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खुरई में कलेक्टर प्रतिभा पाल का आकस्मिक निरीक्षण, अस्पताल और कन्या स्कूल की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

खुरई में कलेक्टर प्रतिभा पाल का आकस्मिक निरीक्षण, अस्पताल और कन्या स्कूल की व्यवस्थाओं का लिया जायजा


तीनबत्ती न्यूज:16 अक्टूबर 2026

सागर। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने शुक्रवार को खुरई में सिविल अस्पताल और शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का लिया जायजा

कलेक्टर ने सिविल अस्पताल खुरई में ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम, किडनी केयर डायलिसिस यूनिट और मैटरनिटी विंग का निरीक्षण किया। उन्होंने सीएमएचओ डॉ. देवेश पटेरिया से अस्पताल भवन, स्टाफ की उपलब्धता और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान एसडीएम खुरई श्री सतीश वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।


कलेक्टर ने ऑपरेशन थिएटर को फंक्शनल करने तथा सर्जिकल केसेस, विशेषकर सी-सेक्शन डिलीवरी के लिए बीना के स्त्री रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए।

उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से चर्चा कर अस्पताल में मिल रहे उपचार, दवाओं की उपलब्धता और स्टाफ के व्यवहार के संबंध में फीडबैक लिया।

एएनसी कक्ष में कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं के पंजीयन रजिस्टर का अवलोकन किया। उन्होंने प्रथम एएनसी जांच के दौरान हीमोग्लोबिन, बीपी, वजन सहित अन्य आवश्यक जांचों एवं परामर्श की जानकारी चिकित्सक से ली। साथ ही आपातकालीन कक्ष की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि चिकित्सकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित हो तथा सभी वार्डों में स्वच्छता, आवश्यक दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता बनी रहे। डायलिसिस यूनिट की सभी मशीनों को क्रियाशील रखने, एएनसी में शत-प्रतिशत पंजीयन एवं समय पर जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने आपातकालीन सेवाएं 24 घंटे सक्रिय रखने, बायो-मेडिकल वेस्ट का नियमानुसार निपटान तथा अस्पताल परिसर में स्वच्छ पेयजल एवं साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश भी दिए।


कन्या विद्यालय में छात्राओं से किया संवाद

इसके बाद कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खुरई का भी आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद जैन, एसडीएम खुरई श्री सतीश वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने कक्षा 11वीं कला वर्ग में पहुंचकर छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने सामाजिक विज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे और छात्राओं द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए। उन्होंने छात्राओं को किताब पढ़ने का सही तरीका भी समझाया तथा विषय शिक्षक से अध्ययन-अध्यापन कार्य की जानकारी ली।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक विज्ञान, भूगोल सहित अन्य विषयों की पढ़ाई इंटरएक्टिव पैनल के माध्यम से कराई जाए। इसके लिए समय-सारणी के अनुसार रोस्टर तैयार किया जाए, ताकि सभी छात्राओं को इंटरएक्टिव पैनल की सुविधा मिल सके। उन्होंने रोस्टर तैयार कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।



कलेक्टर ने छात्राओं को मेहनत और लगन से पढ़ाई करने की सलाह देते हुए उनके भविष्य की कार्ययोजना के बारे में पूछा। छात्राओं ने पुलिस, डॉक्टर, आईएएस, आईपीएस सहित विभिन्न क्षेत्रों में करियर बनाने की इच्छा व्यक्त की।

स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर भी जोर

कलेक्टर ने विद्यालय परिसर, कक्षा-कक्ष और शौचालयों में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्राओं के लिए स्वच्छ पेयजल, पानी की टंकी की नियमित सफाई तथा बालिका शौचालयों में पानी और आवश्यक स्वच्छता सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने विद्यालय परिसर में बेहतर सफाई एवं कचरा प्रबंधन व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।

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Sagar News: आंगनबाड़ी केंद्र का कलेक्टर ने किया निरीक्षण: कम बच्चे मिलने पर जताई नाराजगी

Sagar News: आंगनबाड़ी केंद्र का कलेक्टर ने किया निरीक्षण: कम बच्चे मिलने पर जताई नाराजगी

• कम वजन वाले बच्चों का फॉलोअप कर एनआरसी में भर्ती कराएं : कलेक्टर प्रतिभा पाल



तीनबत्ती न्यूज :16 अक्टूबर 2026

सागर। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने परियोजना खुरई के सेक्टर शहरी क्रमांक-2 अंतर्गत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम खुरई श्री सतीश वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र के खुलने और बंद होने के समय की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र में दर्ज बच्चों की संख्या और उनकी उपस्थिति की जानकारी कार्यकर्ता से ली। बच्चों की कम उपस्थिति मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्रीमती पाल ने बच्चों का वजन कराया और वजन संबंधी रिकॉर्ड का अवलोकन किया। उन्होंने पोषण ट्रैकर पर दर्ज वजन की रीडिंग भी देखी तथा एसएएम/एमएएम श्रेणी के बच्चों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि कम वजन वाले एवं कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनका नियमित फॉलोअप किया जाए और आवश्यकता अनुसार उन्हें एनआरसी में भर्ती कराया जाए।

कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र में उपस्थित बच्चों से बातचीत की और उनसे कविता भी सुनी। उन्होंने कार्यकर्ता से केंद्र में संचालित गतिविधियों और बच्चों की पढ़ाई के संबंध में जानकारी ली।

पोषण आहार की गुणवत्ता जांची

कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को वितरित किए जाने वाले ताजा पके भोजन और टीएचआर की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने केंद्र पर मौजूद महिलाओं से भी संवाद किया और उन्हें मिलने वाली पोषण सामग्री के संबंध में जानकारी ली।

कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को निर्देश दिए कि सभी बच्चों के आधार पोर्टल पर अपडेट कराए जाएं, ताकि कोई भी बच्चा पोषण वितरण की सुविधा से वंचित न रहे।

उन्होंने जिला परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री भरत सिंह राजपूत को टीएचआर वितरण व्यवस्था को और अधिक सटीक एवं बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में पोषण वाटिका विकसित करने तथा मुनगा के पौधे लगाने के भी निर्देश दिए।


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Sagar News : अवैध रूप से भंडारित 7.81 लाख रुपए के 150 कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त

Sagar News : अवैध रूप से भंडारित 7.81 लाख रुपए के 150 कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त



तीनबत्ती न्यूज: 15 अक्टूबर, 2026

बीना। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने बीना में अवैध रूप से भंडारित कमर्शियल गैस सिलेंडरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 150 सिलेंडर जब्त किए हैं। जब्त सिलेंडरों की कुल कीमत 7 लाख 81 हजार 500 रुपए बताई गई है।

सहायक आपूर्ति अधिकारी राजेश पटेल ने 15 अक्टूबर 2026 को कृषि उपज मंडी बीना के समीप साहनी पेट्रोल पंप के सामने स्थित धर्मेंद्र अग्रवाल के गोदाम/मकान पर कार्रवाई की। यहां से बीपीसीएल कंपनी के 150 कमर्शियल गैस सिलेंडर बरामद किए गए। इनमें 19 किलोग्राम और 5 किलोग्राम क्षमता वाले सिलेंडर शामिल हैं।



जांच में सामने आया कि उक्त सिलेंडर सर्वश्रेष्ठ गैस एजेंसी, सागर से मेसर्स अग्रवाल ट्रेडर्स द्वारा मंगाए गए थे। इन सिलेंडरों को बीना रिफाइनरी में वितरित किया जाना बताया जा रहा था।

विभाग द्वारा मामले में द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2000 के तहत प्रकरण निर्मित किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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शाहगढ़ में वन विभाग की टीम पर हमला, तीन आरोपी गिरफ्तार; ट्रैक्टर जब्त

वन विभाग की टीम पर हमला करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए

• वन भूमि पर ट्रैक्टर चलाकर कब्जे का प्रयास रोकने पर किया था हमला, घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर जब्त



तीनबत्ती न्यूज:15 अक्टूबर 2026

सागर। वन भूमि पर अवैध रूप से ट्रैक्टर चलाकर कब्जा करने से रोकने पर वन विभाग की टीम के साथ मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में शाहगढ़ पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर भी जब्त किया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 को वनरक्षक नारायण सिंह ने थाना शाहगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि ग्राम निवाही स्थित बीट बट्टवाहा के कक्ष क्रमांक आरएफ-477, छोटा बंधा के पास कुछ लोग ट्रैक्टर चलाकर वन भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे।

सूचना मिलने पर डिप्टी रेंजर शैलेन्द्र तिवारी वन विभाग के अन्य कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। वन भूमि पर ट्रैक्टर से जुताई करने से रोकने पर आरोपियों ने कथित तौर पर वन विभाग की टीम के साथ मारपीट की। इस घटना में डिप्टी रेंजर शैलेन्द्र तिवारी और वनरक्षक नारायण सिंह को चोटें आईं।

वनरक्षक की रिपोर्ट पर थाना शाहगढ़ में अपराध क्रमांक 315/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 296(बी), 115(2), 118(1), 132, 151(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

मुखबिर की सूचना पर तीनों गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया के निर्देशन में शाहगढ़ पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र सोलंकी के निर्देशन तथा एसडीओपी बंडा रोहित लखारे के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर 15 अक्टूबर को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरिराम यादव पिता जनक यादव, अमित यादव पिता हरिराम यादव और हरेन्द्र यादव पिता हरिराम यादव, सभी निवासी ग्राम निवाही, थाना शाहगढ़, जिला सागर के रूप में हुई है।

पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर को भी जब्त कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्रवाई में थाना प्रभारी शाहगढ़ उप निरीक्षक संदीप खरे, उप निरीक्षक गणपत सिंह, सहायक उप निरीक्षक राजेश खरे, प्रधान आरक्षक अमित, जानकी, जय, हरिराम एवं संतोष राय तथा आरक्षक दिनेश, लखन, रवि, आर्यन और सुनील की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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सागर जिले में अवैध प्लॉटिंग करने वालों पर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, 12 अवैध कॉलोनाइजरों को नोटिस

सागर जिले में अवैध प्लॉटिंग करने वालों पर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, 12 अवैध कॉलोनाइजरों को नोटिस


तीनबत्ती न्यूज :15 अक्टूबर 2026

सागर । बिना सक्षम अनुमति के अवैध रूप से प्लॉटिंग कर कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ सागर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर न्यायालय से पारित आदेशों के तहत जिले के 12 अवैध कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर अवैध कॉलोनी के सभी चिन्हांकन और निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्धारित समय सीमा में आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित भूमि के खसरे के कॉलम नंबर 12 में ‘अहस्तांतरणीय’ दर्ज किया जाएगा और संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

बीना, रहली और राहतगढ़ में कार्रवाई

कलेक्टर न्यायालय की कार्रवाई में बीना तहसील के मौजा इटावा, रहली तहसील के ग्राम बमूराजैसिंह एवं रहलीखास तथा राहतगढ़ तहसील के मौजा मढ़ा की जमीनें शामिल हैं।

1. पटवारी हल्का नंबर 51, मौजा इटावा स्थित खसरा नंबर 512/1/9/2/1, रकबा 0.6360 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक जितेन्द्र कुमार पिता राजेन्द्र कुमार समैया, निवासी जवाहर वार्ड, बीना, तहसील बीना, जिला सागर 

2. पटवारी हल्का नंबर 51, मौजा इटावा स्थित खसरा नंबर 312/2/2, रकबा 0.20 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक रज्जन पिता मोतीलाल प्रजापति, निवासी कानूनगो वार्ड, बीना, तहसील बीना, जिला सागर 


3. पटवारी हल्का नंबर 51, मौजा इटावा स्थित खसरा नंबर 213/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1, रकबा 0.46 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक सतीश पिता मुन्नालाल साहू, निवासी कटरा वार्ड, बीना, तहसील बीना, जिला सागर 


4. पटवारी हल्का नंबर 51, मौजा इटावा स्थित खसरा नंबर 514/3/1/1/1, रकबा 0.78 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक प्रीति पिता देवेन्द्र ठाकुर, निवासी कानूनगो वार्ड, बीना, तहसील बीना, जिला सागर 


5. पटवारी हल्का नंबर 51, मौजा इटावा स्थित खसरा नंबर 441/2/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1, रकबा 0.92 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक राजेन्द्र सिंह पिता किशोर सिंह राजपूत, निवासी चन्द्रशेखर वार्ड, बीना, तहसील बीना, जिला सागर 


6. पटवारी हल्का नंबर 21, ग्राम बमूराजैसिंह, तहसील रहली स्थित खसरा नंबर 9/2/2/1/1/1, रकबा 0.2310 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक भरतसिंह पिता कोमलसिंह, निवासी ग्राम सेमरामाधों, तहसील रहली, जिला सागर


7. पटवारी हल्का नंबर 21, ग्राम बमूराजैसिंह, तहसील रहली स्थित खसरा नंबर 4/2/2/2/1/1/1, रकबा 0.4814 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक राकेश पिता हरिनारयण दुबे, निवासी वार्ड नंबर 09, रहली, तहसील रहली, जिला सागर


8. पटवारी हल्का नंबर 21, ग्राम बमूराजैसिंह, तहसील रहली स्थित खसरा नंबर 23/2/2/2, रकबा 0.30 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक गौरवसिंह एवं कृष्णकुमार पिता किशोर सिंह ठाकुर, दोनों निवासी वार्ड नंबर 01, रहली, तहसील रहली, जिला सागर 


9. पटवारी हल्का नंबर 20, ग्राम रहलीखास, तहसील रहली स्थित खसरा नंबर 252/81/1/1/1, रकबा 0.408 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक महादेव पिता श्यामलाल साहू, निवासी वार्ड नंबर 04, रहली, तहसील रहली, जिला सागर 


10. पटवारी हल्का नंबर 21, ग्राम बमूराजैसिंह, तहसील रहली स्थित खसरा नंबर 22/1/1/3/1/1/1/1/1/1/1, रकबा 0.1156 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक शैलेन्द्रसिंह पिता देवीसिंह ठाकुर, निवासी वार्ड नंबर 08, रहली, तहसील रहली, जिला सागर 


11. पटवारी हल्का नंबर 26, मौजा मढ़ा स्थित खसरा नंबर 8/6/1 एवं 8/6/2/2, रकबा क्रमशः 1.0115 हेक्टेयर एवं 0.6115 हेक्टेयर, कुल रकबा 1.6230 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक मोहम्मद इदरीश पिता अब्दुल हफीज एवं मोहम्मद इमदाद पिता अब्दुल हफीज, निवासी वार्ड क्रमांक 2, राहतगढ़, तहसील राहतगढ़, जिला सागर 


12. पटवारी हल्का नंबर 21, ग्राम बमूराजैसिंह, तहसील रहली स्थित खसरा नंबर 13/1/1/1/1/1/1, रकबा 2.76 हेक्टेयर भूमि पर अनावेदक महेशकुमार पिता अमृतलाल साहू, निवासी वार्ड नंबर 08, रहली, तहसील रहली, जिला सागर

जमीन की खरीद-बिक्री पर भी रोक

मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 के तहत संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि संबंधित भूमि के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के लिए उप-पंजीयक कार्यालय को सूची भेजी जाए। निर्धारित 15 दिवस की समय-सीमा में अनाधिकृत कॉलोनी के सभी चिन्हांकन और निर्माण नहीं हटाए जाने पर नियमानुसार निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित खसरे के कॉलम नंबर 12 में ‘अहस्तांतरणीय’ दर्ज करने तथा संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर की इस कार्रवाई से अवैध रूप से प्लॉटिंग और कॉलोनी विकसित करने वालों में हड़कंप की स्थिति है।

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सागर में भक्ति का महासागर, माता हरसिद्धि को चढ़ाई 1100 मीटर लंबी चुनरी, जयकारों से गूंजा शहर

सागर में भक्ति का महासागर, माता हरसिद्धि को चढ़ाई 1100 मीटर लंबी चुनरी, जयकारों से गूंजा शहर

• महिलाएं हाथों में चुनरी थामे पूरे रास्ते माता के जयकारे लगाती रहीं


तीनबत्ती न्यूज: 15 अक्टूबर, 2026

सागर। शारदीय नवरात्रि की पंचमी तिथी पर सागर में मां हरसिद्धि की आराधना के लिए भव्य चुनरी यात्रा निकाली गई। मां हरसिद्धि सेवा समिति, राजीव नगर वार्ड के आयोजन में 1100 मीटर लंबी चुनरी यात्रा ने शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए प्रसिद्ध बाघराज माता मंदिर तक का सफर तय किया। मंदिर पहुंचकर माता हरसिद्धि देवी को चुनरी अर्पित की गई।

चुनरी यात्रा के आयोजन विनोद प्रजापति ने बताया कि, यात्रा की शुरुआत राजीव नगर वार्ड स्थित हरसिद्धि माता मंदिर से हुई। इसके बाद यात्रा मोतीनगर चौराहा पहुंची और फिर चमेली चौक, रामबाग मंदिर, बड़ा बाजार, सराफा बाजार, इतवारा बाजार, केशवगंज, काकागंज, पंतनगर और संजय ड्राइव होते हुए बाघराज माता मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना।


हाथों में चुनरी, जुबां पर माता के जयकारे

चुनरी यात्रा में महिलाएं और श्रद्धालु 1100 मीटर लंबी चुनरी को हाथों में थामकर आगे बढ़ते रहे। रास्तेभर माता के भजन और जयकारे गूंजते रहे। यात्रा में अखाड़े, आकर्षक झांकियां, डीजे, बैंड पार्टी, रमतूला और ढिल-ढिल घोड़ी सहित विभिन्न पारंपरिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। सैकड़ों श्रद्धालुओं की भागीदारी से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।


जगह-जगह हुआ चुनरी यात्रा का स्वागत


यात्रा के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। मोतीनगर चौराहे पर यशवंत करोसिया और काली कमेटी की ओर से स्वागत किया गया। मोतीनगर क्षेत्र में पम्मा कसाई और फिरदौस कुरैशी ने भी स्वागत किया। सराफा तिराहे पर अभिराज सिंह ठाकुर की ओर से स्वागत किया गया।

प्रसन्न मेडिकल, रूबी पटेल, कमल प्रजापति, भरत माते, मुन्ना लाल, काली कमेटी काकागंज, कैप्टन पटेल, महेश पटेल, श्रीगोपालन कॉलोनी, राधाकृष्ण गार्डन, गोलू रिछारिया और पवन ठाकुर हॉस्पिटल की ओर से भी चुनरी यात्रा का स्वागत किया गया।

जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल

चुनरी यात्रा में विधायक शैलेंद्र जैन, अविराज सिंह ठाकुर, अशोक सिंह बामौरा, वैदिक वानखेड़े, अतुल नेमा, जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव, पूर्व विधायक सुनील जैन, प्रभुदयाल पटेल और पार्षद अनूप उर्मिल सहित अन्य लोग शामिल हुए।

आयोजन में मां हरसिद्धि सेवा समिति, राजीव नगर वार्ड की ओर से भगवती प्रसाद प्रजापति, संतोष प्रजापति, राजेश प्रजापति, विनोद प्रजापति, राजू पटेल लंबरदार, कैलाश प्रजापति, विट्टू प्रजापति, वेदांत, रोहित, अक्षत, दीपक, भूपेंद्र, राजकुमार प्रजापति, मोती प्रजापति, सचिन प्रजापति, रिंकू प्रजापति और मनोज पवार सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

नवरात्र की पंचमी पर निकली इस भव्य चुनरी यात्रा ने सागर में आस्था, परंपरा और सामूहिक सहभागिता का विशेष दृश्य प्रस्तुत किया। बाघराज माता मंदिर में 1100 मीटर लंबी चुनरी अर्पित कर श्रद्धालुओं ने माता हरसिद्धि के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

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भोपाल में दोहरे हत्याकांड के दोषी उपनिरीक्षक योगेश मरावी को दोहरा आजीवन कारावास

 भोपाल में दोहरे हत्याकांड के दोषी उपनिरीक्षक योगेश मरावी को दोहरा आजीवन कारावास

• पत्नी और साली की चाकू से हत्या के मामले में विशेष न्यायालय का फैसला, आर्म्स एक्ट में भी 3 साल का सश्रम कारावास



तीनबत्ती न्यूज: 15 अक्टूबर, 2026

भोपाल। पत्नी और साली की निर्मम हत्या के मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी उपनिरीक्षक योगेश कुमार मरावी को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 15 अक्टूबर 2026 को विशेष न्यायाधीश (ओएडब्ल्यू) श्रीमती सुचिता श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत दोनों हत्याओं के लिए अलग-अलग आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई गई है। आरोपी मंडला जिले में पदस्थ था। 

शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्रीमती सुधाविजय सिंह भदौरिया ने प्रकरण में पैरवी की।

घर में घुसकर चाकू से किया था हमला

अभियोजन के अनुसार, घटना 3 दिसंबर 2024 की है। इस दिन फरियादिया आर्या मंडावी को उसकी मौसी के घर काम करने वाली महिला सेवती ने फोन कर घटना की जानकारी दी थी। उसने बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे जब वह काम करने पहुंची और दरवाजा खटखटाया, तभी आरोपी योगेश मरावी चाकू लेकर घर में घुस गया। उसने महिला को अंदर आने से रोक दिया और दरवाजा बंद कर लिया।

कुछ देर बाद घर के अंदर से बचाओ-बचाओ की आवाजें सुनाई दीं। महिला ने पड़ोसियों के दरवाजे खटखटाए, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला। बाद में आरोपी घर से बाहर निकला, दरवाजे पर ताला लगाया और वहां से चला गया।

सूचना मिलने पर आर्या मंडावी अपने परिजनों के साथ मौसी के घर पहुंची। दरवाजा खोलकर अंदर जाने पर मेघा उईके और विनीता के शव कमरे के फर्श पर पड़े मिले। दोनों के पेट और शरीर के अन्य हिस्सों पर चाकू से हमले के गंभीर निशान थे और मौके पर काफी खून फैला हुआ था।

सुसाइड नोट, सीसीटीवी और फोरेंसिक साक्ष्य बने अहम

घटना की सूचना पर ऐशबाग थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 518/24 दर्ज कर जांच शुरू की। दोनों मृतकों के संबंध में अलग-अलग मर्ग कायम किए गए। विवेचना के दौरान आरोपी योगेश कुमार मरावी को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक सुसाइड नोट जब्त किया, जिसमें घटना को अंजाम देने का उल्लेख होने की बात अभियोजन ने न्यायालय में रखी। इसके अतिरिक्त घटनास्थल से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू जब्त किया गया। चाकू के प्रतिबंधित आकार-प्रकार का होने के कारण मामले में आर्म्स एक्ट की धारा 25 भी जोड़ी गई।

जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज डीवीआर सहित जब्त की गई। अभियोजन ने न्यायालय में गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, हस्तलिपि संबंधी साक्ष्य, दस्तावेजी साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रस्तुत किए।

न्यायालय ने सुनाई ये सजाएं

अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, लिखित तर्कों और न्यायिक दृष्टांतों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने आरोपी योगेश कुमार मरावी को दोषी ठहराया।

न्यायालय ने बीएनएस की धारा 103(1) के तहत दोनों हत्याओं के लिए दो अलग-अलग आजीवन कारावास की सजाएं सुनाईं। प्रत्येक मामले में 1,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। वहीं, आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत तीन वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया।

इस प्रकार पत्नी और साली की हत्या के मामले में आरोपी   उपनिरीक्षक को दोहरे आजीवन कारावास सहित आर्म्स एक्ट में भी सजा सुनाई गई।

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बुंदेलखंड का चमत्कारी अबार माता मंदिर! एक हजार साल पुराने मंदिर की अनोखी मान्यता, 75 फीट ऊंची चट्टान से जुड़ी है आस्था

बुंदेलखंड का चमत्कारी अबार माता मंदिर! एक हजार साल पुराने मंदिर की अनोखी मान्यता, 75 फीट ऊंची चट्टान से जुड़ी है आस्था

• मनोकामना के लिए उल्टा हाथ और मुराद पूरी होने पर सीधा हाथ रखने की परंपरा, आल्हा-ऊदल से भी जुड़ी है मंदिर की लोककथा


तीनबत्ती न्यूज: 15 अक्टूबर, 2026

सागर। बुंदेलखंड की धरती पर आस्था और लोकविश्वास की अनेक अनूठी परंपराएं देखने को मिलती हैं। इन्हीं में एक है अबार माता मंदिर, जहां करीब एक हजार साल पुराने मंदिर और 75 फीट ऊंची विशाल चट्टान से जुड़ी मान्यताएं श्रद्धालुओं को आकर्षित करती हैं। सागर-छतरपुर क्षेत्र और उत्तर प्रदेश की सीमा के आसपास प्रचलित इस धार्मिक परंपरा के प्रति लोगों में गहरी आस्था है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मुराद माता रानी पूरी करती हैं। यही वजह है कि दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। नवरात्रि पर देवी जी के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई है। 


75 फीट ऊंची चट्टान है मंदिर की खास पहचान

अबार माता मंदिर की सबसे खास विशेषता यहां मौजूद करीब 75 फीट ऊंची विशाल चट्टान है। इस चट्टान को लेकर स्थानीय लोगों के बीच एक अनोखी मान्यता प्रचलित है। कहा जाता है कि महाशिवरात्रि के अवसर पर चट्टान तिल भर बढ़ जाती है। इस दावे को लेकर लोगों में कौतूहल बना रहता है, हालांकि चट्टान के बढ़ने संबंधी मान्यता की वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के लिए यह चट्टान आस्था और विश्वास का महत्वपूर्ण केंद्र बनी हुई है।

उल्टे हाथ से मांगते हैं मन्नत, सीधे हाथ से जताते हैं आभार

अबार माता मंदिर की एक और अनूठी परंपरा श्रद्धालुओं का ध्यान खींचती है। यहां मनोकामना मांगते समय चट्टान पर उल्टा हाथ रखने की मान्यता है। वहीं, जब श्रद्धालु की मुराद पूरी हो जाती है, तो वह चट्टान पर सीधा हाथ रखकर माता के प्रति आभार व्यक्त करता है।मंदिर तक पहुँचने के लिए लगभग 50 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। यहाँ हर वर्ष वैशाख महीने में विशाल मेला लगता है।


स्थानीय धार्मिक विश्वास के अनुसार, इस परंपरा के माध्यम से भक्त अपनी मनोकामना माता के समक्ष रखते हैं और मुराद पूरी होने पर धन्यवाद देते हैं। निःसंतान दंपतियों के बीच भी माता के आशीर्वाद को लेकर विशेष आस्था बताई जाती है।

आल्हा-ऊदल से जुड़ी है मंदिर की स्थापना की लोककथा

बुंदेलखंड के वीर योद्धा आल्हा-ऊदल का नाम यहां की लोकगाथाओं में विशेष स्थान रखता है। अबार माता मंदिर की स्थापना को लेकर भी उनसे जुड़ी एक लोककथा प्रचलित है। कहा जाता है कि जंगल में रात्रि विश्राम के दौरान आल्हा-ऊदल को देवी के दर्शन हुए थे। इसके बाद उन्होंने यहां मंदिर का निर्माण कराया।

आस्था, लोकसंस्कृति और रहस्य का अनूठा संगम

अबार माता मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थल ही नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की लोकपरंपराओं और धार्मिक विश्वासों का भी प्रतीक है। करीब एक हजार साल पुराने मंदिर की मान्यता, विशाल चट्टान से जुड़ी लोककथा और मन्नत मांगने की अनोखी परंपरा इसे विशिष्ट पहचान देती है।

पीढ़ियों से चली आ रही इन मान्यताओं के कारण अबार माता मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां की परंपराएं बुंदेलखंड की उस सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश करती हैं, जिसमें लोककथाएं, धार्मिक विश्वास और जनआस्था एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।

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