जैसे गीतों से दर्शकों का दिल जीत लिया। उन्होंने विभिन्न फिल्मों के हिट गीत सुनाए। युवा दर्शकों और परिवार सहित प्रस्तुति देखने आए दर्शकों को उत्साह और उमंग से भर दिया। दर्शकों ने पूरे कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया।
बांदरी के प्रतिभाशाली विद्यार्थी और कर्मठ कर्मचारियों को सम्मानित किया
बांदरी गौरव दिवस के अवसर पर 10 वीं और 12 वीं कक्षाओं के श्रेष्ठ अंक लाने वाले छात्र छात्राओं को पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने 5100 रुपए की नगद राशि और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया। इन विद्यार्थियों में पूनम अहिरवार, जूली सौंर, निशा सूर्यांश तिवारी, राधिका विश्वकर्मा, नैंसी लोधी साक्षी लोधी, रोशनी रैंकवार, चिराग विश्वकर्मा, कशिश राजा परमार, निशा साहू, सावित्री पटेल और मोहनी राय को सम्मानित किया गया। नगर परिषद बांदरी के फायर डिपार्टमेंट में कार्यरत फायर वाहन चालक भगत सिंह लोधी, लखन आदिवासी, भगवान सिंह लोधी तथा शैलेंद्र लोधी हेल्पर, सफाई कर्मी कमला वाल्मीकि तथा देवकी वाल्मीकि को भी नगद राशि से सम्मानित किया गया।
गौरव दिवस नगरपरिषद बांदरी की अध्यक्ष श्रीमती सुधा लोधी, पूर्व मंडल अध्यक्ष शारदा लोधी सहित बड़ी संख्या में जन समुदाय उपस्थित रहा।

































