Editor: Vinod Arya | 94244 37885

ज्ञानेश हटाओ–लोकतंत्र बचाओ: सागर में कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, वाटर कैनन का इस्तेमाल

ज्ञानेश हटाओ–लोकतंत्र बचाओ : कांग्रेस का कलेक्ट्रेट पर हल्ला बोल 

• कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान पुलिस ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल, कई कार्यकर्ता घायल होने का कांग्रेस का दावा

तीनबत्ती न्यूज:30 सितंबर 2026

सागर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित पक्षपातपूर्ण रवैये और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर जिला ग्रामीण एवं शहर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बुधवार को कलेक्ट्रेट का घेराव किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता की मांग को लेकर आक्रोश मार्च निकाला।

यह भी पढ़ें : MP: डाक विभाग में फर्जी मार्कशीट से नौकरी पाने वाले 8 अभ्यर्थी सेवा से बर्खास्त: CBI ने दर्ज किया केस : एक आरोपी सागर का

दोपहर करीब 1 बजे सिविल लाइंस स्थित कैंट शॉपिंग मॉल से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का पैदल मार्च शुरू हुआ। जुलूस कलेक्ट्रेट कार्यालय के पूर्व स्थित चंद्रा पार्क के पास पहुंचा, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया।कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने के दौरान पुलिस द्वारा वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई तथा कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं।



वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद भी प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शन स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “ज्ञानेश हटाओ–लोकतंत्र बचाओ” और “सरकार जब-जब डरती है, पुलिस को आगे करती है” जैसे नारे लगाए।



आठों विधानसभा क्षेत्रों से पहुंचे कांग्रेसजन

जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहासा ने कहा कि प्रदर्शन में जिले की सभी आठों विधानसभा क्षेत्रों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर किया गया है चुनावी निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान वाटर कैनन का इस्तेमाल लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।

जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि पार्टी की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तत्काल इस्तीफा दें।

यह भी पढ़ें: पूर्व निर्णयों पर कार्रवाई नहीं होने से निगमायुक्त की कार्यप्रणाली पर महापौर परिषद नाराज : शासन को भेजा जाएगा पत्र : मेयर संगीता तिवारी • महापौर परिषद के निर्णयों की लगातार हो रही अवहेलना, जनचौपाल में भी नहीं पहुंचे निगमायुक्त

ज्ञानेश कुमार के मुखौटे लगाए

प्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुखौटे लगाए हुए भी नजर आए। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के आसपास मौजूद रहे।



ये रहे शामिल

कांग्रेस के मुताबिक, कमलेश साहू (सुरखी), विक्रम ठाकुर और समीर खान सहित कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। पैदल मार्च एवं कलेक्ट्रेट घेराव कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी, प्रदेश कांग्रेस महासचिव रेखा चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष स्वदेश जैन, गुड्डू भैया, जगदीश यादव, राजकुमार पचौरी, पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी, संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी, रामकुमार पचौरी, अखिलेश मोनी केशरवानी, अभिषेक गौर, बब्बू यादव, नीरज शर्मा, माधवी चौधरी, राजकुमार धनोरा, पप्पू गुप्ता, कमलेश तिवारी, मनोज पवार, जितेंद्र रोहण, पी.पी. नायक, राकेश राय सहित कांग्रेस के विभिन्न मोर्चों एवं संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें: प्रो नागेश दुबे बने डॉ गौर विवि सागर के प्रभारी कुलपति

इसके अलावा बी.डी. पटेल, सिंटू कटारे, रिचा सिंह, किरण सोनी, संदीप चौधरी, सागर साहू, पार्षद ताहिर खान, शिव शंकर यादव, रोशनी वसीम खान, नीलोफर चमन अंसारी, ब्लॉक अध्यक्षों में नरेन्द्र मिश्रा, प्राण सिंह कुशवाह, पप्पू यादव, गजेंद्र लोधी, राजू पटेल, शिवराज सिंह ठाकुर, जानकी कुर्मी, यासीन खान, सोम तिवारी, रवि उमाहिया, देवेंद्र कुर्मी, भूपेंद्र सिंह राजपूत, शंकर सिंह लोधी, राजकिशोर दुबे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल हुए। नगर कांग्रेस एवं अन्य संगठनों से निशांत रिछारिया, रईस कुरैशी, लक्ष्मी कोरी, डॉ. मनोहर आठिया, प्रमिला सिंह राजपूत, संजय मोंटी यादव, मुकुल पुरोहित, जतिन चौकसे, संतोष सराफ, आर.आर. पारासर, चन्दभान दीवान, आनंद तोमर, भावसिंग यादव, प्रशांत समैया, अशोक परिहार, वीर सिंह चढ़ार, सतीश तिवारी, मीणा पवन पटेल, रेखा सोनी, उमा चौरसिया, मीरा अहिरवार, मनीष तिवारी, मीना पटेल, निलेश अहिरवार, मयंक ठक्कर, देवेंद्र नायक, धन सिंह अहिरवार, नंदकिशोर भारती, ठाकुरदास कोरी, विजय साहू, हीरालाल चौधरी, चक्रेश सिंघई, जितेंद्र चौधरी, बृजेंद्र मिश्रा, प्रेम नारायण विश्वकर्मा, श्याम करवरिया, पीयूष अवस्थी, पाशु भाई, राजा सेन, बंटी कोरी, प्रियंका पांडे, संजना कुर्मी, लोक राम विश्वकर्मा, रघुवीर यादव, श्रीकांत सराफ, ब्रती चंद्र जैन, जितेंद्र मिश्रा, चंद्रभान सिंह ठाकुर, डॉ. हेमंत लारिया, परम लोधी और महेंद्र ठाकुर सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।युवा कांग्रेस से विधानसभा अध्यक्ष अमन लोधी, प्रणव राजपूत, रोहित कुर्मी, नितिन बाजपेई, इदरीश खान, वीर सिंह लोधी, बबलू लोधी, हरीश कुमार सेन, पुरसोत्तम शिल्पी, दिनेश रावत, देव प्रशांत सिंह ठाकुर, नीरज बेगी, राकेश विश्वकर्मा, पुष्पेंद्र सिंह, नंदराम, गब्बर सिंह, हेम कुमारी कुर्मी, प्रेम नारायण अहिरवार, जय पाराशर, विजय पाराशर, चंदन सुहाने, मनोज राय, सुरेश रैकवार, विनोद रैकवार, संजय रोहिदास, जाहिद ठेकेदार, सीमा कमल चौधरी, अजय अहिरवार, मनोज गुप्ता, वीरेंद्र हिंडोरिया, सहेंद्र सिंह, राशिद खान, मदन सेन, जयराम खटीक, प्राण सिंह लोधी, युवराज राजा, हरविंदर सिंह बुंदेला, बद्री यादव, संतोष नामदेव, विक्रम सिंह ठाकुर, फहीम कुरैशी, शादाब मंसूरी, अब्बू कुरैशी, रिशु भाटेले, दीपक मिश्रा, अनिल बाल्मीकि, शिवम स्वामी, अनिल सोनी, विक्रम बुंदेलखंडी, इसाक खान, धर्मेंद्र बघेल, महेंद्र यादव, नारायण कुर्मी, कमलेश लोधी, सुरेंद्र गुर्जर, नरेश यादव, मजीद खान, महेंद्र सगोनिया, मुबारक खान, यशपाल ठाकुर, पप्पू पाटस्कर, मोती कुशबाहा, महेंद्र बकडा, राजू ठाकुर, दिनेश पटेल, हरिद्वार पटेल, वीरेंद्र पटेल, कैलाश पटेल, नरेश अहिरवार, इसरार खान, रत्नेश पटेल, रविंद्र लोधी, बिहारी कुशवाहा, वीरसिंह दीवान, विनोद विश्वकर्मा, कुंजीलाल आदिवासी, लल्ला यादव, खाटू शुक्ला, मुकुल अग्निहोत्री, लीलाधर सूर्यवंशी और समीर खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।



Share:

पूर्व निर्णयों पर कार्रवाई नहीं होने से निगमायुक्त की कार्यप्रणाली पर महापौर परिषद नाराज : शासन को भेजा जाएगा पत्र : मेयर संगीता तिवारी • महापौर परिषद के निर्णयों की लगातार हो रही अवहेलना, जनचौपाल में भी नहीं पहुंचे निगमायुक्त

पूर्व निर्णयों पर कार्रवाई नहीं होने से निगमायुक्त की कार्यप्रणाली पर महापौर परिषद नाराज : शासन को भेजा जाएगा पत्र : मेयर संगीता तिवारी

• महापौर परिषद के निर्णयों की लगातार हो रही अवहेलना, जनचौपाल में भी नहीं पहुंचे निगमायुक्त


तीनबत्ती न्यूज: 30 सितंबर 2026

सागर। नगर निगम सागर की महापौर परिषद की बैठक बुधवार को नवीन निगम भवन के सभाकक्ष में महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में नगर विकास, जनहित और निगम से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा के दौरान कई लंबित मामलों को लेकर महापौर परिषद ने निगमायुक्त की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्ति जताई।


बैठक में पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयों पर समय-सीमा में कार्रवाई नहीं होने को लेकर महापौर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पूर्व बैठकों में सात दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय में प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। महापौर ने इसे महापौर परिषद के निर्णयों की अवहेलना बताया।

महापौर ने कहा कि एमआईसी के कई महत्वपूर्ण जनहित के निर्णय अब भी लंबित हैं। पार्षदों की समस्याओं का भी अपेक्षित निराकरण नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि 'आपकी महापौर आपके द्वार' के तहत आयोजित किसी भी जनचौपाल कार्यक्रम में निगमायुक्त उपस्थित नहीं हुए।

सीएम और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाएगा पत्र

बैठक के दौरान महापौर ने निगमायुक्त की कार्यप्रणाली पर गंभीर नाराजगी जताते हुए कहा कि लगातार लिए जा रहे निर्णयों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में महापौर परिषद की ओर से मुख्यमंत्री, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं आयुक्त नगरीय प्रशासन, संभागायुक्त सागर तथा कलेक्टर सागर को पत्र भेजा जाएगा।


इसके बाद महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी बैठक से बाहर चली गईं। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उपस्थित एमआईसी सदस्यों ने भी इस मामले में गंभीर आपत्ति दर्ज कराई।

डेयरी विस्थापन पर भी उठे सवाल

बैठक में डेयरी विस्थापन की स्थिति की समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारी ने बताया कि कुल 155 डेयरियों में से 125 को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 35 डेयरी संचालकों ने जियो टैगिंग के प्रमाण के साथ पुनः आवेदन किया है।

एमआईसी सदस्य धर्मेन्द्र खटीक ने सवाल उठाया कि अभी तक सभी डेयरियों का विस्थापन क्यों नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों को भी प्लॉट आवंटित किए गए हैं, जिनके पास पशु नहीं हैं।

महापौर ने कहा कि डेयरी विस्थापन की कार्रवाई कागजों पर अधिक और धरातल पर कम दिखाई दे रही है। प्रत्येक बैठक में इस विषय पर चर्चा होती है, लेकिन अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए हैं।

इस पर निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने 15 दिनों के भीतर अपात्र आवंटनों को निरस्त करने की कार्रवाई करने की बात कही।


राजघाट डीसिल्टिंग के लिए समिति बनाने का सुझाव

राजघाट में डीसिल्टिंग कार्य की प्रगति पर भी चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि बड़े क्षेत्र में डीसिल्टिंग का काम पूरा किया जा चुका है, लेकिन वर्तमान में जलस्तर बढ़ने के कारण शेष कार्य प्रभावित हुआ है।एमआईसी सदस्य धर्मेन्द्र खटीक ने राजघाट डीसिल्टिंग कार्य की समीक्षा के लिए समिति गठित करने का सुझाव दिया।


प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्र हितग्राही सूची सार्वजनिक होगी

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों की सूची सार्वजनिक करने तथा निगम कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने का निर्णय लिया गया।

महापौर ने मल्टीलेवल पार्किंग, साबूलाल मार्केट सहित बड़े प्रोजेक्टों में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछली समीक्षा बैठक में इन कार्यों के संबंध में स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई थी, जबकि बाद की बैठक में दस्तावेज उपलब्ध होने की जानकारी सामने आई।

आवास योजना की हितग्राही ने पानी-बिजली की सुविधा नहीं मिलने की शिकायत की

बैठक के दौरान किशोर न्यायालय आवासीय योजना की हितग्राही स्वाति जैन ने उपस्थित होकर शिकायत की कि उन्हें आवास आवंटित हो चुका है, लेकिन आवासीय परिसर में पानी और बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है।

महापौर एवं एमआईसी सदस्यों ने कहा कि यदि पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी तो हितग्राही वहां रह कैसे पाएंगे।


जलभराव और हॉकर्स जोन का मुद्दा भी उठा

एमआईसी सदस्य श्रीमती संगीता जैन ने वृंदावन वार्ड के श्रीराम नगर एवं एमएलबी स्कूल के पास जलभराव की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने निगमायुक्त से समस्या के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित करने की मांग की। निगमायुक्त ने शीघ्र समस्या का निराकरण कराने का आश्वासन दिया।

सदस्य विनोद तिवारी एवं संगीता जैन ने हॉकर्स जोन में अब तक बोर्ड नहीं लगाए जाने का मुद्दा उठाया। महापौर ने कहा कि पिछली बैठक में सात दिवस के भीतर बोर्ड लगाने की बात हुई थी, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई।

एनकेप के अंतर्गत किए गए कार्यों की स्वीकृति और कार्यों की जानकारी एमआईसी को नहीं दिए जाने का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया।


परशुराम और लवकुश चौराहा निर्माण को लेकर भी नाराजगी

महापौर ने भगवान परशुराम चौराहा निर्माण के संबंध में अब तक कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में वापस भेजने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एमआईसी सदस्य राजकुमार पटैल ने लवकुश चौराहा निर्माण कार्य के लिए अब तक कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया। सदस्य रूपेश यादव ने टाटा पाइपलाइन डालने तथा अवैध नल कनेक्शनों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।


अवैध नल कनेक्शन पर जुर्माने का प्रस्ताव

बैठक में अवैध नल कनेक्शन पाए जाने पर घरेलू कनेक्शन के लिए 25 हजार रुपये और व्यावसायिक कनेक्शन के लिए 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के संबंध में चर्चा के बाद निर्णय लिया गया। संबंधित इंजीनियर ने एमआईसी को जानकारी दी कि पिछले माह 100 से अधिक अवैध नल कनेक्शन काटे गए हैं।


बीएलसी योजना की वित्तीय अनियमितताओं की जांच लंबित

बैठक में बीएलसी घटक योजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला भी प्रमुखता से उठा। महापौर परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 20 दिनांक 28 जनवरी 2025 और प्रस्ताव क्रमांक 12 दिनांक 25 जून 2026 में इस मामले में कार्रवाई के लिए निगमायुक्त को अधिकृत किया गया था।

बैठक में बताया गया कि लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होने के कारण 25 जून 2026 की बैठक में फिर मामले की समीक्षा की गई थी और 15 दिनों में कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई।


एमआईसी सदस्य विनोद तिवारी ने कहा कि जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है, जबकि इस मामले से जुड़े कई कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं और कुछ की मृत्यु भी हो चुकी है।


महापौर ने कहा कि निगमायुक्त द्वारा अब तक कार्रवाई से महापौर परिषद को अवगत नहीं कराया गया है और न ही मामले का उचित निराकरण किया गया है।

यह भी पढ़ें: प्रो नागेश दुबे बने डॉ गौर विवि सागर के प्रभारी कुलपति

सोलर एनर्जी और एनर्जी ऑडिट पर भी चर्चा

महापौर परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 15 दिनांक 25 जून 2026 के तहत नगर निगम के नवीन भवन सहित अन्य शासकीय भवनों पर पीपीपी मोड के माध्यम से सोलर एनर्जी सिस्टम लगाने की स्वीकृति दी गई थी। बैठक में इस प्रस्ताव पर अब तक कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठा। संबंधित उपयंत्री ने बताया कि ठेकेदार के टेंडर दस्तावेजों की शर्तों की समीक्षा की गई है। इसमें ठेका आवंटित होने के बाद प्रारंभिक भुगतान से संबंधित शर्त सामने आई है। निगम इस व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है।

निगमायुक्त ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार अनुबंध एमपीयूडीसी के माध्यम से किया जाएगा। महापौर ने कहा कि विद्युत बचत और निगम पर वित्तीय भार कम करने के लिए एनर्जी ऑडिट से संबंधित कई प्रस्ताव पहले भी हो चुके हैं, लेकिन लगभग एक वर्ष से इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने रीवा नगर निगम की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए सागर में भी इसी प्रकार कार्रवाई करने की बात कही। एमआईसी सदस्यों कंचन जड़िया, संगीता जैन और धर्मेन्द्र खटीक ने भी शीघ्र कार्रवाई का सुझाव दिया।

यह भी पढ़ें : MP: डाक विभाग में फर्जी मार्कशीट से नौकरी पाने वाले 8 अभ्यर्थी सेवा से बर्खास्त: CBI ने दर्ज किया केस : एक आरोपी सागर का

एल्डरमेन के मानदेय सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी

बैठक में नगरीय विकास एवं आवास विभाग की अधिसूचना के अनुसार नगर निगम में पार्षद के रूप में नामनिर्दिष्ट आठ एल्डरमेन के मानदेय भुगतान संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा कर स्वीकृति प्रदान की गई।


प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मेनपानी और कनेरादेव तथा राजीव आवास योजना के पायलट प्रोजेक्ट एवं छत्रसाल आवासीय कॉलोनी बाधाराज में पंजीयन राशि 20 हजार रुपये और अंशदान राशि 2 लाख रुपये वापस किए जाने संबंधी प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इस पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।

यह भी पढ़ें: MP Cabinet Decisions: अग्निवीरों को 20% आरक्षण : पुलिस आरक्षक सहित विशेष सशस्त्र बल,जेल प्रहरी,वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों •दमोह-कटनी मार्ग के निर्माण के लिए 4470.30 करोड़ रूपये की स्वीकृति •बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,052 करोड़ रूपये की मंजूरी •अतिथि शिक्षकों को मानदेय के लिए 5 हजार 329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अनुरूप उपविधि लागू करने पर भी सहमति बनी। इसके तहत नियमों का पालन नहीं करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माने की दर निर्धारित होने के बाद इसे लागू किया जाएगा।बैठक में महापौर परिषद की पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयों की भी समीक्षा की गई और लंबित मामलों में शीघ्र कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।

ये रहे शामिल

बैठक में महापौर परिषद सदस्य पं. विनोद तिवारी, रूपेश यादव, धर्मेन्द्र खटीक, राजकुमार पटैल, श्रीमती रेखा नरेश यादव, श्रीमती कंचन सोमेश जड़िया, श्रीमती संगीता शैलेष जैन, उपायुक्त एस.एस. बघेल, कार्यपालन यंत्री जितेन्द्र गुप्ता, सहायक यंत्री संजय तिवारी, उपयंत्री संयम चतुर्वेदी, आयुष शुक्ला, शिवेन्द्र सिंह, गौरव सिंह राजपूत, निगम सचिव मुन्नालाल रैकवार सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

Share:

प्रो नागेश दुबे बने डॉ गौर विवि सागर के प्रभारी कुलपति

प्रो नागेश दुबे बने डॉ गौर विवि सागर के प्रभारी कुलपति 

तीनबत्ती न्यूज: 30 सितम्बर, 2026

सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर में बुधवार शाम प्रशासनिक भवन में प्रो. नागेश दुबे को कुलपति का प्रभार सौंपा गया। विश्वविद्यालय के विजिटर के अनुमोदन के बाद भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रेषित पत्र के अनुपालन में निवर्तमान प्रभारी कुलपति प्रो. वाय. एस. ठाकुर ने प्रो. नागेश दुबे को कुलपति का प्रभार सौंपा।

यह भी पढ़ें : MP: डाक विभाग में फर्जी मार्कशीट से नौकरी पाने वाले 8 अभ्यर्थी सेवा से बर्खास्त: CBI ने दर्ज किया केस : एक आरोपी सागर का

प्रो. नागेश दुबे विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष हैं। इसके साथ ही वे सामाजिक विज्ञान अध्ययनशाला के अधिष्ठाता का दायित्व भी संभाल रहे हैं। प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व के विशेषज्ञ के रूप में प्रो. दुबे का अकादमिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके अनेक शोध-पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने विभिन्न विषयों पर पुस्तकों का भी लेखन किया है।


पुष्पगुच्छ भेंटकर किया स्वागत

कुलपति का प्रभार ग्रहण करने के अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रो. नागेश दुबे का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।


इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. एस. पी. उपाध्याय, संयुक्त कुलसचिव संतोष सोहगौरा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. डी. के. नेमा, प्रो. अशोक अहिरवार, प्रो. बी. के. श्रीवास्तव, प्रो. रतनेश दास, प्रो. राजेंद्र यादव, प्रो. आर. के. गंगेले, प्रो. मनविंदर सिंह पाहवा, प्रो. अजीत जायसवाल, उपकुलसचिव सतीश कुमार, डॉ. अनिल तिवारी, डॉ. पंकज तिवारी, डॉ. राकेश सोनी, डॉ. अभिषेक जैन, डॉ. सी.पी. उपाध्याय, डॉ. विवेक जायसवाल, डॉ. नवीन सिंह, डॉ. विवेक तिवारी, डॉ. अनुराग श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


प्रो. वाय. एस. ठाकुर ने साझा किए कार्यकाल के अनुभव

प्रभार सौंपे जाने के अवसर पर निवर्तमान प्रभारी कुलपति प्रो. वाय. एस. ठाकुर ने अपने कार्यकाल के अनुभव साझा किए। उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक एवं अकादमिक कार्यों में सभी के सहयोग से विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन संभव हुआ। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

प्रो. नागेश दुबे ने कहा- सभी के सहयोग से विश्वविद्यालय के विकास के लिए करेंगे प्रयास


कुलपति का प्रभार मिलने के बाद प्रो. नागेश दुबे ने कहा कि डॉ. हरीसिंह गौर के आशीर्वाद से उन्हें विश्वविद्यालय की सेवा करने का नए दायित्व के रूप में अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रगति और उत्तरोत्तर विकास के लिए वे सभी के सहयोग से हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।

यह भी पढ़ें: MP Cabinet Decisions: अग्निवीरों को 20% आरक्षण : पुलिस आरक्षक सहित विशेष सशस्त्र बल,जेल प्रहरी,वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों •दमोह-कटनी मार्ग के निर्माण के लिए 4470.30 करोड़ रूपये की स्वीकृति •बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,052 करोड़ रूपये की मंजूरी •अतिथि शिक्षकों को मानदेय के लिए 5 हजार 329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति

प्रो. दुबे के कुलपति का प्रभार संभालने के साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन में नई जिम्मेदारी का औपचारिक हस्तांतरण हुआ। विश्वविद्यालय परिवार ने उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

Share:

चुनाव आयोग अपनी साख खो चुका है : समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर • लोसपा प्रत्याशी उतारेगी मध्यप्रदेश में

चुनाव आयोग अपनी साख खो चुका है : समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर

• लोसपा प्रत्याशी उतारेगी मध्यप्रदेश में 


तीनबत्ती न्यूज 30 सितम्बर, 2026

सागर। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा) के संरक्षक एवं समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर ने कहा कि चुनाव आयोग अपनी साख खो चुका है। हाल की घटनाओं के बाद आमजन में सरकार और चुनाव प्रक्रिया के प्रति अविश्वास पैदा हुआ है। लोगों के बीच यह धारणा बनी है कि सरकार वोट चोरी और लूट के जरिए बनाई गई है। रघु ठाकुर बुधवार को सागर प्रवास के दौरान अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।


पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर उठाए सवाल

रघु ठाकुर ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां 93 लाख मतदाताओं के नाम काट दिए गए। उन्होंने कहा कि करीब 30 लाख मतदाताओं ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्राधिकरण के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए। उन्होंने दावा किया कि समिति की प्रारंभिक जांच में एक लाख मामलों में से 92 हजार मतदाताओं के नाम सही पाए गए, जबकि करीब आठ हजार मामलों में नाम सही नहीं मिले। ठाकुर ने कहा कि यदि यह आंकड़ा सही है तो एसआईआर के तहत हटाए गए नामों में बड़ी संख्या में नाम गलत तरीके से हटाए जाने की आशंका है और इससे पश्चिम बंगाल की चुनाव प्रक्रिया दूषित होने का सवाल उठता है। लोसपा संरक्षक ने कहा कि पार्टी ने राष्ट्रपति से मांग की है कि पश्चिम बंगाल की सरकार को भंग कर तीन माह में संबंधित मामलों का निराकरण कराया जाए और इसके बाद पुनः चुनाव कराए जाएं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में चुनाव में पार्टी हर जिले से एक उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। इसकी तैयारी संबंधी निर्देश दिए गए है। 


चुनाव आयोग से इस्तीफे की मांग

चुनाव आयोग से विपक्ष द्वारा इस्तीफा मांगे जाने के सवाल पर रघु ठाकुर ने कहा कि आयोग की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं। उन्होंने चुनाव आयोग पर करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं तो चुनाव की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठता है।

उन्होंने कहा, "ये चुनाव ही गलत हुए हैं।" ठाकुर ने चुनाव आयोग से जवाबदेही तय करने और इस्तीफा देने की मांग की।


पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेजों का विरोध

रघु ठाकुर ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेजों को पीपीपी मोड में देने के निर्णय का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिन मेडिकल कॉलेजों के भवन और आधारभूत ढांचे पर सरकार हजारों करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है, उन्हें निजी क्षेत्र को देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने चार मेडिकल कॉलेजों को पीपीपी मोड में देने का निर्णय बदला है, जिसका वे स्वागत करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को इसके लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होंने मांग की कि पीपीपी मोड में शुरू किए गए अन्य मेडिकल कॉलेजों को भी सरकार स्वयं संचालित करे। ठाकुर ने कहा कि पीपीपी मॉडल का प्रयोग सफल नहीं रहा है। उन्होंने दावा किया कि दो मेडिकल कॉलेजों के लिए टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन कोई सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि लोसपा पीपीपी मोड के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगी और कटनी तथा भिंड में आंदोलन जारी रहेंगे।

देश की चिकित्सा व्यवस्था पर चिंता

रघु ठाकुर ने देश की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने दिल्ली के एम्स में एक बच्ची की उपचार में कथित देरी का मामला उठाते हुए कहा कि बच्ची के हृदय में छेद था और ऑपरेशन के लिए परिजनों ने राशि जमा की थी, लेकिन लंबे इंतजार के बाद जब बच्ची को एम्स लाया गया तो उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को लंबे समय तक उपचार का इंतजार नहीं करना चाहिए। सरकार को अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर, संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि आम लोगों को समय पर उपचार मिल सके।

ध्वनि नियंत्रण के आदेशों को प्रभावी बनाने की मांग

रघु ठाकुर ने ध्वनि नियंत्रण को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा ध्वनि नियंत्रण कानून को लेकर आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर भोपाल सहित कई स्थानों पर तेज आवाज में डीजे बज रहे हैं। उन्होंने बैतूल में तेज डीजे की आवाज से छात्रा की मौत की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि तेज ध्वनि से होने वाले नुकसान को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से ऐसे आदेश जारी करने की अपील की, जिनका प्रभावी ढंग से पालन कराया जा सके।

ठाकुर ने कहा कि पुरानी कहावत थी—"जिसकी लाठी उसकी भैंस", लेकिन अब स्थिति ऐसी हो गई है कि "जिसकी भीड़ उसकी भैंस"। उन्होंने डॉक्टरों और पटवारियों की हड़ताल का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे आम आदमी की समस्याएं सामने आती हैं और शासन को जनता की बात सुनने की व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।

लोहिया पार्क के लिए पांच सदस्यीय समिति


रघु ठाकुर ने बताया कि लोहिया पार्क के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। प्रकाश चौबे को समिति का संयोजक बनाया गया है। समिति में सुनील, कपिल, रफीक गणी और राजेंद्र सिंह को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नगर निगम आयुक्त से चर्चा भी हुई है। ठाकुर ने कहा कि शहर के सभी पार्कों की निगरानी और बेहतर रखरखाव के लिए स्थानीय निवासियों की समितियां बनाई जानी चाहिए।


ब्रिक्स मेहमानों को राजघाट नहीं ले जाने पर सवाल

रघु ठाकुर ने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों को राजघाट नहीं ले जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार भारत में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि स्थल राजघाट नहीं ले जाया गया।उन्होंने इसे वैश्विक राजकीय परंपरा के विपरीत बताते हुए कहा कि भारत आने वाले विदेशी मेहमानों को राजघाट ले जाना लंबे समय से महत्वपूर्ण राजकीय शिष्टाचार का हिस्सा रहा है।

ठाकुर ने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन में फिनलैंड के राष्ट्रपति ने अपने संबोधन के दौरान 21 बार महात्मा गांधी का नाम लिया। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसरों पर भारत की गांधीवादी विरासत और राजघाट के महत्व को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

Share:

MP: डाक विभाग में फर्जी मार्कशीट से नौकरी पाने वाले 8 अभ्यर्थी सेवा से बर्खास्त: CBI ने दर्ज किया केस : एक आरोपी सागर का

MP: डाक विभाग में फर्जी मार्कशीट से नौकरी पाने वाले 8 अभ्यर्थी सेवा से बर्खास्त: CBI ने दर्ज किया केस : एक आरोपी सागर का 


तीनबत्ती न्यूज: 30 सितम्बर, 2026

जबलपुर। ग्रामीण डाक सेवक (GDS) भर्ती में कथित फर्जी 10वीं की अंकसूची का इस्तेमाल कर नौकरी हासिल करने के मामले में सागर जिले के राजा बाबू अहिरवार भी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच के घेरे में हैं। CBI ने जबलपुर डाक विभाग से जुड़े इस मामले में राजा बाबू अहिरवार समेत आठ अभ्यर्थियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि भर्ती के दौरान प्रस्तुत की गई शैक्षणिक अंकसूचियां संबंधित शिक्षा बोर्डों के सत्यापन में फर्जी पाई गईं। राजा बाबू अहिरवार सुरखी, जिला सागर के निवासी बताए गए हैं। उनकी नियुक्ति पाटन सब पोस्ट ऑफिस (जबलपुर) में ग्रामीण डाक सेवक के रूप में हुई थी। उपलब्ध जांच संबंधी जानकारी के मुताबिक उन्होंने जम्मू एंड कश्मीर स्टेट ओपन बोर्ड की अंकसूची प्रस्तुत की थी, जिसका सत्यापन संबंधित स्तर पर कराने के बाद उसे फर्जी बताया गया। 

10वीं के अंकों के आधार पर हुआ था GDS चयन

मामला ग्रामीण डाक सेवक भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। GDS भर्ती में अभ्यर्थियों की 10वीं कक्षा के अंकों के आधार पर चयन प्रक्रिया होती है। संबंधित भर्ती चक्र में अभ्यर्थियों ने डाक विभाग के पोर्टल पर अपनी सेल्फ-अटेस्टेड 10वीं की अंकसूची अपलोड की थी। इन्हीं दस्तावेजों में दर्ज अंकों और अन्य विवरणों के आधार पर चयन के बाद अभ्यर्थियों को अलग-अलग डाकघरों में नियुक्तियां दी गईं।

बाद में डाक विभाग ने अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत शैक्षणिक दस्तावेजों का संबंधित शिक्षा बोर्डों और सक्षम प्राधिकारियों से सत्यापन कराया। इसी प्रक्रिया में आठ अभ्यर्थियों की अंकसूचियों में गड़बड़ी सामने आने की बात जांच में सामने आई है। 


राजा बाबू अहिरवार की नियुक्ति पाटन डाकघर में हुई थी

जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार राजा बाबू अहिरवार निवासी सुरखी, सागर की नियुक्ति जुलाई 2024 के GDS भर्ती चक्र में पाटन सब पोस्ट ऑफिस, जबलपुर में डाक सेवक के पद पर हुई थी। रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने 6 नवंबर 2024 से 23 जुलाई 2025 तक सेवा की। बाद में उनके द्वारा प्रस्तुत शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया, जिसमें उनकी 10वीं की अंकसूची को फर्जी पाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। 

आठ अभ्यर्थी CBI के रडार पर

इस मामले में CBI ने जिन आठ अभ्यर्थियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, उनमें शामिल हैं—अभ्यर्थी निवासी नियुक्ति स्थल संबंधित अंकसूची

•मानवेंद्र सिंह सिकरवार मुरैना कुंडम बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड

• बद्री प्रसाद यादव , टीकमगढ़ संसारपुर, कटन मध्य प्रदेश राज्य ओपन

• देवेंद्र सिंह चौहान देवास उमरिया पान जम्मू एंड कश्मीर स्टेट ओपन

• राजा बाबू अहिरवार सुरखी, सागर पाटन, जबलपुर जम्मू एंड कश्मीर स्टेट ओपन

• रमाकांत शर्मा मुरैना मोहतरा, कटनी बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड

• प्रदीप खरे मुरैना कुड़ारी-उमरिया बरेला बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड

• सौरभ शर्मा मुरैना पाटन बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड

• नयन कुमार बिहार रामखिरिया-शहपुरा झारखंड एकेडमिक काउंसिल

इनमें पांच अभ्यर्थियों की पोस्टिंग जबलपुर और तीन की कटनी जिले में हुई थी। 

अलग-अलग राज्यों के बोर्ड की अंकसूचियों का इस्तेमाल

मामले की खास बात यह है कि कथित तौर पर फर्जी पाई गई अंकसूचियां अलग-अलग राज्यों के ओपन एवं शिक्षा बोर्डों से संबंधित थीं।

जांच में सामने आए बोर्डों में—बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड, मध्य प्रदेश राज्य ओपन स्कूल, जम्मू एंड कश्मीर स्टेट ओपन, झारखंड एकेडमिक काउंसिल के नाम सामने आए हैं।

इससे जांच एजेंसी को यह पता लगाने का आधार मिला है कि क्या इन दस्तावेजों को तैयार कराने और भर्ती में इस्तेमाल कराने के पीछे एक से अधिक लोगों का नेटवर्क था। हालांकि इस नेटवर्क की पूरी तस्वीर CBI की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी

18 सितंबर को डाक विभाग ने की CBI से शिकायत

मामले में जबलपुर सब डिवीजन नंबर-1 के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पोस्ट लवकुश पारेते की ओर से 18 सितंबर 2026 को CBI को लिखित शिकायत दिए जाने की जानकारी सामने आई है। शिकायत में आठ अभ्यर्थियों द्वारा कथित तौर पर फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति हासिल करने की जानकारी दी गई। इसके बाद CBI ने मामले की जांच शुरू करते हुए आठों अभ्यर्थियों तथा अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। 

सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच

मामला केवल आठ अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं रहने के संकेत हैं। शिकायत में यह आशंका भी जताई गई है कि कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कराने, उन्हें हासिल करने या भर्ती प्रक्रिया में इस्तेमाल कराने में अन्य सरकारी कर्मचारियों की भूमिका हो सकती है।

CBI अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित फर्जी अंकसूचियां कहां तैयार हुईं? इन्हें अभ्यर्थियों तक किसने पहुंचाया? भर्ती पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं? दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत हुई? क्या इस मामले से जुड़े और भी अभ्यर्थी हैं?

जांच एजेंसी दस्तावेजों और नियुक्ति रिकॉर्ड के आधार पर इन बिंदुओं की पड़ताल कर रही है। 


आठों की सेवाएं पहले ही समाप्त की जा चुकी हैं


सत्यापन के दौरान दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आने के बाद डाक विभाग ने संबंधित आठ अभ्यर्थियों की सेवाएं समाप्त कर दी थीं। इसके बाद मामला CBI तक पहुंचा और अब आपराधिक जांच चल रही है।  राजा बाबू अहिरवार की सेवा अवधि भी उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक करीब नौ महीने रही। उनकी नियुक्ति 6 नवंबर 2024 को हुई थी और 23 जुलाई 2025 तक सेवा में रहे। 


Share:

MP Cabinet Decisions: अग्निवीरों को 20% आरक्षण : पुलिस आरक्षक सहित विशेष सशस्त्र बल,जेल प्रहरी,वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों •दमोह-कटनी मार्ग के निर्माण के लिए 4470.30 करोड़ रूपये की स्वीकृति •बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,052 करोड़ रूपये की मंजूरी •अतिथि शिक्षकों को मानदेय के लिए 5 हजार 329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति

MP Cabinet Decisions: अग्निवीरों को 20% आरक्षण : पुलिस आरक्षक सहित विशेष सशस्त्र बल,जेल प्रहरी,वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों 

•दमोह-कटनी मार्ग के निर्माण के लिए 4470.30 करोड़ रूपये की स्वीकृति

•बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,052 करोड़ रूपये की मंजूरी

•अतिथि शिक्षकों को मानदेय  के लिए 5 हजार 329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति

तीनबत्ती न्यूज:29 सितंबर 2026

सागर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के समग्र विकास और जनहित को गति देने के लिए करीब 24,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। बैठक में युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, ग्रामीण विकास और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।


अग्निवीरों को वर्दीधारी सेवाओं में 20 प्रतिशत आरक्षण

मंत्रि-परिषद ने अग्निवीरों को प्रदेश की विभिन्न वर्दीधारी सेवाओं में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया है। यह आरक्षण पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर लागू होगा।निर्णय के अनुसार गृह विभाग के आरक्षक (सामान्य ड्यूटी) पदों पर होमगार्ड को 10 प्रतिशत, भूतपूर्व सैनिक को 5 प्रतिशत और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। विशेष सशस्त्र बल में भी यही व्यवस्था रहेगी।

जेल प्रहरी के पद पर होमगार्ड को 15 प्रतिशत, भूतपूर्व सैनिक को 5 प्रतिशत और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। वन रक्षक के पद पर होमगार्ड को 15 प्रतिशत, भूतपूर्व सैनिक को 5 प्रतिशत और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत, जबकि आबकारी आरक्षक के पद पर होमगार्ड को 10 प्रतिशत, भूतपूर्व सैनिक को 5 प्रतिशत और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।

अतिथि शिक्षकों के लिए 5,329 करोड़ रुपये

मंत्रि-परिषद ने अतिथि शिक्षकों के मानदेय से संबंधित योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। प्रदेश के सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों के माध्यम से अध्यापन कराया जाता है। वर्तमान में प्रदेश में 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं।


कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को गणवेश की राशि

सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गणवेश के लिए राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों और पालकों के खातों में उपलब्ध कराने के लिए 348 करोड़ 7 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए होगी।

सागर की बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना को 1,052 करोड़

सागर जिले के बण्डा क्षेत्र के ग्राम उल्दन में धसान नदी पर प्रस्तावित बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 1,052 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

परियोजना का उद्देश्य बांध निर्माण और सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से सागर जिले में करीब 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।


दमोह-कटनी फोरलेन के लिए 4,470 करोड़

मंत्रि-परिषद ने 105.10 किलोमीटर लंबे दमोह-कटनी मार्ग को पेव्ड शोल्डर सहित चार-लेन बनाने के लिए 4,470 करोड़ 30 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के आधार पर किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 3,245 करोड़ रुपये

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की तीन योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए कुल 3,245 करोड़ 80 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण के लिए 3,113 करोड़ 27 लाख रुपये, ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम के सुदृढ़ीकरण के लिए 20 करोड़ 90 लाख रुपये और औषधि नियंत्रण योजना के लिए 111 करोड़ 63 लाख रुपये शामिल हैं।


सिंगरौली में 605 बिस्तरीय जिला अस्पताल


सिंगरौली जिला चिकित्सालय को 450 से बढ़ाकर 605 बिस्तरीय करने के लिए 372 करोड़ 12 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इसमें अतिरिक्त 155 बिस्तरों के साथ आंतरिक एवं बाहरी विकास कार्य, बायोमेडिकल उपकरण और अस्पताल फर्नीचर आदि शामिल हैं।


छिन्दवाड़ा मेडिकल साइंसेज अस्पताल के लिए 953.69 करोड़


छिन्दवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल और अन्य भवनों के निर्माण तथा संबंधित सेवाओं और बाहरी विकास कार्यों के लिए 953 करोड़ 69 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

दतिया और नीमच की सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी

दतिया जिले की मां रतनगढ़ बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 1,608.02 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। परियोजना से करीब 78,484 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

नीमच की रामपुरा-मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए 524 करोड़ 65 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। इससे गांधीसागर जलाशय से पानी उठाकर करीब 65,400 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित की जा रही है।


उज्जैन की कान्ह डायवर्सन परियोजना के लिए 358 करोड़

सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन की कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना के निरंतर संचालन के लिए 358 करोड़ 22 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। परियोजना का उद्देश्य प्रदूषित कान्ह नदी के पानी को शिप्रा नदी में मिलने से रोकना है। इसके लिए करीब 30.15 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग और ढकी नहर के माध्यम से पानी को गंभीर नदी की ओर मोड़ने की योजना है।

ग्रामीण विकास निधि के लिए 3,580 करोड़


भूमि के अंतरण पर उपकर को ग्रामीण विकास निधि में स्थानांतरित करने की योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 3,580 करोड़ 22 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की विकास परियोजनाओं में किया जाएगा।

विमुक्त और घुमन्तु समुदायों के लिए एक रुपये किलो खाद्यान्न

विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग के छात्रावासों, आश्रमों और सामुदायिक कल्याण केंद्रों में रहने वाले लोगों को एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई है।

हथकरघा विभाग में 12 नए पद

मऊगंज, छिन्दवाड़ा, मैहर और टीकमगढ़ जिलों में नए जिला हाथकरघा कार्यालय स्थापित करने के लिए प्रत्येक जिले में तीन-तीन, कुल 12 नए पद सृजित किए जाएंगे। हथकरघा संचालनालय के लिए 2 करोड़ 41 लाख रुपये की स्वीकृति भी दी गई है।

विधि विभाग की 14 योजनाओं के लिए 1,342 करोड़

विधि एवं विधायी कार्य विभाग की 14 प्रमुख योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 1,342 करोड़ 48 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

इसमें उच्च न्यायालय भवन एवं आवासीय परिसर के लिए 372 करोड़ रुपये, महाधिवक्ता कार्यालय के लिए 357 करोड़ 77 लाख रुपये और राज्य न्यायिक अकादमी भवन के लिए 200 करोड़ रुपये सहित अधिवक्ता कल्याण, एडीआर सेंटर, लोक अदालत तथा आईटी और पुस्तकालय सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्य शामिल हैं।


न्यायालयों में प्रोसेस सर्वर योजना के लिए 622 करोड़

अधीनस्थ न्यायालयों में न्यायालयीन पत्रों की तामिली से जुड़े प्रोसेस सर्वर के वेतन, भत्तों और यात्रा देयकों के लिए योजना को 2026 से 2031 तक जारी रखने हेतु 622 करोड़ 37 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

वनोपज और खनिज परिवहन की नई दरें

मंत्रि-परिषद ने वनोपज एवं खनिज वनोपज के परिवहन के लिए अभिवहन शुल्क और एनओसी शुल्क की नई दरों को भी मंजूरी दी। सामान्य वनोपज के परिवहन के लिए एक घनमीटर तक 200 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त घनमीटर के लिए 100 रुपये अतिरिक्त देय होंगे।

खनिज वनोपज की पहली श्रेणी में शामिल लाइम स्टोन, डोलोमाइट, मैंगनीज अयस्क, कॉपर अयस्क, कोयला, क्वार्ट्ज, सिलिका सैंड सहित अन्य खनिजों के परिवहन पर 81 रुपये प्रति टन शुल्क होगा। दूसरी श्रेणी में फ्लैग स्टोन, ग्रेनाइट, मार्बल और मिट्टी पत्थर के लिए 52 रुपये प्रति टन शुल्क निर्धारित किया गया है।


न्यायालय भवनों के लंबित कार्यों के लिए 691 करोड़

केन्द्र प्रवर्तित योजना 'न्यायालय भवनों का निर्माण' के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों के लंबित दायित्वों में भारत सरकार की निर्धारित अधिकतम व्यय सीमा से अधिक की 691 करोड़ 1 लाख रुपये की राशि का भुगतान राज्य योजना में उपलब्ध राशि से किए जाने की अनुमति भी मंत्रि-परिषद ने दी।


बैठक में लिए गए इन निर्णयों में युवाओं के रोजगार अवसर, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क और ग्रामीण एवं न्यायिक अधोसंरचना से संबंधित योजनाओं को आगामी वर्षों में जारी रखने और विस्तार देने पर विशेष जोर दिया गया।

Share:

‘फिर छिड़ी बात, रात फूलों की’ में आर्केस्ट्रा रिदम की शानदार संगीतमय प्रस्तुति

फिर छिड़ी बात, रात फूलों की’ में गीत-गजलों की सजी महफिल, आर्केस्ट्रा रिदम की शानदार प्रस्तुतियां

तीनबत्ती न्यूज: 27 सितंबर 2026

सागर। सागर के वरदान होटल सभागार में ‘फिर छिड़ी बात, रात फूलों की’ कार्यक्रम के तहत आर्केस्ट्रा रिदम का रंगारंग संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किया गया। आर्केस्ट्रा रिदम के संस्थापक एवं निर्देशक राजू पांडे के निर्देशन में कलाकारों ने फिल्मी गीतों और गजलों की शानदार प्रस्तुतियां देकर संगीतप्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों के.के. बक्शी, डॉ. रेखा बक्शी, पं. अजय दुबे, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष एडवोकेट अंकलेश्वर दुबे, संस्कृतिविद डॉ. कविता मुन्ना शुक्ला, अजय श्रीवास्तव सर और पंकज दीक्षित ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम में के.के. बक्शी द्वारा रचित, राजू पांडे द्वारा संगीतबद्ध और डॉ. रेखा बक्शी द्वारा गाए गए ‘हम हैं मध्यप्रदेशी’ गीत का प्रसारण भी किया गया।

इसके बाद आर्केस्ट्रा रिदम के कलाकार अमित श्रीवास्तव, मो. शरीफ कुरैशी, बृजेश शांडिल्य, श्रृद्धिका ठाकुर, अनुष्का ठाकुर, काव्या मिश्रा और मोहन रैकवार ने विभिन्न फिल्मी गीतों और गजलों की प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में राजू पांडे द्वारा प्रस्तुत ‘मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम’ गीत को श्रोताओं ने विशेष रूप से सराहा।

कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन श्रीमती शशि दीक्षित ‘मृगांक’ ने किया। अंत में के.के. बक्शी ने सभी अतिथियों, कलाकारों और उपस्थित संगीतप्रेमियों का आभार व्यक्त किया।

Share:

चुनाव आयोग पर कांग्रेस के आरोपों को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत का पलटवार, बोले- भ्रम फैलाकर लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास

चुनाव आयोग पर भ्रम फैलाकर लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रही कांग्रेस : जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत



तीनबत्ती न्यूज: 28 सितंबर 2026

सागर। जिला पंचायत अध्यक्ष एवं भाजपा नेता हीरा सिंह राजपूत ने कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। सागर में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है और उसकी विश्वसनीयता बनाए रखना सत्ता पक्ष तथा विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है।

राजपूत ने कहा कि राजनीतिक असफलता का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने के बजाय कांग्रेस को अपने राजनीतिक प्रदर्शन का आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग की किसी प्रक्रिया या निर्णय को लेकर कांग्रेस को आपत्ति है तो उसके लिए संवैधानिक और न्यायिक रास्ते खुले हैं।

ये रहे शामिल

पत्रकार वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, जिला महामंत्री चेतराम अहिरवार, पूर्व जिला अध्यक्ष हरिराम सिंह तथा वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. वीरेंद्र पाठक मौजूद रहे। संचालन जिला मीडिया प्रभारी श्रीकांत जैन ने किया तथा आभार जिला मीडिया सह प्रभारी आलोक केशरवानी ने व्यक्त किया।

एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप

हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को हुई बैठक के बाद स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने दावा किया कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने बैठक में अपनी बात रखी और आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई। इसके बावजूद कांग्रेस द्वारा इस विषय पर लगातार भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को आयोग के किसी निर्णय पर आपत्ति है तो वह सुप्रीम कोर्ट सहित संबंधित संवैधानिक मंचों पर अपना पक्ष रख सकती है। उनके अनुसार, जनता के बीच आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के साथ अपनी बात रखी जानी चाहिए।

फॉर्म-6 के जरिए पात्र नागरिकों को नाम जुड़वाने की व्यवस्था


राजपूत ने कहा कि एसआईआर के संबंध में चर्चा करते समय मतदाता सूची में पात्र नागरिकों को शामिल कराने की व्यवस्था को भी समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का दायित्व पात्र नागरिकों का मताधिकार सुनिश्चित करना और मतदाता सूची को व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाए रखना है।


ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस पर निशाना


भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से अलग-अलग चुनावों के बाद ईवीएम तथा निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2024 के चुनावों के संदर्भ में भी कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि आरोपों को ठोस प्रमाणों के साथ सामने रखा जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब वर्ष 2014 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब भी निर्वाचन आयोग वही संवैधानिक संस्था थी। उनके अनुसार, लोकतंत्र में जनता अपने मत के माध्यम से राजनीतिक दलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है और जनता का निर्णय ही अंतिम होता है।


राहुल गांधी से बयानों पर माफी की मांग

हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद लोकतंत्र में महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी वाला पद है। उन्होंने कहा कि इस पद पर बैठे व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह तथ्यों और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप अपनी बात रखे।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगातार लगाए जा रहे आरोप जनता के बीच भ्रम पैदा करते हैं। राजपूत ने राहुल गांधी और कांग्रेस से अपने बयानों पर देश से माफी मांगने की मांग की।

कांग्रेस को राजनीतिक स्थिति का आत्ममंथन करना चाहिए : राजपूत


राजपूत ने कहा कि कांग्रेस को चुनावों में अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिलने के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सहित विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता अपने मत के माध्यम से राजनीतिक दलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है। उन्होंने कहा कि अपनी राजनीतिक कमियों के लिए निर्वाचन आयोग या ईवीएम को जिम्मेदार ठहराने के बजाय कांग्रेस को जनता के बीच अपने प्रदर्शन और संगठन की स्थिति पर विचार करना चाहिए।

संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना जरूरी

राजपूत ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठा सकता है और उसकी आलोचना कर सकता है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते समय ठोस तथ्य सामने रखना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के पास कोई तथ्य या शिकायत है तो उसे संबंधित संवैधानिक मंच पर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग, सुप्रीम कोर्ट और संसद लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं और उनकी गरिमा एवं विश्वसनीयता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

Share:

www.Teenbattinews.com

Archive